फलता विधानसभा पुनर्मतदान: सुरक्षा के बीच शुरू EVM विवाद के बाद
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर से तनाव की स्थिति देखने को मिल रही है। फलता विधानसभा सीट पर आज सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुनर्मतदान का कार्यक्रम शुरू हो गया है। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से कथित छेड़छाड़ और चुनावी अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के बाद भारतीय निर्वाचन आयोग ने इस फैसले को लागू किया है। यह घटना न सिर्फ राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, बल्कि देश के चुनावी प्रणाली पर भी सवाल खड़े करती है।
मतदान की प्रक्रिया सुबह 7 बजे से जारी है और यह शाम 5 बजे तक चलेगी। निर्वाचन आयोग ने इस दौरान असाधारण सुरक्षा उपाय किए हैं। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 35 कंपनियां पूरे क्षेत्र में तैनात की गई हैं ताकि किसी प्रकार की अनियमितता न हो सके। जिला प्रशासन ने भी अपनी तरफ से सभी जिलाधीश और पुलिस अधिकारियों को सतर्क रखा है। मतदान केंद्रों के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई है और हर मतदान केंद्र पर पर्यवेक्षक और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई है।
EVM विवाद और चुनाव आयोग की कार्रवाई
फलता विधानसभा सीट पर पहली बार मतदान के दौरान EVM से संबंधित कई अनियमितताएं सामने आई थीं। विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया था कि कुछ EVM में तकनीकी खराबी आई है और मशीनों में कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई है। इन आरोपों की जांच के बाद निर्वाचन आयोग ने पाया कि मतदान प्रक्रिया में गंभीर कमियां थीं। आयोग का मानना है कि पारदर्शिता के सिद्धांत को बनाए रखते हुए दोबारा मतदान कराना आवश्यक था।
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि इस बार सभी EVM मशीनों की पूर्ण जांच की जाएगी। प्रत्येक मशीन के साथ एक VVPAT (वोटर वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल) डिवाइस लगाई गई है जो मतदाताओं को यह सुविधा देता है कि वे अपने द्वारा दिए गए वोट को सत्यापित कर सकें। आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि को सख्ती से दंडित किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था और मतदाताओं की भागीदारी
फलता विधानसभा सीट की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। 35 कंपनियां केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनातियां इस बात का संकेत हैं कि स्थानीय अधिकारियों को किस हद तक चिंता है। पूरे क्षेत्र को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित किया गया है और हर सेक्टर में व्यक्तिगत निरीक्षण करने के लिए अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। ड्रोन कैमरों का भी उपयोग किया जा रहा है ताकि किसी भी असामान्य गतिविधि का तुरंत पता चल सके।
मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की आवक अपेक्षाकृत कम रही है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि पिछली बार की घटनाओं के बाद कई लोगों में विश्वास की कमी आ गई है। हालांकि, निर्वाचन आयोग के अधिकारियों की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था ने कुछ मतदाताओं को आश्वस्त किया है। महिला मतदाता विशेष रूप से सुरक्षित वातावरण में अपने अधिकारों का प्रयोग कर रही हैं।
राजनीतिक पक्षों की प्रतिक्रिया
इस पुनर्मतदान को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आई हैं। सत्तारूढ़ दल का मानना है कि निर्वाचन आयोग का यह कदम पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सही है। विपक्षी दलों ने भी स्वागत किया है, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि पूरे प्रक्रिया में कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
फलता सीट पर कुल छह उम्मीदवार हैं जो इस बार मैदान में हैं। उनमें से कई को पिछली अनियमितताओं के बारे में चिंता है और वे पुनर्मतदान को लेकर अलग-अलग विचार रखते हैं। कुछ उम्मीदवारों का मानना है कि यह उचित निर्णय है, जबकि कुछ को लगता है कि निर्वाचन आयोग को अन्य कारकों पर भी ध्यान देना चाहिए था।
आने वाले घंटों में और अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है। निर्वाचन आयोग पूरी प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी बनाए हुए है और किसी भी असामान्यता की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के लिए तैयार है। यह मतदान शाम 5 बजे समाप्त होगा और उसके बाद मतों की गिनती की प्रक्रिया शुरू होगी जिसमें भी सभी सावधानियां बरती जाएंगी।




