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Friday, 05 June 2026
मनोरंजन

जोमैटो फाउंडर का दिमाग पढ़ने वाला डिवाइस

author
Komal
संवाददाता
📅 06 May 2026, 6:31 AM ⏱ 1 मिनट 👁 407 views
जोमैटो फाउंडर का दिमाग पढ़ने वाला डिवाइस
📷 aarpaarkhabar.com

जोमैटो के सह-संस्थापक दीपिंदर गोयल ने एक बार फिर से टेक इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। उन्होंने एक अभूतपूर्व ब्रेन ट्रैकिंग डिवाइस लॉन्च करने की घोषणा की है जिसका नाम Temple है। यह डिवाइस आपके दिमाग की गतिविधियों को ट्रैक कर सकता है और आपके विचारों को समझने में मदद कर सकता है। यह खबर पूरी दुनिया में तकनीकी क्षेत्र में एक बड़ा विकास माना जा रहा है।

दीपिंदर गोयल ने पिछले साल जब पहली बार इस ब्रेन ट्रैकिंग डिवाइस को पहने हुए नजर आए थे तो सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा हुई थी। लोगों को लगा कि वह किसी विज्ञान कथा फिल्म का दृश्य देख रहे हैं। लेकिन गोयल ने साफ कर दिया कि यह कोई मजाक नहीं बल्कि एक वास्तविक परियोजना है जिस पर वह काम कर रहे हैं। अब उन्होंने इस डिवाइस को Temple का नाम देकर सार्वजनिक रूप से लॉन्च कर दिया है।

Temple डिवाइस क्या है और यह कैसे काम करता है

Temple एक अत्याधुनिक न्यूरोटेक्नोलॉजी डिवाइस है जो आपके मस्तिष्क की विद्युत गतिविधियों को मापता है। यह डिवाइस सिर पर एक बैंड के रूप में पहना जाता है और इलेक्ट्रोड्स की मदद से आपके ब्रेन वेव्स को रीड करता है। इसका मतलब यह है कि डिवाइस आपके विचारों, ध्यान स्तर और मानसिक स्थिति को समझ सकता है।

यह तकनीक बिल्कुल वैसी ही है जैसे अस्पतालों में ईईजी टेस्ट किया जाता है। लेकिन Temple एक पोर्टेबल और व्यावहारिक संस्करण है जिसे रोज इस्तेमाल किया जा सकता है। दीपिंदर गोयल के अनुसार, यह डिवाइस मनुष्य के मस्तिष्क और कंप्यूटर के बीच एक सीधा संचार चैनल बना सकता है।

Temple डिवाइस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की शक्तिशाली तकनीकें लगाई गई हैं। यह ब्रेन सिग्नल्स को विश्लेषण करके यह समझ सकता है कि व्यक्ति किस बारे में सोच रहा है, कितना ध्यान दे रहा है और उसकी मानसिक स्थिति क्या है। इसके अलावा यह डिवाइस स्ट्रेस लेवल, थकान और एकाग्रता को भी माप सकता है।

इस डिवाइस का एक बड़ा फायदा यह है कि यह पूरी तरह से गैर-आक्रामक है। इसके लिए किसी सर्जरी या शरीर के अंदर कुछ लगाने की जरूरत नहीं है। यह बस आपके सिर पर एक बैंड की तरह पहना जाता है। इसलिए किसी भी सामान्य व्यक्ति को इसे इस्तेमाल करने में कोई परेशानी नहीं होगी।

दीपिंदर गोयल का यह कदम क्यों अहम है

दीपिंदर गोयल ने फूड डिलीवरी इंडस्ट्री में क्रांति ला दी थी जोमैटो के जरिए। अब वह न्यूरोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी अपना योगदान दे रहे हैं। यह दिखाता है कि दीपिंदर गोयल केवल एक व्यावसायिक नेता नहीं हैं बल्कि एक दूरदर्शी भी हैं जो भविष्य की तकनीकों में निवेश कर रहे हैं।

Temple डिवाइस का विकास उनकी एक बड़ी महत्वाकांक्षा को दर्शाता है। वह मानव-यंत्र इंटरफेस के क्षेत्र में काम कर रहे हैं जो भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण तकनीक मानी जाती है। यह तकनीक मेडिकल साइंस, शिक्षा, खेल प्रशिक्षण और कई अन्य क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकती है।

इस प्रोजेक्ट के माध्यम से गोयल यह साबित कर रहे हैं कि भारत में भी विश्वस्तरीय नई तकनीकें विकसित की जा सकती हैं। वह सिर्फ दूसरों की तकनीकों को अपनाने में विश्वास नहीं रखते बल्कि स्वयं नवाचार करना चाहते हैं।

Temple का भविष्य और संभावित उपयोग

दीपिंदर गोयल ने बताया है कि Temple को फिलहाल कुछ सीमित लोगों को देने के लिए चुना जाएगा। ये लोग इस डिवाइस को परीक्षण करेंगे और अपने अनुभव साझा करेंगे। इसके आधार पर डिवाइस में आवश्यक सुधार किए जाएंगे।

भविष्य में Temple का उपयोग कई क्षेत्रों में हो सकता है। मेडिकल क्षेत्र में इसे अलजाइमर, पार्किंसन और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार में काम लाया जा सकता है। खेल में यह एथलीटों की एकाग्रता और प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। शिक्षा में यह छात्रों की सीखने की क्षमता को समझने में सहायक हो सकता है।

इसके अलावा गेमिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में भी इस तकनीक की भारी संभावनाएं हैं। Temple एक ऐसी तकनीक है जो मनुष्य के जीवन को कई तरीकों से बेहतर बना सकती है।

कुल मिलाकर, दीपिंदर गोयल का Temple डिवाइस एक बड़ा कदम है जो न सिर्फ भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि पूरी दुनिया के लिए भी एक बड़ा विकास है। यह दिखाता है कि प्रौद्योगिकी के जरिए हम असंभव को संभव बना सकते हैं।