🔴 ब्रेकिंग
TMC ऑफिस पर ताला: ममता के खिलाफ ऋतब्रत का विद्रोह|पुरानी झाड़ू हटाएं और बढ़ाएं बैंक बैलेंस|दिग्विजय सिंह राम मंदिर चंदा वापस लेंगे कोर्ट में|वैभव सूर्यवंशी का न्यू चैप्टर पोस्ट डेब्यू या सरप्राइज|शोहरत की कीमत: आलिया की ट्रोलिंग पर महेश भट्ट|उत्तर-पश्चिम भारत में तेज बारिश, मॉनसून अपडेट|मानसून में राजस्थान की 5 सबसे खूबसूरत जगहें|फ्रांस ने अमेरिका को दिया स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी गिफ्ट|राम मंदिर ट्रस्ट की छह जुलाई बैठक, इस्तीफों पर विचार|खामेनेई के जनाजे में राष्ट्रपति का दर्द भरा रोना|TMC ऑफिस पर ताला: ममता के खिलाफ ऋतब्रत का विद्रोह|पुरानी झाड़ू हटाएं और बढ़ाएं बैंक बैलेंस|दिग्विजय सिंह राम मंदिर चंदा वापस लेंगे कोर्ट में|वैभव सूर्यवंशी का न्यू चैप्टर पोस्ट डेब्यू या सरप्राइज|शोहरत की कीमत: आलिया की ट्रोलिंग पर महेश भट्ट|उत्तर-पश्चिम भारत में तेज बारिश, मॉनसून अपडेट|मानसून में राजस्थान की 5 सबसे खूबसूरत जगहें|फ्रांस ने अमेरिका को दिया स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी गिफ्ट|राम मंदिर ट्रस्ट की छह जुलाई बैठक, इस्तीफों पर विचार|खामेनेई के जनाजे में राष्ट्रपति का दर्द भरा रोना|
Thursday, 16 July 2026
मौसम

वेनेजुएला भूकंप: 1430 मौतें, हजारों विस्थापित

author
Komal
संवाददाता
📅 28 June 2026, 6:45 AM ⏱ 1 मिनट 👁 338 views
वेनेजुएला भूकंप: 1430 मौतें, हजारों विस्थापित
📷 aarpaarkhabar.com

वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप ने पूरे देश को तबाह कर दिया है। इस भयंकर प्राकृतिक आपदा में अब तक 1430 लोगों की जान जा चुकी है। मलबे में दबे शरीरों को निकालने का काम अभी भी जारी है। हर घंटे मौत के आंकड़े बढ़ रहे हैं। घायलों से भरे अस्पताल अब संकट में आ गए हैं। डॉक्टर और नर्सें रात दिन काम कर रहे हैं, लेकिन इतने घायलों को संभालना उनके लिए असंभव हो गया है।

भूकंप की तीव्रता इतनी थी कि पूरे शहर की इमारतें जमीन पर गिर गईं। सड़कें टूटी हुई हैं। बिजली की लाइनें धराशायी हो गईं। पानी की आपूर्ति भी बंद हो गई है। हजारों लोग खुले आसमान के नीचे रह गए हैं। उन्हें खाना नहीं मिल रहा। पीने का पानी भी नहीं मिल पा रहा है। बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।

वेनेजुएला के शहरों में तबाही

वेनेजुएला के प्रमुख शहर पूरी तरह तबाह हो गए हैं। कराकास जैसे बड़े शहरों में हजारों मकान ढह गए हैं। लोगों की आवाजें मलबे के नीचे से आ रही हैं। बचाव दल उन्हें निकालने में लगे हैं। लेकिन भारी मशीनरी की कमी के कारण काम धीरे चल रहा है। स्थानीय लोग अपने हाथों से मलबा हटा रहे हैं। कई जगह ताकतवर भूकंपीय झटके दोबारा आ गए हैं। इससे और भी नुकसान हुआ है।

शहरों के अस्पताल भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बहुत से रोगियों को खुली जगह पर इलाज करना पड़ रहा है। दवाइयों की भी कमी है। अंतर्राष्ट्रीय संगठन और दूसरे देश मदद भेजने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन यह आपातकालीन स्थिति है। जरूरत के मुकाबले सहायता कम है।

तीन हजार से अधिक लोग विस्थापित

भूकंप की वजह से तीन हजार से अधिक लोग अपने घरों से विस्थापित हो गए हैं। ये लोग इधर-उधर भटक रहे हैं। उन्हें पता नहीं है कि वे कहां रहेंगे। सरकार ने कुछ शरणार्थी शिविर बनाए हैं। लेकिन वहां भी सुविधाएं सीमित हैं। खाने का इंतजाम नहीं है। सफाई की व्यवस्था नहीं है। बीमार बच्चे रो रहे हैं। बुजुर्गों को दिल की बीमारियां हो रही हैं।

कई परिवार अपने प्रियजनों को ढूंढ रहे हैं। उन्हें पता नहीं कि उनके परिवार के सदस्य जिंदा हैं या मर गए। अस्पताल में घायलों की लंबी सूची है। उन्हें पहचानना मुश्किल हो गया है। स्थानीय अधिकारी शव पहचान के लिए डीएनए टेस्टिंग की व्यवस्था कर रहे हैं। लेकिन यह प्रक्रिया समय लेती है।

सरकार ने आपातकाल घोषित कर दिया है। सेना को बचाव अभियान में लगा दिया गया है। सड़कें साफ की जा रही हैं। लोगों को पीने का पानी बांटा जा रहा है। लेकिन अभी भी कई इलाकों तक मदद नहीं पहुंची है। दूर-दराज के गांवों में लोग अकेले रह गए हैं। उन्हें बाहरी दुनिया से कोई खबर नहीं मिल रही।

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की मदद

भारत सहित कई देश वेनेजुएला को मदद भेज रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी अपील जारी की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन चिकित्सा सहायता प्रदान कर रहा है। लाल क्रॉस की टीमें घायलों की देखभाल कर रहीं। लेकिन इतनी बड़ी आपदा में सबकी मदद कम पड़ रही है।

वेनेजुएला के राष्ट्रपति ने दूसरे देशों से तत्काल सहायता मांगी है। वे कहना चाहते हैं कि यह समय इंसानियत दिखाने का है। राजनीतिक मतभेद भूल कर सभी को एक साथ आना चाहिए। लेकिन वास्तविकता यह है कि राहत कार्य बहुत धीरे गति से चल रहा है।

अब तक पड़ोसी देशों ने भी अपनी टीमें भेजी हैं। कोलंबिया और ब्राजील के बचाव दल मलबा हटाने में मदद कर रहे हैं। यूरोपीय देशों ने रुपये की राहत राशि दी है। लेकिन इस विनाश के आगे सब कुछ अधूरा लगता है।

भविष्य में वेनेजुएला के फिर से खड़े होने का सवाल बहुत कठिन है। हजारों लोग विस्थापित हैं। उनके घर नष्ट हो गए हैं। नौकरियां चली गईं। शिक्षा प्रणाली भी बर्बाद हुई है। यह एक लंबी और कठिन यात्रा होगी। लेकिन मानवता की शक्ति अदभुत है। समय के साथ वेनेजुएला फिर से उठ खड़ा होगा। इसी आशा के साथ लोग अपने प्रयास जारी रखे हुए हैं।