🔴 ब्रेकिंग
सईद अनवर: 194 रन के बाद कहां गायब हो गए पाकिस्तानी बैटर|गर्मी में ठंडक देगी कड़क चाय – 3 घटक|यूपीआई से पीएफ निकासी शुरू, परीक्षण पूरा|बृहस्पति महागोचर 2026: 4 राशियों पर संकट|फलता विधानसभा पुनर्मतदान: सुरक्षा के बीच शुरू EVM विवाद के बाद|फलता विधानसभा में री-पोलिंग, ड्रोन निगरानी के साथ|यूपी में खतरनाक लू की चेतावनी, रात में भी नहीं मिलेगी राहत|US नेवी की तेल टैंकर पर चढ़ाई, ईरान तनाव|सलमान खान ने पैपराजियों को माफ किया|क्रिकेट कनाडा अध्यक्ष के घर फायरिंग, रंगदारी का संदेह|सईद अनवर: 194 रन के बाद कहां गायब हो गए पाकिस्तानी बैटर|गर्मी में ठंडक देगी कड़क चाय – 3 घटक|यूपीआई से पीएफ निकासी शुरू, परीक्षण पूरा|बृहस्पति महागोचर 2026: 4 राशियों पर संकट|फलता विधानसभा पुनर्मतदान: सुरक्षा के बीच शुरू EVM विवाद के बाद|फलता विधानसभा में री-पोलिंग, ड्रोन निगरानी के साथ|यूपी में खतरनाक लू की चेतावनी, रात में भी नहीं मिलेगी राहत|US नेवी की तेल टैंकर पर चढ़ाई, ईरान तनाव|सलमान खान ने पैपराजियों को माफ किया|क्रिकेट कनाडा अध्यक्ष के घर फायरिंग, रंगदारी का संदेह|
Thursday, 21 May 2026
राजनीति

फलता विधानसभा में री-पोलिंग, ड्रोन निगरानी के साथ

author
Komal
संवाददाता
📅 21 May 2026, 7:32 AM ⏱ 1 मिनट 👁 334 views
फलता विधानसभा में री-पोलिंग, ड्रोन निगरानी के साथ
📷 aarpaarkhabar.com

पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार को फिर से मतदान होने जा रहा है। इस बार चुनाव आयोग ने सर्वोच्च स्तर की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की है। ड्रोन कैमरों से निगरानी, सशस्त्र सुरक्षा बल और कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ यह प्रक्रिया शुरू होगी। पिछली बार इसी विधानसभा क्षेत्र में मतदान के दौरान ईवीएम में गड़बड़ी और हेराफेरी के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके कारण मतदान को रद्द करना पड़ा था।

फलता विधानसभा क्षेत्र राज्य की राजनीति में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह इलाका दक्षिण बंगाल में स्थित है और यहां की जनता काफी सचेत और सक्रिय रहती है। पिछली मतदान प्रक्रिया में जो विवाद हुए, उससे स्थानीय लोगों में काफी असंतोष था। इसलिए इस बार चुनाव आयोग को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है।

उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी

फलता में री-पोलिंग के लिए चुनाव आयोग ने जो सुरक्षा व्यवस्था की है, वह किसी बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम की तरह है। ड्रोन कैमरों को मतदान केंद्रों के ऊपर तैनात किया जाएगा, जो हर गतिविधि को रिकॉर्ड करेंगे। साथ ही, सशस्त्र सुरक्षा बल के जवान मतदान केंद्रों के बाहर पहरेदारी करेंगे। स्थानीय पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम पूरे इलाके में गश्त लगाएगी।

विधानसभा के आसपास का इलाका मतदान के दिन पूरी तरह सील कर दिया जाएगा। किसी भी अनजान व्यक्ति को मतदान केंद्र के पास आने की अनुमति नहीं होगी। आईडी कार्ड की जांच कड़ाई से की जाएगी। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी आचार संहिता का उल्लंघन सहन नहीं किया जाएगा।

मतदान केंद्रों पर एक नया तकनीकी उपकरण भी लगाया जाएगा जो ईवीएम में किसी भी तरह की छेड़छाड़ को तुरंत पकड़ सकेगा। ये उपकरण बैटरी से लेकर बटन तक हर चीज की निगरानी करेंगे। इसके अलावा, सभी ईवीएम को सीलबंद पैकेजिंग में रखा जाएगा और उन पर नंबरिंग की जाएगी।

पिछली बार क्या हुआ था

पिछली मतदान प्रक्रिया में फलता विधानसभा में जो विवाद हुए, वे काफी गंभीर थे। मतदान से कुछ घंटे पहले ही ईवीएम में गड़बड़ी की खबरें आने लगीं। विरोधी दलों के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि ईवीएम में हेराफेरी की गई है। कुछ ईवीएम ने बटन दबाने पर गलत वोट दिखाए। इससे मतदान प्रक्रिया में भारी विलंब हुआ।

स्थानीय मीडिया और राजनीतिक दलों की ओर से तुरंत शिकायतें दर्ज की गईं। चुनाव आयोग को विस्तृत जांच करनी पड़ी। जांच के दौरान पाया गया कि कुछ तकनीकी खामियां थीं जो मतदान को प्रभावित कर सकती थीं। इसके बाद आयोग ने फैसला लिया कि इस विधानसभा क्षेत्र में दोबारा मतदान होगा।

इस फैसले से स्थानीय लोगों में अलग-अलग प्रतिक्रिया हुई। कुछ लोगों ने इसे सही कदम माना, तो कुछ को लगा कि इससे मतदान प्रक्रिया में अनावश्यक देरी हो रही है। लेकिन लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए यह कदम आवश्यक था।

स्थानीय जनता की प्रतिक्रिया और अपेक्षाएं

फलता की जनता इस बार मतदान के लिए काफी उत्साहित है, लेकिन सतर्क भी है। स्थानीय निवासियों ने कहा है कि इस बार वे अपने वोट की शक्ति को सही तरीके से इस्तेमाल करना चाहते हैं। महिलाओं के एक समूह ने कहा कि वे सुबह जल्दी ही मतदान केंद्र पर पहुंचेंगी। युवाओं को भी इस प्रक्रिया में भाग लेने में दिलचस्पी दिखाई दे रही है।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कोई भी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोग के क्षेत्रीय निदेशक ने कहा कि इस बार की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। सभी निर्देशों का पालन करना होगा। अगर कोई भी व्यक्ति या समूह किसी तरह की गड़बड़ी करने की कोशिश करेगा, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

फलता विधानसभा क्षेत्र में इस बार मतदान का आयोजन सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक होगा। कुल मिलाकर, चुनाव आयोग ने इस बार की मतदान प्रक्रिया को भारत के सबसे सुरक्षित और पारदर्शी चुनावों में से एक बनाने का वचन दिया है। फलता की जनता को भी यह अवसर है कि वे अपने प्रतिनिधि को सही तरीके से चुन सकें।