तिहाड़ जेल में गैंगस्टर नफे सिंह की संदिग्ध मौत
दिल्ली के तिहाड़ जेल के हाई सिक्योरिटी वार्ड में गैंगस्टर नफे सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। हार्ट अटैक की आशंका।
दिल्ली के कुख्यात तिहाड़ जेल में एक बड़ी घटना सामने आई है। यहां के हाई सिक्योरिटी वार्ड में कुख्यात गैंगस्टर नफे सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। जेल प्रशासन के अनुसार, नफे सिंह को अचानक तबीयत खराब होने लगी, जिसके बाद उन्हें हरी नगर स्थित दीन दयाल अस्पताल में भर्ती किया गया। अस्पताल में पहुंचने के कुछ समय बाद ही डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है, लेकिन कई लोगों को इस बात में संदेह है।
तिहाड़ जेल में नफे सिंह की परिस्थिति
नफे सिंह दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के एक प्रसिद्ध गैंगस्टर थे। उन पर कई गंभीर अपराधों के आरोप लगे हुए थे। वह पिछले कई वर्षों से तिहाड़ जेल में बंद था। जेल के हाई सिक्योरिटी वार्ड में रखा गया नफे सिंह को कड़ी सुरक्षा के तहत रखा जाता था। जेल प्रशासन के अनुसार, नफे सिंह को आम कैदियों से अलग रखा जाता था क्योंकि वह जेल के अंदर भी कई गतिविधियों में लिप्त था।
सोमवार की सुबह जब जेल स्टाफ ने नफे सिंह को चेक किया, तो वह बिस्तर पर लेटा हुआ था। उसे देखते ही स्टाफ को लगा कि कुछ गड़बड़ है। जब कैदी को झिंझोड़ा गया, तो उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उसके बाद तुरंत जेल के चिकित्सा विभाग को सूचित किया गया। जेल के डॉक्टर द्वारा प्राथमिक जांच के बाद नफे सिंह को अस्पताल में भर्ती किए जाने का निर्णय लिया गया।
अस्पताल में मेडिकल जांच
हरी नगर स्थित दीन दयाल अस्पताल में नफे सिंह को भर्ती किया गया। अस्पताल के चिकित्सा दल ने नफे सिंह पर तुरंत निदान किया। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, नफे सिंह को हार्ट अटैक आया था। अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे बचाने का भरपूर प्रयास किया, लेकिन दुर्भाग्यवश वह बचाया नहीं जा सका। नफे सिंह को अस्पताल में भर्ती होने के लगभग एक घंटे बाद मृत घोषित कर दिया गया।
हालांकि, अस्पताल के एक अनाम स्रोत के अनुसार, नफे सिंह की मौत के सटीक कारण के बारे में संदेह है। स्रोत के अनुसार, नफे सिंह के शरीर पर कुछ संदिग्ध निशान थे जो हार्ट अटैक से संबंधित नहीं लगते थे। इसके अलावा, नफे सिंह की उम्र भी मात्र 45 साल थी और वह पहले कभी किसी गंभीर बीमारी से नहीं जूझा था।
संदेह और जांच की मांग
नफे सिंह की मौत के बाद से ही दिल्ली में व्यापक सवाल उठाए जा रहे हैं। उसके परिवार और वकीलों का मानना है कि यह मौत कुछ संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। उन्होंने कहा है कि तिहाड़ जेल में कई कैदियों के साथ अत्याचार और बदसलूकी की घटनाएं सामने आई हैं। इसी कारण से नफे सिंह की मौत पर भी संदेह व्यक्त किया जा रहा है।
दिल्ली के विभिन्न मानवाधिकार संगठनों ने भी नफे सिंह की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जेल में कैदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जेल प्रशासन का मुख्य दायित्व है। यदि किसी कैदी की मृत्यु संदिग्ध परिस्थितियों में होती है, तो एक विस्तृत जांच होनी चाहिए।
दिल्ली पुलिस ने अभी तक नफे सिंह की मौत को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालांकि, जेल प्रशासन का कहना है कि नफे सिंह की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है। अस्पताल का भी यही कहना है कि हार्ट अटैक ही मृत्यु का कारण था।
नफे सिंह के लगभग 20 साल का आपराधिक इतिहास रहा है। वह पिछले 15 सालों से तिहाड़ जेल में था। उसके खिलाफ कई गंभीर अपराधों जैसे हत्या, लूटपाट और अवैध हथियार रखने के आरोप थे। जेल के अंदर भी उसका नेतृत्व काफी प्रभावशाली माना जाता था।
अभी इस मामले में आगे की जांच जारी है। दिल्ली पुलिस और जेल प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह पूरे मामले में पारदर्शिता बनाए रखें। नफे सिंह की मौत की परिस्थितियां जांच का विषय बनी हुई हैं और आने वाले दिनों में अधिक जानकारी सामने आने की संभावना है।




