🔴 ब्रेकिंग
TMC ऑफिस पर ताला: ममता के खिलाफ ऋतब्रत का विद्रोह|पुरानी झाड़ू हटाएं और बढ़ाएं बैंक बैलेंस|दिग्विजय सिंह राम मंदिर चंदा वापस लेंगे कोर्ट में|वैभव सूर्यवंशी का न्यू चैप्टर पोस्ट डेब्यू या सरप्राइज|शोहरत की कीमत: आलिया की ट्रोलिंग पर महेश भट्ट|उत्तर-पश्चिम भारत में तेज बारिश, मॉनसून अपडेट|मानसून में राजस्थान की 5 सबसे खूबसूरत जगहें|फ्रांस ने अमेरिका को दिया स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी गिफ्ट|राम मंदिर ट्रस्ट की छह जुलाई बैठक, इस्तीफों पर विचार|खामेनेई के जनाजे में राष्ट्रपति का दर्द भरा रोना|TMC ऑफिस पर ताला: ममता के खिलाफ ऋतब्रत का विद्रोह|पुरानी झाड़ू हटाएं और बढ़ाएं बैंक बैलेंस|दिग्विजय सिंह राम मंदिर चंदा वापस लेंगे कोर्ट में|वैभव सूर्यवंशी का न्यू चैप्टर पोस्ट डेब्यू या सरप्राइज|शोहरत की कीमत: आलिया की ट्रोलिंग पर महेश भट्ट|उत्तर-पश्चिम भारत में तेज बारिश, मॉनसून अपडेट|मानसून में राजस्थान की 5 सबसे खूबसूरत जगहें|फ्रांस ने अमेरिका को दिया स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी गिफ्ट|राम मंदिर ट्रस्ट की छह जुलाई बैठक, इस्तीफों पर विचार|खामेनेई के जनाजे में राष्ट्रपति का दर्द भरा रोना|
Tuesday, 21 July 2026
धर्म

हनुमान जी से जुड़ी रोचक पौराणिक कथा और नाम की कहानी

author
Komal
संवाददाता
📅 28 April 2026, 7:15 AM ⏱ 1 मिनट 👁 1.0K views
हनुमान जी से जुड़ी रोचक पौराणिक कथा और नाम की कहानी
📷 aarpaarkhabar.com

हनुमान जी हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख और पूजनीय देवताओं में से एक हैं। भारत के कोने-कोने में उनके मंदिर स्थित हैं और लाखों लोग उनकी आराधना करते हैं। हनुमान जी को बजरंगबली, पवनपुत्र, अंजनिसुत और राम भक्त जैसे कई नामों से पुकारा जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि 'हनुमान' नाम के पीछे एक अद्भुत पौराणिक कथा छिपी हुई है? आइए इस रोचक कहानी को विस्तार से समझते हैं।

हनुमान नाम की पौराणिक उत्पत्ति

हनुमान जी का असली नाम 'अंजनेय' था, लेकिन उन्हें 'हनुमान' नाम एक घटना के कारण मिला। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, जब हनुमान जी बचपन में थे, तो वह बहुत ही शरारती और शक्तिशाली थे। उन्हें अपनी शक्तियों का पूरा एहसास नहीं था। एक दिन की घटना ने उनके जीवन को बदल दिया।

बचपन में हनुमान जी ने सूर्य को एक आम समझ लिया और उन्हें खाने के लिए पकड़ने की कोशिश करने लगे। जब इंद्र को इस बात का पता चला, तो वह बहुत क्रोधित हुए। इंद्र ने अपना वज्र हथियार हनुमान जी की ओर फेंक दिया। इस वज्र के प्रहार से हनुमान जी का जबड़ा टूट गया। संस्कृत भाषा में जबड़े को 'हनु' कहा जाता है। इसी कारण इस घटना के बाद उनका नाम 'हनुमान' पड़ गया, क्योंकि वह 'हनु' अर्थात जबड़े वाले हो गए थे।

इस दुर्घटना के बाद जब वाजु (पवन देव) को अपने पुत्र की पीड़ा का एहसास हुआ, तो वह बहुत क्रोधित हुए। पवन देव ने अपना प्रभाव दिखाते हुए तीनों लोकों में हवा का प्रवाह बंद कर दिया। इस कारण सभी देवता, मनुष्य और प्राणी परेशान होने लगे। तब सभी देवताओं ने मिलकर पवन देव को प्रसन्न किया और हनुमान जी को अमूल्य वरदान दिए।

हनुमान जी को मिले वरदान

पौराणिक कथाओं में वर्णित है कि जब वाजु (पवन देव) को अपने पुत्र की पीड़ा का एहसास हुआ, तब सभी देवताओं ने हनुमान जी को विशेष वरदान दिए। ब्रह्मा जी ने हनुमान जी को यह वरदान दिया कि कोई भी शक्ति उन्हें कभी नुकसान नहीं पहुंचा सकेगी। शिव जी ने उन्हें अपार शक्ति और ज्ञान दिया। इंद्र ने हनुमान जी को वज्र से भी अधिक शक्तिशाली बनाया।

ये वरदान हनुमान जी के असाधारण कर्मों का आधार बने। उनकी शक्ति और निष्ठा की वजह से ही वह राम जी की सेवा में इतने समर्पित रहे। रामायण में हनुमान जी के कारनामे ऐसे हैं जो सामान्य मानवीय क्षमता से कहीं अधिक हैं। लंका में सीता जी को खोजना, लंका के किले को तोड़ना, और राम जी की सेवा में हर कार्य को पूरा करना - ये सभी कार्य उन्हीं वरदानों का फल थे।

हनुमान जी के अन्य नामों का अर्थ

हनुमान जी को दिए गए अन्य नामों का भी गहरा अर्थ है। 'पवनपुत्र' नाम इसलिए दिया गया क्योंकि वह वाजु देव (पवन देव) के पुत्र थे। 'बजरंगबली' नाम उनकी अपार शक्ति का प्रतीक है। 'अंजनिसुत' का अर्थ है अंजना के पुत्र, जहां अंजना हनुमान जी की माता थीं।

हनुमान जी की बुद्धिमत्ता और राम के प्रति समर्पण उन्हें 'राम भक्त' का सर्वोच्च उदाहरण बनाता है। उनका पूरा जीवन राम जी की सेवा में समर्पित था। रामायण में गोस्वामी तुलसीदास जी ने हनुमान जी की भक्ति और निष्ठा का जो चित्रण किया है, वह हिंदू धर्म में एक आदर्श के रूप में माना जाता है।

हनुमान जी की कहानी केवल एक धार्मिक कथा नहीं है, बल्कि यह शारीरिक शक्ति, बौद्धिक क्षमता और आध्यात्मिक समर्पण का एक संपूर्ण उदाहरण है। उनके जीवन से हमें सीख मिलती है कि कैसे किसी के प्रति पूर्ण समर्पण और विश्वास से असाधारण कार्य संभव हो सकते हैं। आज भी लाखों लोग हनुमान जी की पूजा करते हैं और उनके गुणों को अपने जीवन में लाने का प्रयास करते हैं।