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Wednesday, 10 June 2026
स्वास्थ्य

इजरायल का लेबनान पर कहर, 254 की मौत

author
Komal
संवाददाता
📅 09 April 2026, 6:31 AM ⏱ 1 मिनट 👁 951 views

मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। इजरायल के लेबनान पर किए गए भीषण हवाई हमलों ने पूरे क्षेत्र में भय और अनिश्चितता का माहौल बना दिया है। इन हमलों में अब तक 254 लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग घायल हुए हैं। यह संकट सिर्फ लेबनान तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र को अपनी चपेट में ले रहा है।

लेबनान की राजधानी बेरूत और इसके आसपास के क्षेत्रों में इजरायली सेना के हमलों से भारी तबाही हुई है। आवासीय इलाकों में बड़ी संख्या में इमारतें ढह गई हैं। सड़कों पर मलबे के ढेर लगे हैं। बिजली और पानी की आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। हजारों परिवार अपने घरों से विस्थापित हुए हैं और शरणार्थी कैंपों में रह रहे हैं। बेघर लोगों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है।

लेबनान की स्वास्थ्य व्यवस्था पर संकट

लेबनान के अस्पतालों में विस्फोट के शिकार लोगों की भीड़ उमड़ गई है। अस्पतालों की क्षमता से कहीं अधिक मरीज आए हैं। डॉक्टर और नर्स दिन रात परिश्रम कर रहे हैं लेकिन सभी का इलाज संभव नहीं हो पा रहा है। चिकित्सा सुविधाएं अपर्याप्त हैं। दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की कमी हो गई है। कई अस्पताल खुद ही हमलों से क्षतिग्रस्त हुए हैं। घायलों को प्राथमिक चिकित्सा भी मिलना मुश्किल हो गया है। मेडिकल स्टाफ अपनी जान की परवाह किए बिना जिंदगी बचाने के लिए काम कर रहा है।

शिशु, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। कुपोषण और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका है क्योंकि अस्वच्छता की स्थिति बदतर हो गई है। शवों को दफनाने के लिए भी जमीन नहीं बची है। मानवीय त्रासदी का ऐसा दृश्य है कि देखने वाला भी रोने लगता है।

ईरान का कड़ा रुख और खतरनाक धमकियां

इजरायल के इन हमलों के बाद ईरान ने अपना रुख और भी कड़ा कर दिया है। ईरान के नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अब अमेरिका के साथ किए गए परमाणु समझौते को तोड़ने के लिए तैयार है। यह समझौता वर्ष 2015 में संपन्न हुआ था और इसे ईरान परमाणु समझौता कहा जाता है। इस समझौते के तहत ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रमों पर नियंत्रण रखना स्वीकार किया था।

ईरान के नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर नई घोषणाएं की हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापार मार्गों में से एक है। यहां से दुनिया का लगभग एक तिहाई तेल गुजरता है। ईरान ने इस क्षेत्र में अपना नियंत्रण बढ़ाने की धमकी दी है। इससे वैश्विक तेल की कीमतें बढ़ने का खतरा है। ईरान की ये धमकियां पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गई हैं।

ईरान के इन कदमों से अमेरिका और इसके सहयोगी देशों में बेचैनी बढ़ गई है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ईरान से संयम बरतने की अपील कर रहा है। लेकिन ईरान अपने रुख पर अटल दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि ईरान वाकई होर्मुज को बंद करे तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर संकट आ सकता है।

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चिंता

संयुक्त राष्ट्र संगठन ने लेबनान में होने वाली हिंसा पर गहरी चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने तत्काल युद्धविराम की मांग की है। अनेक देशों के नेताओं ने अपनी शांति के प्रयास को तेज किया है। लेकिन हालात बद से बदतर हो रहे हैं।

यूरोपीय संघ, रूस और चीन सभी ने इस संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की अपील की है। लेकिन पक्षों के बीच में गहरा विरोध है। इजरायल कहता है कि वह आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है जबकि लेबनान और ईरान का कहना है कि यह ध्रुवीकरण की नीति है।

मध्य पूर्व क्षेत्र में शांति स्थापित करना अब बेहद जटिल चुनौती बन गई है। हर पक्ष अपनी शक्ति दिखाने को तत्पर है। लेबनान की आम जनता इस संघर्ष की सबसे बड़ी कीमत चुका रही है। आने वाले दिन बेहद महत्वपूर्ण होंगे। संपूर्ण विश्व इस स्थिति को बहुत गंभीरता से देख रहा है।