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Saturday, 13 June 2026
समाचार

ज्येष्ठ माह का बड़ा मंगल: शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

author
Komal
संवाददाता
📅 19 May 2026, 6:46 AM ⏱ 1 मिनट 👁 733 views
ज्येष्ठ माह का बड़ा मंगल: शुभ मुहूर्त और पूजन विधि
📷 aarpaarkhabar.com

ज्येष्ठ माह का तीसरा बड़ा मंगल आज हमारे लिए लेकर आ रहा है अपने साथ ढेर सारी सकारात्मक ऊर्जा और आशीर्वाद। यह दिन हनुमान भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और कल्याणकारी माना जाता है। पारंपरिक हिंदू धर्मशास्त्र के अनुसार इस दिन भगवान हनुमान को प्रसन्न करने का अवसर मिलता है और उनका आशीर्वाद पाने के लिए विशेष पूजन किया जाता है।

बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल की परंपरा भारतीय संस्कृति में सदियों पुरानी है। ज्येष्ठ मास के दौरान आने वाले इन मंगलवारों को विशेष महत्व दिया जाता है क्योंकि इस समय मंगल ग्रह की शक्ति अपने चरम पर होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान हनुमान को विशेष पूजन से उनकी कृपा प्राप्त की जा सकती है।

ज्येष्ठ माह का बड़ा मंगल क्या है?

ज्येष्ठ मास में आने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। यह माह वर्ष के सबसे महत्वपूर्ण महीनों में से एक माना जाता है। ज्येष्ठ मास के दौरान तीन मंगलवार आते हैं और इन सभी मंगलवारों का अपना-अपना महत्व होता है। पहला मंगल, दूसरा मंगल और तीसरा मंगल - ये तीनों ही बेहद शुभ माने जाते हैं।

इस साल आज जो तीसरा बड़ा मंगल है, यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भक्तों का मानना है कि इस दिन हनुमान जी की आराधना से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। कई लोग तो इसी दिन अपने मनौती पूरी करने के लिए विशेष पूजन का आयोजन करते हैं। धार्मिक ग्रंथों में वर्णित है कि बड़े मंगल पर की गई पूजा का फल शीघ्र मिलता है।

ज्येष्ठ मास गर्मी का महीना होता है और इसी महीने में गर्मी की तीव्रता सबसे अधिक होती है। इसी कारण इस महीने को ऋषि-मुनियों ने तपस्या के लिए सबसे उपयुक्त माना है। भगवान हनुमान को भी तपस्या का प्रतीक माना जाता है इसलिए इस महीने में उनकी पूजा का विशेष महत्व है।

आज का शुभ मुहूर्त और पूजन का समय

आज के इस बड़े मंगल पर पूजन के लिए सबसे उपयुक्त समय प्रातःकाल है। भगवान हनुमान को प्रसन्न करने के लिए पूजन सूर्योदय के बाद से लेकर दोपहर के पहले भाग तक किया जा सकता है। सूर्योदय से पहले का समय सबसे शुभ माना जाता है।

पारंपरिक मान्यता के अनुसार मंगलवार को विशेषकर मंगल ग्रह की शक्ति को ध्यान में रखते हुए पूजन करना चाहिए। इस दिन लाल रंग का विशेष महत्व होता है। पूजा की तैयारी से एक दिन पहले ही कर लेनी चाहिए ताकि किसी प्रकार की बाधा न आए। पूजन के समय घर को पवित्र रखना चाहिए और मन को शुद्ध रखना चाहिए।

हनुमान चालीसा का पाठ करना इस दिन का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है। हनुमान चालीसा को चालीस बार पढ़ने से विशेष फल मिलता है। कुछ भक्त तो हनुमान जी की प्रतिमा के सामने बैठकर पूरे दिन उनका नाम लेते हैं।

संपूर्ण पूजन विधि और सामग्री

बड़े मंगल पर हनुमान जी की पूजा करने के लिए सबसे पहले पूजा स्थल को गंगा जल या शुद्ध जल से धो लेना चाहिए। फिर वहां पर भगवान हनुमान की मूर्ति या तस्वीर को स्थापित करें। आप घर के किसी भी कोने में इसे रख सकते हैं लेकिन उत्तर या पूर्व की दिशा को सबसे उपयुक्त माना जाता है।

पूजन सामग्री में फूल, धूप, दीप, रोली, चावल, दही, घी, गुड़ और गन्ने का प्रयोग किया जाता है। हनुमान जी को लाल फूल अर्पित करना विशेष महत्व रखता है। कुछ लोग गुलाब के फूल भी चढ़ाते हैं। पूजन के समय मंत्रों का जाप भी किया जाता है।

पूजन का सही तरीका यह है कि सबसे पहले भगवान को प्रणाम करें। फिर उन्हें पवित्र जल से स्नान कराएं। उसके बाद फूल, फल और मिठाई अर्पित करें। हनुमान चालीसा का पाठ करने के बाद आरती की जाती है। पूजन के अंत में प्रसाद को परिवार के सभी सदस्यों में बांटा जाता है।

इस दिन व्रत रखना भी बेहद फलदायक माना जाता है। कई भक्त पूरे दिन का व्रत रखते हैं जबकि कुछ फल और दूध पर रह जाते हैं। व्रत रखने से आत्मा को शुद्धि मिलती है और मन को शांति मिलती है। पूजन के बाद जब आरती की जाती है तब घंटी की आवाज़ को ध्यान से सुनना चाहिए क्योंकि यह आवाज़ नकारात्मक शक्तियों को दूर करती है।

बड़े मंगल के दिन हनुमान जी को तेल का अर्पण करना भी परंपरागत है। कुछ लोग उन्हें सिंदूर भी अर्पित करते हैं। यदि आप घर पर पूजन नहीं कर सकते तो हनुमान मंदिर जाकर भी पूजन किया जा सकता है। मंदिर में जाकर भगवान को प्रणाम करना और उनके दर्शन करना भी बेहद शुभ माना जाता है।

इस पवित्र दिन पर अपने मन में सकारात्मक विचार रखें और दूसरों के लिए भलाई की कामना करें। भगवान हनुमान की कृपा से आपका जीवन सुखमय और समृद्ध होगा। आज का बड़ा मंगल आपके लिए लेकर आए असीम आशीर्वाद और सुख।