चांदी 8 हजार रुपये सस्ती, सोना भी गिरा – आज का भाव
सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, निवेशकों को मिल रही राहत
भारतीय सर्राफा बाजार में आज बुधवार, 9 अप्रैल 2026 को निवेशकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सोना और चांदी दोनों की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव 1 लाख 50 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम से भी नीचे आ गया है, जबकि चांदी की कीमतों में तो 8 हजार रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई है।
यह गिरावट पिछले कई दिनों से चली आ रही अस्थिरता के बाद आई है और बाजार विशेषज्ञ इसे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारकों से जोड़कर देख रहे हैं।

आज के सोना-चांदी के भाव
आज सुबह के समय जारी किए गए IBJA के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में महत्वपूर्ण बदलाव देखा गया है:
| मेटल प्रकार | वर्तमान भाव (प्रति 10 ग्राम) | पिछला भाव | गिरावट |
| ------------- | -------------------------- | ---------- | -------- | |
|---|---|---|---|---|
| 24 कैरेट सोना | ₹1,49,850 | ₹1,51,000 | ₹1,150 | |
| 22 कैरेट सोना | ₹1,37,350 | ₹1,38,400 | ₹1,050 | |
| चांदी | ₹1,82,000 प्रति किलो | ₹1,90,000 प्रति किलो | ₹8,000 |
यह गिरावट खासकर चांदी के मामले में काफी अधिक है, जो निवेशकों के लिए खरीदारी का एक अच्छा अवसर हो सकता है।
चांदी में भारी गिरावट के कारण
चांदी की कीमतों में 8 हजार रुपये की भारी गिरावट के पीछे कई कारक जिम्मेदार हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती, औद्योगिक मांग में कमी और निवेशकों का रुख बदलना मुख्य कारण हैं।
चांदी का उपयोग न केवल आभूषण बनाने में होता है, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और मेडिकल उपकरणों में भी व्यापक रूप से किया जाता है। हाल ही में इन क्षेत्रों में मांग में आई कमी का सीधा प्रभाव चांदी की कीमतों पर पड़ा है।
सोने की कीमतों में स्थिरता के संकेत
24 कैरेट सोने का भाव भले ही 1 लाख 50 हजार रुपये से नीचे आ गया हो, लेकिन यह गिरावट चांदी की तुलना में अपेक्षाकृत कम है। 22 कैरेट सोना भी 1 हजार रुपये से अधिक की गिरावट के साथ 1 लाख 37 हजार रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।
सोना परंपरागत रूप से एक सुरक्षित निवेश माना जाता है और मुद्रास्फीति के खिलाफ हेज का काम करता है। वर्तमान में भू-राजनीतिक तनाव और केंद्रीय बैंकों की नीतियों के कारण सोने की मांग में थोड़ी कमी आई है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है यह बदलाव
इस गिरावट का मतलब यह है कि जो लोग सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे थे, उनके लिए यह एक अच्छा समय हो सकता है। विशेष रूप से चांदी में 8 हजार रुपये की गिरावट एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करती है।
हालांकि, बाजार विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहिए। कीमतों में और भी गिरावट हो सकती है, या फिर तेजी से रिकवरी भी हो सकती है।
ज्वैलरी की दुकानदारों का कहना है कि आने वाले त्योहारी सीजन से पहले यह गिरावट ग्राहकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। शादी-विवाह के सीजन में सोना-चांदी की मांग बढ़ने की संभावना है।
बाजार का भविष्य और विशेषज्ञों की राय
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव, मुद्रास्फीति की दर, और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियां आगे की कीमतों को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक होंगे।
IBJA के आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने भर में सोना-चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की स्थिति को ध्यान से देखते रहें और सोच-समझकर निवेश का फैसला लें।
फिलहाल यह गिरावट उन लोगों के लिए एक अवसर है जो लंबे समय से सोना-चांदी खरीदने की सोच रहे थे। हालांकि, बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है।




