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Thursday, 21 May 2026
स्वास्थ्य

ASI को पीटा, वार्ड पार्षद और दबंगों का आतंक

author
Komal
संवाददाता
📅 08 April 2026, 4:30 PM ⏱ 1 मिनट 👁 602 views

गया जिले के रामपुर थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। देर रात की गश्ती के दौरान स्थानीय पुलिस के ASI विक्रम कुमार पासवान को वार्ड पार्षद और उनके साथियों ने बर्बरता से पीटा है। यह घटना दुकान बंद कराने को लेकर हुए विवाद के दौरान घटी। इस हिंसक घटना में ASI गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और वर्तमान में अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ICU में उनका इलाज चल रहा है।

यह घटना पुलिस के साथ होने वाली हिंसा और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही की एक और मिसाल है। रामपुर थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। आम नागरिकों को लगता है कि कुछ ताकतवर लोग कानून से ऊपर हैं और वे जैसे चाहें वैसे कार्य कर सकते हैं।

रामपुर थाना क्षेत्र में हिंसा की घटना

गया के रामपुर थाना क्षेत्र में रात के करीब ग्यारह बजे यह घटना घटी। ASI विक्रम कुमार पासवान अपने ड्यूटी के दौरान दुकानें बंद कराने के लिए घूम रहे थे। कोविड काल के बाद भी रात की बेला में दुकानें खुली रखने वाले मालिकों के खिलाफ पुलिस को सख्त रुख अपनाना पड़ता है। इसी क्रम में ASI विक्रम कुमार को एक दुकान पर पहुंचना पड़ा। दुकान के मालिक ने दुकान बंद करने से मना कर दिया।

जब ASI ने दुकान बंद कराने का आग्रह दोहराया, तो मामला विवाद में तब्दील हो गया। इसी बीच वार्ड पार्षद अपने कुछ साथियों के साथ वहां पहुंच गए। दुकान के मालिक उनसे जुड़ा हुआ था या फिर स्थानीय प्रभाव के तहत वार्ड पार्षद वहां पहुंचे, यह अभी स्पष्ट नहीं है। लेकिन जैसे ही पार्षद वहां पहुंचे, स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। पार्षद और उनके साथियों ने ASI को गंभीर रूप से पीटा।

पड़ोस के लोगों ने ASI की चीखपुकार सुनी और तुरंत मदद के लिए पुकार लगाई। जब भीड़ जमा हो गई, तो पार्षद और उनके साथी वहां से भाग गए। ASI विक्रम कुमार को गंभीर चोटें आई थीं। उनके सिर पर कई चोटें थीं, शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे। तुरंत उन्हें अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के आपातकालीन विभाग में ले जाया गया।

चिकित्सकों ने उनकी जांच के बाद ICU में भर्ती कर दिया। उनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार ASI को सिर पर कई गहरी चोटें हैं। उन्हें होश में आने में समय लग सकता है। फिलहाल उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट दिया जा रहा है। परिवार के सदस्य अस्पताल में ASI के बेहतर होने की कामना करते हुए रात-रात भर जागते हुए रह रहे हैं।

पुलिस कार्रवाई और जांच

घटना के बाद रामपुर थाना पुलिस ने FIR दर्ज की है। हालांकि पुलिस अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। वार्ड पार्षद का नाम तो सामने आ गया है, लेकिन उन्हें अब तक नहीं पकड़ा जा सका है। कहा जा रहा है कि पार्षद अपने प्रभाव का दुरुपयोग करके पुलिस से बच रहे हैं। यह एक गंभीर आरोप है जो स्थानीय प्रशासन की विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़े करता है।

पुलिस की एक टीम वार्ड पार्षद की तलाश कर रही है। उन्हें जल्द गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है। पड़ोस के लोगों ने पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी है जो इस मामले को सुलझाने में मदद कर सकती है। पार्षद के साथियों की पहचान के लिए CCTV कैमरे की फुटेज देखी जा रही है।

यह घटना न केवल ASI के लिए ट्रेजिकल है, बल्कि पूरी पुलिस विभाग के लिए भी शर्मनाक है। पुलिस को समाज की सुरक्षा के लिए ड्यूटी करते हुए ऐसे हमलों का सामना नहीं करना चाहिए। सरकार को ऐसी घटनाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान

इस घटना से स्पष्ट है कि गया जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति कितनी खराब है। जब वार्ड पार्षद जैसे जन प्रतिनिधि ही पुलिस पर हमला करने का साहस रखते हैं, तो आम जनता की स्थिति क्या होगी, यह सहज ही समझा जा सकता है। यह एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में असामान्य और अस्वीकार्य है।

प्रशासन को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। वार्ड पार्षद को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उन पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। ASI विक्रम कुमार के लिए सभी की कामनाएं हैं कि वे जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएं और अपनी ड्यूटी पर वापस लौट आएं।