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Saturday, 03 October 2026
राजनीति

तमिलनाडु: विजय और कांग्रेस का गठबंधन समझौता

author
Komal
संवाददाता
📅 06 May 2026, 5:47 AM ⏱ 1 मिनट 👁 1.2K views
तमिलनाडु: विजय और कांग्रेस का गठबंधन समझौता
📷 aarpaarkhabar.com

तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा परिवर्तन देखने को मिल रहा है। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों के परिणामों ने तमिलनाडु की राजनीतिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। अभिनेता विजय की राजनीतिक पार्टी टीवीके (तमिल वेट्टरी कैची) को शानदार सफलता मिली है। चुनाव परिणामों के अनुसार, टीवीके को कुल 108 सीटें प्राप्त हुई हैं, जो इस पार्टी के लिए एक बहुत बड़ी जीत है। इसके विपरीत, पांच साल तक तमिलनाडु पर शासन करने वाली एमके स्टालिन की द्रविड़ मुनेत्र कझगम (डीएमके) पार्टी को महज 59 सीटें ही मिली हैं।

चुनाव के बाद की राजनीति में एक नया मोड़ देखने को मिल रहा है। कांग्रेस पार्टी को इस चुनाव में पांच सीटें मिली हैं। विभिन्न राजनीतिक सूत्रों और विश्लेषकों के अनुसार, विजय की टीवीके और कांग्रेस पार्टी के बीच गठबंधन की बातचीत सफल रही है। यह समझौता तमिलनाडु में एक स्थिर सरकार के गठन के रास्ते को साफ करता है। विजय और कांग्रेस के बीच हुई इस समझौते से संकेत मिल रहे हैं कि दोनों पार्टियां मिलकर तमिलनाडु में अपनी सरकार बना सकती हैं।

विजय की टीवीके की शानदार जीत

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय की टीवीके पार्टी ने एक शानदार प्रदर्शन किया है। यह पार्टी अपने गठन के बाद से ही काफी सक्रिय रही है और तमिलनाडु की जनता के बीच लोकप्रियता हासिल करने में कामयाब रही है। अभिनेता विजय की राजनीतिक पदार्पण को लेकर शुरुआत में काफी सवाल उठाए गए थे, लेकिन इस बार के चुनाव परिणाम से साफ है कि जनता ने विजय के नेतृत्व को स्वीकार किया है।

108 सीटें प्राप्त करना किसी भी नई पार्टी के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। यह संख्या तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के करीब है। टीवीके के इस प्रदर्शन से साफ है कि तमिलनाडु की राजनीति में एक नई शक्ति का उदय हो गया है। विजय की अपील, उनका युवा छवि, और राजनीतिक दल की जमीनी कार्यक्षमता सभी ने मिलकर इस जीत को संभव बनाया है।

टीवीके के प्रचार अभियान के दौरान विजय ने तमिलनाडु की जनता से सीधा संवाद किया। उन्होंने विभिन्न सामाजिक मुद्दों को उठाया और जनता की समस्याओं का समाधान करने का वादा किया। इसी कारण तमिलनाडु की जनता ने विजय और उनकी पार्टी को अपना समर्थन दिया। यह जीत साफ करती है कि तमिलनाडु की राजनीति में परिवर्तन की चाह है।

कांग्रेस के साथ गठबंधन की बातचीत

विजय की टीवीके और कांग्रेस पार्टी के बीच गठबंधन की बातचीत काफी महत्वपूर्ण है। कांग्रेस पार्टी ने पांच सीटें जीती हैं, जो शायद कम लगे, लेकिन राजनीतिक गणित में काफी महत्वपूर्ण हैं। तमिलनाडु विधानसभा में 234 सीटें हैं और बहुमत के लिए 117 सीटें आवश्यक हैं। टीवीके की 108 सीटें और कांग्रेस की 5 सीटें मिलाकर 113 सीटें हो जाती हैं।

हालांकि, विजय ने अन्य छोटी पार्टियों और स्वतंत्र विधायकों को अपनी ओर लाने की कोशिश की है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, कुछ स्वतंत्र विधायक और अन्य छोटी पार्टियां भी विजय के साथ आने की इच्छा दिखा रही हैं। इससे विजय के लिए बहुमत प्राप्त करना आसान हो जाएगा। कांग्रेस के साथ यह गठबंधन विजय की राजनीतिक समझदारी को दर्शाता है। कांग्रेस पार्टी का अनुभव और राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत उपस्थिति विजय के लिए लाभकारी साबित हो सकती है।

डीएमके की पराजय और राजनीतिक प्रभाव

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में डीएमके की पराजय एक बहुत बड़ी घटना है। एमके स्टालिन की डीएमके पार्टी पिछले पांच सालों से तमिलनाडु पर सत्ता में थी। लेकिन इस बार की चुनाव में उसे महज 59 सीटें ही मिली हैं। यह पराजय डीएमके के लिए एक बड़ा झटका है। विभिन्न राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विभिन्न कारणों से डीएमके को जनता का समर्थन नहीं मिला।

डीएमके की पराजय का प्रभाव तमिलनाडु की राजनीति पर काफी गहरा होगा। डीएमके एक पारंपरिक द्रविड़ पार्टी है जो तमिलनाडु की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय है। लेकिन विजय जैसी नई राजनीतिक ताकत के उदय से पारंपरिक पार्टियों को चुनौती मिल गई है। यह बदलाव तमिलनाडु के राजनीतिक भविष्य को नई दिशा देगा।

विजय की टीवीके और कांग्रेस के बीच यह गठबंधन तमिलनाडु में एक नई सरकार के गठन का रास्ता साफ करता है। आने वाले दिनों में विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने की संभावना काफी अधिक है। यह परिवर्तन तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत कर सकता है।