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Sunday, 13 September 2026
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वेनेजुएला भूकंप: मृतक 900 पार, बचाव अभियान

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Komal
संवाददाता
📅 27 June 2026, 5:46 AM ⏱ 1 मिनट 👁 473 views
वेनेजुएला भूकंप: मृतक 900 पार, बचाव अभियान
📷 aarpaarkhabar.com

वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस भीषण प्राकृतिक आपदा में अब तक 900 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। हजारों लोग मलबे के नीचे दबे हुए हैं और बचाव दल चौबीसों घंटे उन्हें निकालने के लिए जरूरत मंद कोशिशें कर रहे हैं। यह त्रासदी पिछले कई दशकों में वेनेजुएला के लिए सबसे बड़ी आपदा साबित हुई है।

भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.8 मापी गई थी। कराकास सहित कई प्रमुख शहरों में इमारतें गिर गईं। सड़कें टूट गईं और बुनियादी ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। अस्पतालें अपनी क्षमता से अधिक घायलों को संभालने की कोशिश कर रहे हैं। चिकित्सा सामग्री की भारी कमी है और डॉक्टरों के पास घायलों को बचाने के लिए सीमित संसाधन हैं।

मलबे में अपनों को तलाश रहे लोग

वेनेजुएला की राजधानी कराकास और इसके आसपास के इलाकों में भीड़ उमड़ी हुई है। हजारों परिवार मलबे के ढेर में अपने प्रियजनों को खोज रहे हैं। बुजुर्ग माता-पिता अपने बच्चों के लिए रो रहे हैं। पत्नियां अपने पतियों को पुकार रही हैं। बच्चों की दिल दहलाने वाली चीखें सुनाई दे रही हैं। यह दृश्य किसी को भी भावुक कर सकता है। बचाव दल कुत्तों के साथ मलबे में तलाश कर रहे हैं। कहीं-कहीं लोग हाथों से और कुदाली से मलबा हटाने की कोशिश कर रहे हैं।

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार अभी भी हजारों लोग लापता हैं। बहुत से मामलों में तो परिवारों के पास यह जानकारी भी नहीं है कि उनके प्रियजन जीवित हैं या नहीं। कई इलाकों में संचार व्यवस्था टूट गई है जिससे खोज-खबर मुश्किल हो गई है। सरकार ने आपातकाल की घोषणा की है। सभी कार्यालय और स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। पूरा प्रशासन बचाव और राहत कार्य में जुट गया है।

मृतकों की संख्या 900 पार

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार भूकंप में 900 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यह संख्या हर घंटे बढ़ रही है जैसे-जैसे मलबे से शवें निकाली जा रही हैं। घायलों की संख्या 3,500 से अधिक बताई जा रही है। हजारों लोग बेघर हो गए हैं। वेनेजुएला के राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। देश भर में सरकारी इमारतों पर तिरंगे झंडे आधे झुके हुए हैं।

चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं। प्रमुख अस्पतालों के एक बड़े हिस्से को नुकसान पहुंचा है। घायलों को प्राथमिक चिकित्सा सेवा तक नहीं मिल पा रही है। कई घायल संक्रमण के कारण मर रहे हैं। स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक भवनों को अस्थायी चिकित्सा केंद्रों में तब्दील किया गया है। स्वयंसेवी संगठन भी मानवीय सहायता प्रदान करने में जुटे हैं।

तेज हुई अंतरराष्ट्रीय मदद

वेनेजुएला की दुर्दशा देखकर दुनिया के कई देश इसकी मदद के लिए आगे आ गए हैं। भारत, अमेरिका, चीन, रूस, कनाडा, ब्राजील और अन्य कई देशों ने राहत सामग्री और चिकित्सा दल भेजने की घोषणा की है। संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता एजेंसियां भी काम शुरू कर चुकी हैं।

लाल क्रॉस और विश्व स्वास्थ्य संगठन भी मदद के लिए सक्रिय हो गए हैं। भारत ने 50 सदस्यीय बचाव दल भेजा है जिसमें अनुभवी इंजीनियर, डॉक्टर और तकनीकी विशेषज्ञ हैं। खाद्य सामग्री, दवाइयां, कंबल और अन्य जरूरी चीजें भेजी जा रही हैं।

वेनेजुएला सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह यथाशीघ्र सहायता प्रदान करे। देश में खाद्य संकट पहले से ही गंभीर था और यह भूकंप इसे और बदतर बना गया है। अगले कुछ हफ्तों तक खाद्य आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी। पेयजल की भी कमी है। सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए यह एक बड़ा खतरा है।

वेनेजुएला के इस दुर्भाग्य के बीच भी मानव सेवा की अद्भुत मिसालें देखने को मिल रही हैं। पड़ोसी देश हर तरह से वेनेजुएला की मदद कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के इस सहयोग से उम्मीद है कि वेनेजुएला जल्दी इस संकट से उबर सकेगा। बचाव और राहत कार्य कई दिनों तक चलेंगे। इस दौरान हर किसी का सहयोग जरूरी है।