दिल्ली-एनसीआर में तीन दिन लू का प्रकोप, तापमान 43°C
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में आने वाले दिनों में भीषण गर्मी का कहर देखने को मिलेगा। भारतीय मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 22 से 24 अप्रैल तक तीन दिनों के लिए लू चलने की संभावना है। इस अवधि में तापमान 40 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जिससे आमजन को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
गत 19 अप्रैल को ही दिल्ली का अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। आने वाले सप्ताह में यह और भी बढ़ने वाला है। मौसम विभाग ने 20 से 25 अप्रैल तक लगातार गर्मी बढ़ने की चेतावनी दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह साल की सबसे भीषण गर्मी हो सकती है।
दिल्ली में तापमान की बढ़ोतरी
पिछले दिनों दिल्ली में तापमान में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। मार्च के अंत तक तापमान सामान्य रहा था, लेकिन अप्रैल के दूसरे सप्ताह से ही तपिश बढ़ने लगी। 19 अप्रैल को जहां अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री था, वहीं न्यूनतम तापमान भी 28 डिग्री के आसपास रहा। दिन और रात का तापमान अंतर तो कम हो गया है, लेकिन कुल तापमान में भारी इजाफा हुआ है।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले पांच दिनों में तापमान में और भी वृद्धि होगी। 20 अप्रैल को तापमान 41 डिग्री, 21 अप्रैल को 42 डिग्री और 22-24 अप्रैल को 42-43 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। यह स्थिति आमजन के लिए काफी चिंताजनक है, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों के लिए।
तापमान में यह वृद्धि एक स्थायी कम दबाव क्षेत्र के कारण हो रही है जो पश्चिमी और मध्य भारत के ऊपर बना हुआ है। साथ ही, ऊपरी हवाओं की दिशा भी लू को राजधानी की ओर धकेल रही है। इस परिस्थिति में गर्मी की तीव्रता में और भी वृद्धि होने की संभावना है।
लू चलने की आशंका और मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने स्पष्ट रूप से 22 से 24 अप्रैल के बीच लू चलने की चेतावनी दी है। इस अवधि में तूफानी हवाएं भी चल सकती हैं। दिल्ली-एनसीआर की जनता को सलाह दी गई है कि इन दिनों में घर से बाहर निकलने से बचें और अगर किसी कारण से बाहर जाना भी पड़े तो जरूरी सावधानियां बरतें।
लू के दौरान तेज धूल भरी हवाएं चल सकती हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता में भी गिरावट आ सकती है। आंखों में जलन, श्वसन संबंधी समस्याएं और त्वचा संबंधी रोग हो सकते हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे हल्के और ढीले कपड़े पहनें, पानी का भरपूर सेवन करें और बार-बार स्नान करें।
दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने भी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को तैयार रहने के लिए कहा है। हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से संबंधित मामलों में वृद्धि की संभावना है। पुलिस और अन्य सरकारी एजेंसियों को भी अलर्ट किया गया है ताकि सड़कों पर काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
जनता को दी गई सावधानियों की सूची
इस गंभीर परिस्थिति में मौसम विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने निम्नलिखित सावधानियां अपनाने की सलाह दी है:
सबसे पहली चीज है हाइड्रेशन। दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। नारियल पानी, लस्सी, छाछ और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें। चाय, कॉफी और अल्कोहल से बचें क्योंकि ये निर्जलीकरण बढ़ाते हैं।
घर से बाहर निकलते समय सूती कपड़े पहनें। सफेद या हल्के रंग के कपड़े पहनें क्योंकि वे धूप को परावर्तित करते हैं। टोपी, धूप का चश्मा और रूमाल ले कर निकलें। त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए सनस्क्रीन लगाएं।
दोपहर के 12 बजे से 3 बजे तक घर से बाहर न निकलें। यह समय सबसे ज्यादा गर्म होता है। अगर कोई काम है तो सुबह जल्दी या शाम को निपटा लें। बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान दें। उन्हें घर के अंदर रखें और नियमित रूप से उनका स्वास्थ्य जांचते रहें।
भारी और तैलीय भोजन से बचें। हल्का, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला खाना खाएं। ताजे फल और सब्जियों का भरपूर सेवन करें। बाहर का खाना खाने से बचें क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।
यदि किसी को चक्कर आना, सिरदर्द, कमजोरी या अन्य कोई लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। हीट स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है और इसमें देर करना जानलेवा साबित हो सकता है।
यह सुनिश्चित करें कि आपका घर भी ठंडा रहे। खिड़कियों और दरवाजों को दिन के समय बंद रखें। कूलर, एयर कंडीशनर या पंखे का उपयोग करें। रात को हवा आने के लिए खिड़कियां खुली रखें।
दिल्ली-एनसीआर की जनता को इस गंभीर मौसम के लिए तैयार रहना चाहिए। मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और दी गई सावधानियों का पालन करें। यह समय चुनौतीपूर्ण है, लेकिन सतर्कता और समझदारी से इस पर काबू पाया जा सकता है।




