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Saturday, 03 October 2026
मनोरंजन

विभूति नारायण का 20 किलो सेहरा और निकाह की कहानी

author
Komal
संवाददाता
📅 26 May 2026, 7:31 AM ⏱ 1 मिनट 👁 836 views
विभूति नारायण का 20 किलो सेहरा और निकाह की कहानी
📷 aarpaarkhabar.com

विभूति नारायण का खास निकाह समारोह

बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता आसिफ शेख ने अपने निकाह की एक बेहद मजेदार और दिलचस्प कहानी साझा की है। यह कहानी न सिर्फ मजेदार है, बल्कि यह उनके व्यक्तिगत जीवन की एक अहम यादों को दर्शाती है। आसिफ शेख जब अपनी शादी की बातें करते हैं तो उनके चेहरे पर एक अलग ही खुशी और हल्कापन दिखता है। उनकी पत्नी जेबा के साथ उनकी शादी का दिन बिल्कुल किसी फिल्म की कहानी जैसा रहा था।

आसिफ शेख के अनुसार, शादी के दिन उन्होंने एक बेहद भारी और खूबसूरत सेहरा पहना था। यह सेहरा करीब बीस किलोग्राम का था, जो देखने में जितना शानदार था, पहनने में उतना ही मुश्किल और भारी भी था। बीस किलो का सेहरा पहनना आसान काम नहीं है। इसे पहनते समय गर्दन पर भारी दबाव पड़ता है और शरीर को असाधारण संतुलन बनाना पड़ता है। लेकिन आसिफ शेख ने इस भारी सेहरे को अपने निकाह के दिन पूरी शान और गर्व के साथ पहना था।

यह सेहरा उनके परिवार के लिए एक खास चीज थी। शायद यह उनके परिवार की परंपरा रही हो या फिर किसी खास मायने को दर्शाता हो। सेहरे की डिजाइन और उसमें लगे गहने भी बेहद कीमती और खूबसूरत थे। यह सेहरा न सिर्फ एक आभूषण था, बल्कि यह एक कला का नमूना था, जिसमें परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत मेल दिख रहा था।

शादी से पहले पत्नी जेबा के साथ लड़ाई-झगड़े

आसिफ शेख ने बताया कि शादी से पहले वह और उनकी पत्नी जेबा खूब लड़ते-झगड़ते थे। यह बात सुनने में अजीब लग सकती है, लेकिन इस तरह की नोक-झोंक शादी की जिंदगी में बिल्कुल आम बात है। युवा जोड़े जब एक-दूसरे को समझने की कोशिश करते हैं, तो कभी-कभी उनके बीच में मतभेद भी हो जाता है। आसिफ और जेबा के बीच ये लड़ाई-झगड़े उनके रिश्ते को और भी मजबूत करने का काम करते हैं।

पहले मिलने के दिनों में जब दोनों एक-दूसरे को समझ रहे थे, तब छोटे-मोटे विषयों पर उनके बीच असहमति रहती थी। कभी कोई बात पसंद नहीं आती, तो कभी कोई राय में फर्क दिख जाता था। लेकिन ये सभी लड़ाई-झगड़े दरअसल उनके रिश्ते को मजबूत करने का एक तरीका था। जब दोनों एक-दूसरे की बातों को समझने लगे, तो ये सभी भ्रम दूर हो गए। आसिफ के अनुसार, इन्हीं छोटे-मोटे झगड़ों के कारण वह और जेबा आज इतने करीब हो गए हैं।

शादी से पहले की इन नोक-झोंकों की बातें सुनकर यह समझ आता है कि आसिफ और जेबा का रिश्ता बिल्कुल कृत्रिम नहीं है। वह एक सच्चा और ईमानदार रिश्ता है, जिसमें खिलंदड़ेपन और प्रेम दोनों हैं। इसीलिए तो आज उनकी शादी इतनी मजबूत और खुशियों से भरी हुई है।

निकाह का खूबसूरत और शांत समारोह

आसिफ शेख के निकाह का दिन बिल्कुल ड्रामा-मुक्त रहा था। यह बात ही बेहद दिलचस्प और अनोखी है कि एक इतने बड़े समारोह में किसी तरह की कोई परेशानी या विरोध नहीं रहा। आमतौर पर देश के किसी भी परिवार में शादी के समय कोई न कोई ड्रामा या विरोध होता है। लेकिन आसिफ और जेबा के मामले में यह सब कुछ बिल्कुल शांति से संपन्न हुआ।

उनके परिवार ने निकाह की तैयारी में बेहद मेहनत की थी। हर छोटी से छोटी चीज पर ध्यान दिया गया था। सजावट से लेकर खान-पान तक, सब कुछ बेहद सुंदर और सजीला रहा था। मेहमानों के स्वागत में भी कोई कमी नहीं रही थी। परिवार के सभी सदस्य मिलजुलकर इस खास दिन को और भी खास बनाने का काम कर रहे थे।

आसिफ की खिलंदड़ी फितरत और जेबा की नरमी का मेल ही शायद था कि उनका निकाह इतना शांत और सुखद रहा। दोनों परिवार बिल्कुल एक-दूसरे के साथ सामंजस्य बैठा गए थे। निकाह के समय की हर एक परंपरा और रस्म को बड़ी ही खूबसूरती से निभाया गया था। दोनों परिवार के लोग इस खास दिन के लिए इतने तैयार और खुश थे कि कोई विरोध या नकारात्मकता की गुंजाइश ही नहीं रही थी।

आसिफ शेख की यह कहानी सुनकर लगता है कि शादी का सच्चा मतलब क्या होता है। यह सिर्फ दो लोगों का रिश्ता नहीं है, बल्कि दो परिवारों का मिलना है। जब दोनों परिवार एक-दूसरे को समझते हैं और प्यार से अपनाते हैं, तो किसी तरह की कोई भी समस्या नहीं रहती। आसिफ और जेबा की शादी इसका सबूत है कि प्रेम और समझदारी से भरा रिश्ता कितना खूबसूरत हो सकता है।