उत्तर प्रदेश में 47 डिग्री तापमान, भीषण गर्मी
उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार निकल गया है। यह स्थिति काफी चिंताजनक है और लोगों के लिए बेहद कठिन समय साबित हो रही है। पूरे उत्तर भारत में हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश लू की सबसे ज्यादा चपेट में हैं। इन राज्यों में पारा सामान्य तापमान से कई डिग्री ऊपर चला गया है।
इस भीषण गर्मी के कारण दिन के समय जनजीवन लगभग रुक सा गया है। लोग अपने घरों में बंद रहने के लिए मजबूर हो गए हैं। सड़कों पर भीड़ कम देखने को मिल रही है क्योंकि किसी को भी इस तीव्र गर्मी में बाहर निकलने की हिम्मत नहीं है। दोपहर के समय तो स्कूलों, कॉलेजों और दफ्तरों में भी काम प्रभावित हो रहा है। लोग सुबह-शाम के समय ही बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं।
यह गर्मी की लहर काफी तेजी से फैल रही है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में और भी गर्मी बढ़ने की संभावना है। विभाग ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे अपना ख्याल रखें। गर्मी के मौसम में पानी का सेवन अधिक करना चाहिए। लू से बचाव के लिए सरकार भी सचेत है और अलर्ट जारी कर चुकी है।
उत्तर भारत में गर्मी का यह प्रकोप
उत्तर भारत में जून का महीना आते ही गर्मी बढ़ने लगती है। लेकिन इस बार की गर्मी असाधारण है। मई के अंत से ही तापमान को लेकर चेतावनी दी जा रही थी। अब जून में प्रवेश करते ही स्थिति और भी खराब हो गई है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में रोज नए रिकॉर्ड टूट रहे हैं।
मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, बलिया, वाराणसी, गोरखपुर और मुरादाबाद जैसे इलाकों में तापमान सबसे अधिक है। यहां पारा 47 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। आगरा और मथुरा में भी तापमान 45 डिग्री के आसपास है। दिल्ली सहित पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी गर्मी का कहर है।
हिमालय की तलहटी में स्थित पहाड़ी इलाकों में भी इस बार गर्मी से कोई राहत नहीं मिल रही है। उत्तराखंड के निचले इलाकों में भी तापमान 40 डिग्री के पास है। हिमाचल प्रदेश में भी मैदानी इलाकों में गर्मी बढ़ी हुई है। आमतौर पर पहाड़ों पर गर्मी कम होती है, लेकिन इस बार पहाड़ों पर भी कोई राहत नहीं मिल रही।
लू और स्वास्थ्य संबंधी खतरे
इस भीषण गर्मी के कारण लोगों को कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं का सामना करना पड़ रहा है। लू लगना, पानी की कमी, हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष खतरा है। अस्पतालों में इस गर्मी से संबंधित मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी चिकित्सकों को सचेत किया है कि वे हीट स्ट्रोक के मामलों के लिए तैयार रहें। इलाजों में भी व्यस्ततम दिन देखे जा रहे हैं। गर्मी के कारण संक्रामक रोग भी बढ़ रहे हैं। स्कूलों में भी गैस्ट्रिक समस्याओं की शिकायतें बढ़ी हैं।
लू से बचाव के लिए विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि दिन के 10 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर न निकलें। खूब पानी पिएं। नमकीन और चीनी युक्त पेय पदार्थ लें। हल्के और सूती कपड़े पहनें। गीले कपड़े का प्रयोग करें।
मौसम विभाग की चेतावनी और भविष्य की संभावना
मौसम विभाग ने अगले कम से कम पांच से सात दिनों तक गर्मी बने रहने की चेतावनी दी है। मानसून की बारिश की संभावना अभी कम से कम दो सप्ताह बाद दिख रही है। जब तक मानसून नहीं आता, तब तक यह गर्मी बनी रहेगी।
सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। शहरों में पीने के पानी की व्यवस्था बढ़ाई गई है। कूलिंग सेंटर खोले गए हैं। हीट रिलीफ कैंप लगाए जा रहे हैं। प्रशासन लोगों को लू से बचाव के प्रति जागरूक कर रहा है। गांवों में भी पानी की आपूर्ति को लेकर ध्यान दिया जा रहा है।
लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे एक-दूसरे की मदद करें। बुजुर्गों, बीमारों और बच्चों का विशेष ख्याल रखें। इस गंभीर समय में समाज को एक होकर काम करना चाहिए। भीषण गर्मी से निपटने के लिए सभी को मिलजुलकर प्रयास करने होंगे। तभी हम इस संकट से बाहर आ सकेंगे।




