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Tuesday, 21 April 2026
मौसम

पहाड़ों में बारिश-बर्फबारी, उत्तर भारत में लू का प्रकोप

author
Komal
संवाददाता
📅 17 April 2026, 5:46 AM ⏱ 1 मिनट 👁 945 views
पहाड़ों में बारिश-बर्फबारी, उत्तर भारत में लू का प्रकोप
📷 aarpaarkhabar.com

पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी का दौर

देश के पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि का सिलसिला शुरू हो गया है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की भी संभावना व्यक्त की गई है। इस मौसमी प्रणाली के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान में गिरावट आने वाली है और वहां ठंड का अनुभव होगा।

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, यह पश्चिमी विक्षोभ अगले तीन से चार दिनों तक सक्रिय रहेगा। इसके चलते हिमालयी क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। स्थानीय मौसम विज्ञानियों ने लोगों को सावधान रहने के लिए कहा है क्योंकि भारी वर्षा से भूस्खलन और बाढ़ की स्थिति बन सकती है। पर्यटन स्थलों और पहाड़ी सड़कों पर भी चलाचलन में बाधा आ सकती है।

लद्दाख और स्पीति क्षेत्र जैसे ऊंचे पठारों पर तो भारी बर्फबारी का दृश्य देखने को मिल सकता है। यहां तापमान शून्य डिग्री से भी नीचे चला जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से घरों में रहने और आवश्यक खाद्य सामग्री का भंडार बनाने की सलाह दी है। सड़कें बर्फ से ढंक सकती हैं, इसलिए यात्रा से बचने की सलाह दी जा रही है।

दिल्ली और उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर

जहां एक ओर पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड का कहर है, वहीं दूसरी ओर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में पारा 39 से 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में और भी बढ़ोतरी की चेतावनी दी है।

दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से लगातार गर्मी बढ़ रही है। सड़कों पर चलना दुश्वार हो गया है और लोग घरों में रहना पसंद कर रहे हैं। विद्यालय और कार्यालयों में भी गर्मी से राहत के उपाय किए जा रहे हैं। बिजली की खपत में भी भारी वृद्धि देखी जा रही है क्योंकि लोग एयर कंडीशनर और कूलर का अधिक उपयोग कर रहे हैं।

राजस्थान के कुछ शहरों में तो तापमान 42 डिग्री को भी पार कर गया है। जैसलमेर और बीकानेर जैसे शहरों में गर्मी असहनीय हो गई है। वहां के स्वास्थ्य विभाग ने लू से बचाव के संबंध में नागरिकों को सलाह दे रहे हैं। पानी की भी समस्या हो रही है क्योंकि जलापूर्ति में कटौती की जा रही है।

लू का प्रकोप और स्वास्थ्य चेतावनी

उत्तर भारत में लू (गर्म हवाएं) का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में लू की चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में तापमान के साथ-साथ आर्द्रता भी अधिक है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को लू से बचाव के बारे में सावधान किया है। दिन के 11 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है। पानी का भरपूर सेवन करना चाहिए और हल्के, ढीले-ढाले कपड़े पहनने चाहिए। बुजुर्गों, बच्चों और स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को तो विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामले बढ़ने लगे हैं। अस्पतालों में इस तरह के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल, सफदरजंग अस्पताल और अन्य बड़े मेडिकल संस्थानों में गर्मी से संबंधित रोगों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने सार्वजनिक स्थलों पर पानी की पिपियां लगवाई हैं। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य यात्रा केंद्रों पर लोगों के लिए ठंडे पानी की व्यवस्था की जा रही है। कुछ शहरों में 'कूल सेंटर' भी खोले गए हैं जहां लोग दिन के अधिकांश समय बिता सकते हैं।

मौसम विभाग ने कहा है कि यह गर्मी की लहर अगले सप्ताह तक कायम रह सकती है। इसके बाद मई के मध्य में मानसून पूर्व वर्षा की संभावना है। किसान भी इन मौसमी बदलावों से चिंतित हैं क्योंकि गेहूं की कटाई और अन्य मौसमी कार्यों में बाधा आ रही है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे सिंचाई में सावधानी बरतें और फसलों को अतिरिक्त पानी दें।

कुल मिलाकर, देश के विभिन्न हिस्सों में मौसमी विपरीतताएं देखने को मिल रही हैं। पहाड़ों में बारिश-बर्फबारी का दौर है, तो मैदानों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप है। नागरिकों को इन सभी स्थितियों में सावधानी बरतनी चाहिए और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए।