बॉलीवुड स्टार्स सपोर्टिंग एक्टर्स से नहीं करते बात
बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री के सुप्रसिद्ध एक्टर राजेश कुमार ने एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री की असली सच्चाई सामने लाई हैं। उन्होंने इस बात का खुलासा किया है कि कैसे आजकल के बड़े स्टार्स सपोर्टिंग कास्ट के साथ बिल्कुल भी बातचीत नहीं करते हैं। राजेश कुमार के अनुसार, पुराने ज़माने के महान अभिनेता जैसे अमिताभ बच्चन और उनके समकालीन कलाकार हमेशा सपोर्टिंग कास्ट के साथ रिहर्सल किया करते थे। लेकिन आजकल की बात करें तो यह परिस्थिति बिल्कुल बदल गई है।
राजेश कुमार ने अपने बयान में कहा कि वर्तमान समय के तारकागण अपने को बहुत बड़ा समझते हैं। वे सपोर्टिंग एक्टर्स को अपने बराबर का समझ ही नहीं पाते। यह बॉलीवुड में एक बहुत ही गंभीर समस्या बन गई है। राजेश कुमार ने यह भी कहा कि इस वजह से फिल्मों की क्वालिटी में भी कमी आई है। जब मुख्य कलाकार और सपोर्टिंग कास्ट एक साथ रिहर्सल करते हैं, तो फिल्म में एक प्राकृतिक प्रवाह आता है।
पुरानी परंपरा और आजकल का फर्क
राजेश कुमार ने अपने बयान में जोर देते हुए कहा कि अमिताभ बच्चन जैसे महान अभिनेता सदा सपोर्टिंग कास्ट के साथ रिहर्सल करते थे। वे समझते थे कि फिल्म में हर किरदार का महत्व है। चाहे वह मुख्य भूमिका हो या सहायक भूमिका, सभी को एक समान सम्मान दिया जाना चाहिए। अमिताभ बच्चन जैसे दिग्गजों ने यह सिद्ध किया कि बड़े सितारे भी अपने छोटे सहकलाकारों के साथ काम कर सकते हैं।
लेकिन आजकल का परिदृश्य बिल्कुल अलग है। आजकल के नए स्टार्स को लगता है कि वे सपोर्टिंग एक्टर्स से कहीं ऊपर हैं। वे उन्हें ठीक से देखते भी नहीं। सेट पर मुख्य कलाकार अपनी ट्रेलर में बैठे रहते हैं, जबकि सपोर्टिंग एक्टर्स को इंतज़ार करना पड़ता है। यह व्यवहार फिल्म इंडस्ट्री के लिए बिल्कुल सही नहीं है।
बॉलीवुड में वर्ग व्यवस्था की समस्या
राजेश कुमार ने साफ तौर पर कहा है कि बॉलीवुड में एक क्लास सिस्टम मौजूद है। यह सिस्टम सदा से ही रहा है, लेकिन पहले इसको इतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता था। पुराने ज़माने के बड़े सितारे अपनी सफलता को अपने सहकलाकारों के साथ साझा करते थे। वे समझते थे कि एक अच्छी फिल्म के लिए सभी की भूमिका जरूरी है।
लेकिन आज की स्थिति यह है कि जैसे ही कोई अभिनेता बड़ा स्टार बन जाता है, वह अपने आस-पास के लोगों को नीचा देखने लगता है। सपोर्टिंग एक्टर्स को ऐसा महसूस होता है कि वे दूसरे दर्जे के नागरिक हैं। यह सिलसिला कितना गलत है, इसका अंदाजा राजेश कुमार के बयान से लगता है।
राजेश कुमार ने यह भी बताया कि जब वे छोटे भूमिकाओं में काम करते थे, तब भी उन्हें सम्मान दिया जाता था। लेकिन आजकल के स्टार्स ऐसा नहीं करते। वे सपोर्टिंग एक्टर्स को अपने से अलग समझते हैं। यह व्यवहार न केवल गलत है, बल्कि अनैतिक भी है। क्योंकि एक अच्छी फिल्म सभी की मेहनत का नतीजा होती है।
आजकल के स्टार्स का रवैया
राजेश कुमार ने कहा कि आजकल के स्टार्स बस अपने आप पर ध्यान देते हैं। उन्हें केवल अपनी सैलरी, अपनी ट्रेलर और अपनी सुविधाओं की चिंता है। सपोर्टिंग एक्टर्स के साथ बिताया जाने वाला समय उन्हें बर्बादी लगता है। यह सोच बिल्कुल गलत है।
जब मुख्य कलाकार सपोर्टिंग कास्ट के साथ समय बिताते हैं, तो न केवल अभिनय बेहतर होता है, बल्कि सेट का माहौल भी अच्छा रहता है। एक सकारात्मक माहौल में फिल्म निर्माण बेहतर होता है। लेकिन आजकल स्टार्स इस बात को नहीं समझते।
राजेश कुमार का यह बयान बॉलीवुड इंडस्ट्री के लिए एक सीख है। अगर आजकल के स्टार्स पुरानी परंपरा को अपनाएँ, तो न केवल फिल्मों की क्वालिटी बेहतर होगी, बल्कि इंडस्ट्री की संस्कृति भी सुधरेगी। सपोर्टिंग एक्टर्स को भी समान सम्मान दिया जाना चाहिए, क्योंकि एक अच्छी फिल्म सभी की मेहनत का फल होती है।




