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Wednesday, 22 April 2026
मौसम

मौसम रिपोर्ट: पश्चिमी विक्षोभ से बारिश और गर्मी

author
Komal
संवाददाता
📅 12 April 2026, 5:46 AM ⏱ 1 मिनट 👁 970 views
मौसम रिपोर्ट: पश्चिमी विक्षोभ से बारिश और गर्मी
📷 aarpaarkhabar.com

न्यूज डेस्क, आरपारखबर.कॉम

देश के मौसम विभाग (आईएमडी) ने बारहवीं अप्रैल को लेकर नए पूर्वानुमान जारी किए हैं। इस बार पश्चिमी विक्षोभ के असर से हिमालय क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं मैदानी इलाकों में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होने वाली है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी गर्मी का कहर झलकने लगा है।

आईएमडी के अनुसार इस सप्ताह उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख सहित तेरह राज्यों में बारिश और तूफान की प्रबल संभावना बताई गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी वर्षा से लैंडस्लाइड का खतरा भी बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों की ओर से आम लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पश्चिमी विक्षोभ का क्या मतलब है?

पश्चिमी विक्षोभ एक मौसमी घटना है जो भारत के उत्तरी भागों में मुख्य रूप से सर्दी और वसंत ऋतु में आती है। यह भूमध्य सागर और अटलांटिक महासागर के ऊपर बनने वाली निम्न दबाव प्रणाली है। जब यह भारतीय उपमहाद्वेश की ओर बढ़ता है तो हिमालय क्षेत्र में बारिश लाता है।

इस बार आने वाला पश्चिमी विक्षोभ अपेक्षाकृत मजबूत है। इसके कारण पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मनाली और स्पीति जैसे इलाकों में भारी वर्षा के आसार हैं। उत्तराखंड में भी चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में बारिश की चेतावनी दी गई है।

मौसम विभाग ने बताया कि इस विक्षोभ की वजह से जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना है। लद्दाख क्षेत्र में तापमान में भारी गिरावट आएगी। पर्यटकों और ड्राइवरों से राजमार्गों पर सावधानी बरतने की अपील की गई है।

मैदानों में तापमान में तेजी से उछाल

जहां हिमालय क्षेत्र में बारिश की स्थिति बनी है, वहीं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होने वाली है। दिल्ली समेत राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अप्रैल के दूसरे सप्ताह में ही तापमान चालीस डिग्री सेल्सियस को पार कर सकता है।

भारतीय मौसम विभाग ने दिल्ली में गर्म हवाओं की चेतावनी दी है। अगले सप्ताह राष्ट्रीय राजधानी में न्यूनतम तापमान बाईस से चौबीस डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। दिन का तापमान इकतालीस से चौवालीस डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। ऐसे में आम लोगों को घर के बाहर निकलते समय सूरज की सीधी किरणों से बचना चाहिए।

दिल्ली के अलावा लखनऊ, आगरा, वाराणसी और कानपुर जैसे शहरों में भी भीषण गर्मी की चेतावनी दी गई है। इन शहरों में अगले कुछ दिनों में तापमान इकतालीस डिग्री के करीब रहेगा। आईएमडी ने सुझाव दिया है कि लोग पर्याप्त पानी पिएं और हल्के रंगों के कपड़े पहनें।

राजस्थान और गुजरात में आने वाली है भीषण गर्मी

राजस्थान के जैसलमेर, बीकानेर और जोधपुर जिलों में तो तापमान पैंतालीस डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर जा सकता है। गुजरात के पश्चिमी इलाकों में भी अत्यधिक गर्मी की संभावना है। इन क्षेत्रों में लू चलने की भी चेतावनी दी गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह गर्मी अगले दो सप्ताह तक जारी रहेगी। इसके बाद मई के आते ही और भी ज्यादा तापमान बढ़ने की संभावना है। देश के विभिन्न मेट्रोलॉजिकल सेंटरों से आने वाले डेटा बताते हैं कि इस साल गर्मी पिछले पांच सालों से भी ज्यादा कठोर होगी।

निर्माण कार्य से जुड़े मजदूरों को दोपहर के समय काम न करने की सलाह दी गई है। स्कूलों को भी अपने समय-सूची में बदलाव करने को कहा गया है। बिजली विभाग ने भी लोगों से बिजली की बचत करने का आह्वान किया है क्योंकि गर्मी के दिनों में बिजली की मांग में भारी इजाफा होता है।

आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति को लेकर लोगों को आईएमडी की वेबसाइट पर अपडेट मिलते रहेंगे। नदियों और नालों के पास रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहना चाहिए क्योंकि पहाड़ों में हुई भारी बारिश से अचानक बाढ़ आ सकती है। सभी को मौसम की खबरों पर ध्यान देते रहना चाहिए और आवश्यकतानुसार उचित सावधानी बरतनी चाहिए।