विक्रांत तोमर ने 50 महिला सिपाहियों को ठगा, न्यायिक हिरासत
दिल्ली, यूपी और हरियाणा की 50 महिला पुलिस सिपाहियों को ठगने वाले विक्रांत तोमर को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। सोशल मीडिया पर अमीर कारोबारी बनकर महिलाओं को फंसाता था।
नई दिल्ली में एक ऐसे अपराधी का पर्दाफाश हुआ है जिसने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकारी महिला कर्मचारियों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की ठगी की है। विक्रांत तोमर नाम के इस अपराधी ने अपने आपको एक सफल कारोबारी के रूप में प्रस्तुत करके दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा की लगभग 50 महिला पुलिस सिपाहियों को धोखे में डाला है। पुलिस की गिरफ्तारी के बाद विक्रांत को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
यह खुलासा तब हुआ जब पीड़ित महिला सिपाहियों ने अपनी शिकायत दर्ज की। पुलिस की जांच में पता चला कि विक्रांत तोमर एक सुसंगठित तरीके से महिलाओं को धोखे में डाल रहा था। उसके पास विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट थे जिन पर वह अपने आपको एक अमीर और सफल बिजनेसमैन के रूप में दिखाता था। वह फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से महिला सिपाहियों से संपर्क स्थापित करता था।
ठगी की बारीक रणनीति
विक्रांत की ठगी की रणनीति बेहद परिष्कृत थी। वह सबसे पहले सोशल मीडिया पर महिला सिपाहियों को फॉलो करता था और फिर निजी संदेशों के माध्यम से उनसे बातचीत शुरू करता था। अपने आकर्षक व्यक्तित्व और झूठी सफलता की कहानियों से वह महिलाओं को अपने पास खींचता था। वह विदेश में रहने का दावा करता था और महिलाओं को विवाह का प्रस्ताव देता था।
एक बार जब महिला सिपाही उससे भावनात्मक रूप से जुड़ जाती थी, तो विक्रांत अपना असली चेहरा दिखाता था। वह कहता था कि उसे किसी तरह की आर्थिक समस्या आ गई है या फिर वह किसी जमीन या व्यापार में निवेश करना चाहता है। फिर वह महिलाओं से पैसे मांगता था। कुछ महिलाओं से उसने लाखों रुपये की ठगी की है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, विक्रांत ने दिल्ली पुलिस की एक ही बैच की 20 से अधिक महिला सिपाहियों को ठगा। ये सभी महिलाएं समान समय पर दिल्ली पुलिस में भर्ती हुई थीं और एक ही प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षित हुई थीं। विक्रांत को उनका संपर्क जानकारी किसी तरह से मिल गई थी, जिसका उसने गलत तरीके से उपयोग किया।
पीड़ितों का मनोबल टूटना
पीड़ित महिला सिपाहियों में से कई ने बताया है कि विक्रांत की ठगी से उनका आर्थिक नुकसान तो हुआ ही है, लेकिन मानसिक आघात अधिक गहरा है। ये महिलाएं अपनी आपस में शर्मिंदा महसूस कर रही हैं। कई महिलाओं ने अपने परिवार और सहकर्मियों को इस बारे में नहीं बताया है।
एक पीड़ित महिला सिपाही ने गुमनामी की शर्त पर बताया कि विक्रांत ने उसे विवाह का झूठा वादा किया था। उसने कहा कि विक्रांत की मीठी बातों में आकर वह लगभग 5 लाख रुपये खो चुकी है। दूसरी महिला सिपाही ने बताया कि विक्रांत ने उसे एक विदेशी कंपनी में नौकरी दिलवाने का वादा किया था, लेकिन फिर पैसे मांगने लगा।
पुलिस की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने विक्रांत तोमर को गिरफ्तार किया है। उसके पास से पुलिस ने कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और बैंक खाते की जानकारी जब्त की है। अन्वेषकों के अनुसार, विक्रांत के कई बैंक खातों में लाखों रुपये जमा हैं जो ठगी से प्राप्त राशि है।
पुलिस को संदेह है कि विक्रांत के साथ अन्य लोग भी इस ठगी के काम में शामिल हो सकते हैं। जांच पड़ताल जारी है। दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा की पुलिस को भी सूचित किया है ताकि वहां के पीड़ित महिला सिपाहियों का पता चल सके।
महिलाओं को सावधानी की सलाह
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने सभी महिलाओं को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषकर सोशल मीडिया पर अजनबियों से बात करते समय सतर्क रहने की जरूरत है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी अजनबी को तुरंत अपनी व्यक्तिगत जानकारी न दें। अगर कोई आपसे पैसे मांगता है या विवाह का प्रस्ताव देता है, तो पहले उसकी सत्यता जांचें।
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि आजकल ऑनलाइन ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। महिलाओं को विशेष रूप से सावधान रहना चाहिए। अगर किसी को संदेह है कि वह ठगे जा रहे हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। जल्दी एक्शन लेने से ठगों को पकड़ा जा सकता है।
विक्रांत तोमर को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद भी पुलिस की पूछताछ जारी है। इस मामले में आईपीसी की कई धाराओं के तहत अपराध दर्ज किए गए हैं। पुलिस को उम्मीद है कि विक्रांत की गिरफ्तारी से अन्य ठगों को भी सलाह मिल जाएगी।




