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Saturday, 13 June 2026
समाचार

शुगर-फ्री बंगाली मिष्टी दोई रेसिपी गर्मी के लिए

author
Komal
संवाददाता
📅 03 May 2026, 6:30 AM ⏱ 1 मिनट 👁 323 views
शुगर-फ्री बंगाली मिष्टी दोई रेसिपी गर्मी के लिए
📷 aarpaarkhabar.com

अगर आप भी मिष्टी दोई खाना पसंद करते हैं, लेकिन मीठे की वजह से इसे खाने में संकोच करते हैं, तो यह शुगर-फ्री मिष्टी दोई रेसिपी आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट है। बंगाल की यह पारंपरिक मिठाई गर्मी के मौसम में बेहद लोकप्रिय है। फुल-फैट दूध और सही फर्मेंटेशन के साथ बनी यह मिठाई उतनी ही क्रीमी और स्वादिष्ट है जितनी पारंपरिक मिष्टी दोई होती है। इससे भी अच्छी बात यह है कि सेहत और स्वाद के साथ अब आप गिल्ट-फ्री डेजर्ट का मजा ले सकते हैं।

मिष्टी दोई बंगाल की सबसे प्रसिद्ध और पारंपरिक मिठाई है। इसे दही और खोये से बनाया जाता है। साधारण तरीके से बनी मिष्टी दोई में काफी चीनी और गुड़ का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे यह मीठी बहुत अधिक हो जाती है। लेकिन आजकल सेहत के बारे में सभी ज्यादा सचेत हैं। इसलिए शुगर-फ्री मिष्टी दोई बनाना एक बेहतरीन विकल्प है।

शुगर-फ्री मिष्टी दोई के फायदे

शुगर-फ्री मिष्टी दोई बनाना और खाना कई कारणों से फायदेमंद है। सबसे पहले तो यह मधुमेह के रोगियों के लिए बेहद सुरक्षित है। दूसरा, यह वजन घटाने में मदद करता है क्योंकि इसमें चीनी नहीं होती है। तीसरा, दही प्रोबायोटिक्स से भरपूर होता है जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है। चौथा, दूध में कैलशियम और प्रोटीन होते हैं जो हड्डियों को मजबूत करते हैं। इसके अलावा, घर पर बनी मिष्टी दोई पूरी तरह से शुद्ध और ताजी होती है।

शुगर-फ्री मिष्टी दोई गर्मी के मौसम में खासतौर पर अच्छी रहती है। क्योंकि इसे ठंडा करके खाया जाता है और यह शरीर को ठंडक देता है। साथ ही, दही में लैक्टिक एसिड होता है जो पाचन को बेहतर बनाता है और गर्मी में होने वाली पेट की समस्याओं को रोकता है।

शुगर-फ्री मिष्टी दोई की रेसिपी

अब बात करते हैं कि शुगर-फ्री मिष्टी दोई कैसे बनाते हैं। इसके लिए आपको कुछ चीजों की जरूरत होगी। सबसे पहली चीज है फुल-फैट दूध। अगर आप संभव हो सके तो कच्चा दूध लें या फिर स्टोर से मिले फुल-फैट दूध भी ठीक है। दूसरी चीज है छाछ या दही का कल्चर। तीसरी चीज है कंडेंस्ड मिल्क जो बिना चीनी के हो, या आप गाढ़ा दूध भी बना सकते हैं।

रेसिपी बनाने के लिए पहले एक किलोग्राम फुल-फैट दूध को एक कढ़ाई में डालें। इसे धीमी आंच पर पकाएं जब तक यह लगभग आधा न रह जाए। इसमें समय लगेगा, कम से कम दो से तीन घंटे। जब दूध गाढ़ा हो जाए, तो इसे ठंडा करने के लिए बाहर निकाल दें। इसे कमरे के तापमान तक ठंडा होने दें।

जब दूध पूरी तरह ठंडा हो जाए, तो इसमें दो से तीन टेबल स्पून दही मिलाएं। यह दही अच्छी किस्म का होना चाहिए क्योंकि इसी से आपकी मिष्टी दोई का स्वाद और गुणवत्ता निर्भर करती है। अब इस मिश्रण को अच्छे से मिलाएं। इसके बाद इसे छोटे-छोटे मिट्टी के बर्तनों या कांच के बर्तनों में डालें।

अब इन बर्तनों को गर्म पानी में रखें या किसी गर्म जगह पर रखें जहां तापमान कम से कम पचास डिग्री सेल्सियस हो। आप इसके लिए अपने घर का तापमान नियंत्रित बॉक्स या फिर प्रेशर कुकर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे कम से कम आठ से दस घंटे के लिए रखें। सर्दियों में थोड़ा अधिक समय लग सकता है।

सही फर्मेंटेशन और परोसने का तरीका

फर्मेंटेशन का प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है। अगर तापमान बहुत अधिक है तो दही खट्टी हो सकती है। अगर तापमान बहुत कम है तो दही जम नहीं पाएगी। इसलिए सही तापमान बनाए रखना जरूरी है। आठ घंटे बाद बर्तन को निकालें और देखें कि दही सही तरीके से जम गई है या नहीं।

जब मिष्टी दोई तैयार हो जाए, तो इसे रेफ्रिजरेटर में रख दें। ठंडा करने के बाद परोसें। आप इसमें कुछ सूखे मेवे, कुछ ताजे फल के टुकड़े या बादाम की बारीक कतरन डाल सकते हैं। यह इसके स्वाद को और भी बेहतर बना देगा। इस शुगर-फ्री मिष्टी दोई को आप रेफ्रिजरेटर में पांच से सात दिन तक रख सकते हैं।

यह रेसिपी न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि सेहत के लिए भी काफी अच्छी है। आप इसे अपने परिवार और दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं। गर्मी के दिनों में यह एक परफेक्ट डेजर्ट है जो आपको ठंडक भी देगा और सेहतमंद भी रखेगा। तो अब देर मत कीजिए, आज ही इस शुगर-फ्री मिष्टी दोई को बनाएं और बंगाली पारंपरिक स्वाद का लुत्फ उठाएं।