दिल्ली में तेज हवाओं का अलर्ट, राज्यों में बारिश
देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर-पश्चिमी भारत में अगले कुछ दिनों में तापमान तेजी से बढ़ने वाला है। मौसम विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, आने वाले 3-4 दिनों में गर्मी लहर का कहर बढ़ेगा। साथ ही दिल्ली में तेज हवाओं के लिए अलर्ट भी जारी किया गया है। जहां एक तरफ उत्तर-पश्चिमी और मध्य भारत में भीषण गर्मी होगी, वहीं दूसरी तरफ पूर्वी राज्यों में बारिश की संभावना बनी हुई है।
दिल्ली और उत्तर भारत में गर्मी का कहर
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के विश्लेषण के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिमी भारत के तापमान में असामान्य वृद्धि देखने को मिलेगी। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में पारा तेजी से चढ़ने की संभावना है। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि यह मई के महीने में सामान्य से अधिक गर्मी होगी।
दिल्ली में विशेष रूप से तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। इन हवाओं की गति 25 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कई जगहों पर धूल भरी आंधी भी आ सकती है। ऐसे में नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेषकर बुजुर्ग, बच्चों और स्वास्थ्य संबंधी समस्या वाले लोगों को घर के अंदर रहना चाहिए। तेज हवाओं के कारण आंखों में जलन और सांस की समस्या हो सकती है।
पिछले कुछ सालों में दिल्ली में गर्मी की लहरें ज्यादा तीव्र हो गई हैं। इस साल भी यह प्रवृत्ति जारी रहने की उम्मीद है। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाने की संभावना है। ऐसी स्थिति में बिजली की खपत में भी बेतहाशा वृद्धि होगी। सरकार और बिजली विभाग को इस बात के लिए तैयारी करनी चाहिए कि ग्राहकों को बेरोकटोक बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में बारिश की संभावना
जहां उत्तर-पश्चिमी भारत गर्मी से जूझेगा, वहीं पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्य सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें बारिश का सुख मिलेगा। सिक्किम, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। यह बारिश अगले दो से तीन दिन तक जारी रह सकती है।
तटीय ओडिशा में भी बारिश के आसार हैं। इन क्षेत्रों में बारिश आने से तापमान में कुछ राहत मिल सकती है। खेतों को भी इस बारिश से लाभ होगा। किसान भाई फसलों की बेहतर पैदावार की उम्मीद कर सकते हैं। हालांकि, बहुत अधिक बारिश आने पर बाढ़ का खतरा भी हो सकता है। इसलिए इन राज्यों की प्रशासन को सतर्क रहना चाहिए और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत उपाय करने चाहिए।
मेघालय में तो वैसे भी साल भर अधिक बारिश होती है, लेकिन इन दिनों में बारिश की मात्रा और बढ़ सकती है। असम और बंगाल में भी पानी भर जाने का खतरा रहता है। इसलिए जल निकासी की सभी व्यवस्थाएं पहले से ही सुचारू रखनी चाहिए।
मध्य भारत में गर्मी और सूखे की चेतावनी
मध्य भारत के राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और तेलंगाना में भी तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी। यहां पारा 42-45 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। ऐसी गर्मी में लू लगने का खतरा बेहद अधिक है। स्वास्थ्य सेवाओं को भी इसके लिए तैयारी करनी चाहिए।
इन इलाकों में पानी की कमी भी एक बड़ी समस्या है। गर्मी बढ़ने से भूजल का स्तर और नीचे चला जाएगा। कुएं, बोरवेल और तालाब सूख सकते हैं। किसानों को सिंचाई में मुश्किल आ सकती है। ऐसी परिस्थिति में सरकार को जल संरक्षण के उपाय तेजी से करने होंगे।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक हफ्ते के बाद कुछ राहत मिल सकती है। बंगाल की खाड़ी से बादलों की गतिविधि बढ़ने से दक्षिणी भारत में बारिश हो सकती है। लेकिन उत्तर और मध्य भारत में लंबे समय तक गर्मी रहने की उम्मीद है।
नागरिकों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ढेर सारा पानी पिएं, हल्के कपड़े पहनें और धूप में कम निकलें। बाहर निकलते समय टोपी, धूप का चश्मा और सनस्क्रीन लगाकर निकलें। बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें। डिहाइड्रेशन से बचने के लिए नियमित रूप से तरल पदार्थों का सेवन करें।
कुल मिलाकर, आने वाले कुछ दिन भारत के विभिन्न हिस्सों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होंगे। जहां एक तरफ गर्मी की मार झेलनी होगी, वहीं बारिश से भी निपटना होगा। सभी को अपनी-अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और मौसम के अनुसार तैयारी करनी चाहिए।




