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Monday, 20 July 2026
मौसम

देश में बदलेगा मौसम: पश्चिमी विक्षोभ का असर

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Komal
संवाददाता
📅 21 June 2026, 6:01 AM ⏱ 1 मिनट 👁 253 views
देश में बदलेगा मौसम: पश्चिमी विक्षोभ का असर
📷 aarpaarkhabar.com

देश के मौसम में आने वाले समय में बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का असर देश पर पड़ने वाला है, जिससे उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में अगले पांच दिन तक लगातार बारिश होने की संभावना है। यह स्थिति काफी गंभीर मानी जा रही है और कई राज्यों ने अपने यहां अलर्ट जारी कर दिया है। नई दिल्ली स्थित भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, यह मौसमी बदलाव देश के विभिन्न हिस्सों को प्रभावित करेगा।

आईएमडी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस पश्चिमी विक्षोभ का असर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण राज्यों पर पड़ेगा। ये सभी क्षेत्र अगले पांच दिनों तक गहन बारिश का सामना करेंगे। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि यह बारिश इन क्षेत्रों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ा सकती है। इसलिए स्थानीय प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए।

यह विक्षोभ पश्चिम की ओर से भारत की ओर बढ़ रहा है और इसके कारण तापमान में भी काफी गिरावट देखी जा सकती है। दिल्ली सहित दिल्ली की बेल्ट में आने वाले दिनों में मौसम काफी सुहावना हो जाएगा। लेकिन साथ ही बारिश के कारण बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा। लोगों को आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए और अपने घरों में सुरक्षित रहना चाहिए।

उत्तर भारत में होगी प्रभावी बारिश

मौसम विभाग की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले पांच दिन तक लगातार बारिश होगी। इसमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य शामिल हैं। विशेषकर हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश का खतरा अधिक है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में तो 23 और 24 जून को अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।

दिल्ली में भी इस अवधि में काफी बारिश होने की उम्मीद है। नई दिल्ली के मौसम अनुसार आने वाले सप्ताह में तीन से चार बार बारिश की घटनाएं दर्ज की जा सकती हैं। यह बारिश मूसलाधार हो सकती है, जिससे जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। शहरवासियों को अपने यातायात का समय पहले से निर्धारित कर लेना चाहिए ताकि वे किसी परेशानी का सामना न करें।

मौसम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह बारिश खरीफ सीजन की शुरुआत के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकती है। किसानों के लिए यह मौसम अच्छा माना जा रहा है क्योंकि जल की उपलब्धता से मिट्टी में नमी बनी रहेगी। लेकिन अगर बारिश बहुत ज्यादा हो गई तो फसलों को नुकसान भी हो सकता है।

दक्षिण और पूर्वी भारत पर भी असर

यह सिर्फ उत्तर भारत तक सीमित नहीं है। आईएमडी के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश, कोंकण, गोवा, गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र में भी कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में तो बारिश का मौसम पहले से ही काफी सक्रिय है, इस विक्षोभ से वहां और भी ज्यादा बारिश हो सकती है।

22 और 25 जून के दौरान कोंकण और गोवा में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों के निवासियों को पहले से ही सतर्क रहना चाहिए। समुद्र के किनारे रहने वाले लोगों को और भी अधिक सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि तूफानी हवाओं का खतरा भी हो सकता है।

तमिलनाडु, पुचुडेरी, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और केरलम में व्यापक बारिश हो सकती है। ये सभी क्षेत्र पहले से ही मानसून के प्रभाव में आ चुके हैं, इस विक्षोभ से वहां की बारिश और भी तेज हो सकती है। स्थानीय प्रशासन को पहले से ही आपातकालीन व्यवस्था तैयार कर लेनी चाहिए।

नागरिकों के लिए सलाह और सुझाव

मौसम विभाग ने सभी नागरिकों को सलाह दी है कि वे आने वाले दिनों में पूरी सावधानी बरतें। खतरनाक क्षेत्रों से दूर रहें और बाढ़ की संभावना वाले इलाकों में जाने से बचें। विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को घर में ही रहना चाहिए।

ड्राइवरों को सड़कों पर तेज गति से न चलने की सलाह दी गई है क्योंकि बारिश में सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के बारे में सोचना चाहिए और जरूरी इंतजाम कर लेने चाहिए। पशु पालकों को भी अपने पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए।

घरों की छतों को जांच लें कि कहीं से पानी तो नहीं टपक रहा। ट्यूबवेल और पानी की आपूर्ति की व्यवस्था सही तरीके से कर लें। आपातकालीन फोन नंबरों को नोट कर लें ताकि किसी समस्या की स्थिति में तुरंत सहायता मांगी जा सके।

भारतीय मौसम विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे इस चेतावनी को गंभीरता से लें और आवश्यक सावधानियां बरतें। आने वाले दिनों में विभाग की रिपोर्ट को नियमित रूप से देखते रहें ताकि मौसम में किसी भी बदलाव की जानकारी तुरंत मिल सके। यह विक्षोभ अस्थायी है और कुछ दिनों में सामान्य स्थिति में आ जाएगी, लेकिन तब तक सावधानी ही सफलता की कुंजी है।