मौसम अपडेट: बारिश-आंधी और लू का कहर
भारत के विभिन्न हिस्सों में मौसम की स्थिति तेजी से बदल रही है। कहीं भारी बारिश और आंधी के आसार हैं, तो कहीं तेज लू का कहर देखने को मिल रहा है। इस बीच देश के विभिन्न हिस्सों को राहत देने वाला मानसून अब दरवाजे पर दस्तक देने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले तीन से चार दिनों में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में मानसून की बारिश शुरू हो जाएगी।
मौसम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून इन दिनों तेजी से उत्तर की ओर बढ़ रहा है। अगले दो से तीन दिनों में यह गुजरात के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के बचे हुए इलाकों तथा मध्य प्रदेश के कुछ भागों में प्रवेश कर जाएगा। इसके बाद अगले तीन से चार दिनों में मानसून बिहार और झारखंड के शेष हिस्सों को कवर करते हुए उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में अपनी दस्तक दे देगा।
वर्तमान में देश के कई राज्यों में तीव्र गर्मी से भीषण परिस्थितियां बनी हुई हैं। दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक देखा जा रहा है। इसी बीच कुछ राज्यों में भारी बारिश और आंधी के आसार भी हैं। बंगाल की खाड़ी से बन रहे चक्रवाती दबाव के कारण पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में अगले 24 घंटों में भारी बारिश की संभावना है।
मानसून से पहले कई राज्यों में बारिश-आंधी के आसार
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने देश के विभिन्न हिस्सों में तेज आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम और मेघालय जैसे राज्यों में अगले 24 से 48 घंटों में भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में भूस्खलन का भी खतरा बताया जा रहा है।
केरल में पहले से ही मानसून की बारिश शुरू हो गई है और वहां लगातार तेज बारिश हो रही है। कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ इलाकों में भी मानसून की पूर्वगामी बारिश देखी जा रही है। मौसम विभाग के विश्लेषण के अनुसार, अरब सागर में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र के कारण पश्चिमी भारत में भारी बारिश की संभावना है।
अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम में भी पहले से ही मानसून प्रवेश कर चुका है और वहां काफी बारिश हो रही है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ पहाड़ी इलाकों में भी तेज बारिश की संभावना है। मौसम विज्ञानी मानते हैं कि आने वाले एक सप्ताह में देश का अधिकांश हिस्सा मानसून की चपेट में आ जाएगा।
उत्तर भारत में तीव्र गर्मी से राहत मिलेगी
उत्तर भारत में मौजूदा समय में भीषण गर्मी चल रही है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इस कारण बिजली की मांग भी अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है और कई क्षेत्रों में बिजली कटौती की समस्या बढ़ गई है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इस गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक और संबंधित बीमारियों के मामलों में वृद्धि हुई है। बुजुर्ग, बच्चे और श्रमिक वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। इसी बीच मानसून की आगामी बारिश से उत्तर भारत को तापमान में गिरावट से राहत मिलेगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून के आने से अगले कुछ हफ्तों में तापमान में 8-10 डिग्री की गिरावट आएगी।
जल संकट से निपटने के लिए किसानों को बारिश का इंतजार
महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई जिलों में गंभीर सूखे की स्थिति बनी हुई है। किसान फसलों की सिंचाई के लिए बेताब हैं। बेमौसम की गर्मी के कारण भूजल स्तर में भी गिरावट आई है और कई इलाकों में कुएं और तालाब सूख गए हैं।
इस परिस्थिति में मानसून की आगामी बारिश किसानों के लिए वरदान साबित होगी। कृषि विभाग के अधिकारियों का मानना है कि अगर समय पर और सही मात्रा में बारिश हुई, तो खरीफ फसलों की अच्छी पैदावार होगी। इसलिए किसान और अधिकारी दोनों ही मानसून के आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
जल संचयन की दृष्टि से भी यह बारिश महत्वपूर्ण है। देशभर में जलाशयों का जल स्तर सामान्य से कम है। बांधों में पर्याप्त पानी नहीं है, जिससे बिजली उत्पादन में समस्या आ रही है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अगर इस बार मानसून सामान्य रहता है, तो अगले कई महीनों में पानी की समस्या में काफी हद तक सुधार आएगा।
आने वाले दिनों में लोगों को मौसम के तेजी से बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए। एक तरफ तो तीव्र गर्मी जारी रहेगी, तो दूसरी तरफ अचानक भारी बारिश भी हो सकती है। इसलिए अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें, पर्याप्त पानी पिएं और मौसम के संकेतों पर नजर रखें। मानसून की आगामी बारिश के लिए अपने घरों और खेतों को पहले से तैयार कर लें।




