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Saturday, 13 June 2026
समाचार

मेजर अभिलाषा बराक को यूएन सैन्य लिंग पुरस्कार

author
Komal
संवाददाता
📅 23 May 2026, 6:00 AM ⏱ 1 मिनट 👁 261 views
मेजर अभिलाषा बराक को यूएन सैन्य लिंग पुरस्कार
📷 aarpaarkhabar.com

भारतीय सेना की मेजर अभिलाषा बराक को संयुक्त राष्ट्र की ओर से एक बहुत ही प्रतिष्ठित सम्मान दिया जाने वाला है। यह सम्मान उन्हें लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के दौरान महिलाओं और किशोरियों के कल्याण के लिए किए गए शानदार कार्यों के लिए दिया जा रहा है। मेजर अभिलाषा बराक को वर्ष 2025 का संयुक्त राष्ट्र सैन्य लिंग अधिवक्ता पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। यह गौरव की बात है कि वह इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को प्राप्त करने वाली तीसरी भारतीय महिला अधिकारी बन गई हैं।

भारत के लिए यह एक ऐतिहासिक पल है क्योंकि भारतीय सेना की एक महिला अधिकारी को संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च सम्मानों में से एक मिल रहा है। मेजर अभिलाषा बराक का यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों को स्वीकृति देता है, बल्कि भारतीय सेना में महिलाओं की भूमिका और उनकी क्षमता को भी दर्शाता है। लेबनान में अपने कार्यकाल के दौरान मेजर बराक ने वहां की महिलाओं और किशोरियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए अथक प्रयास किए हैं।

लेबनान में महिलाओं के लिए किए गए कार्य

मेजर अभिलाषा बराक ने लेबनान में अपने कार्यकाल के दौरान महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया। वह लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के साथ काम कर रही हैं और उन्होंने स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं चलाई हैं। उनके प्रयासों से वहां की महिलाएं अधिक सशक्त हुई हैं और उन्हें अपने अधिकारों के बारे में जागरूकता मिली है।

मेजर बराक ने लेबनान की महिलाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं जिससे वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। वह किशोरियों को उनके भविष्य के बारे में सही दिशा देने के लिए भी काम कर रही हैं। उनके द्वारा किए गए कार्यों ने लेबनान में महिला सशक्तिकरण का नया आयाम जोड़ा है। यह सब करते हुए मेजर बराक ने दिखाया है कि एक सैनिक न केवल सीमाओं की रक्षा करता है, बल्कि समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

लेबनान एक ऐसा देश है जहां युद्ध और संकट के कारण कई लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। विशेष रूप से महिलाएं और बच्चियां इन परिस्थितियों में बहुत ज्यादा प्रभावित हुई हैं। मेजर अभिलाषा बराक ने इन महिलाओं को सहायता प्रदान करके उन्हें आशा की किरण दिखाई है। उन्होंने स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया है और महिलाओं को उनके बच्चों की देखभाल के बारे में सलाह दी है।

भारतीय महिला सैनिकों का गौरव

मेजर अभिलाषा बराक का यह सम्मान भारतीय सेना की महिला अधिकारियों के लिए एक बड़ी जीत है। भारतीय सेना में महिलाओं की भूमिका को लेकर हमेशा सकारात्मक रवैया देखा गया है और वह विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और कौशल प्रदर्शित कर रही हैं। मेजर बराक की उपलब्धि यह दर्शाती है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों के बराबर, और कई बार उससे भी बेहतर कार्य कर सकती हैं।

भारत में महिला सैनिकों का इतिहास बहुत गौरवान्वित है। पिछले कुछ दशकों में भारतीय सेना में महिलाओं की भागीदारी में काफी वृद्धि हुई है। वह न केवल शांति मिशन में भाग लेती हैं, बल्कि युद्ध के मैदान में भी अपना कर्तव्य निभाती हैं। मेजर अभिलाषा बराक जैसी महिलाएं भारत का नाम रोशन कर रही हैं और दुनिया भर में भारतीय सेना की छवि को सकारात्मक तरीके से प्रस्तुत कर रही हैं।

संयुक्त राष्ट्र के पुरस्कार का महत्व

संयुक्त राष्ट्र सैन्य लिंग अधिवक्ता पुरस्कार दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सैन्य पुरस्कारों में से एक है। यह पुरस्कार उन सैन्य अधिकारियों को दिया जाता है जो लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करते हैं। मेजर अभिलाषा बराक को यह पुरस्कार मिलना भारत के लिए बहुत ही सम्मान की बात है।

यह पुरस्कार केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह भारत की सैन्य संस्कृति और मूल्यों को भी दर्शाता है। भारत हमेशा से महिलाओं को सम्मान और समान अधिकार देने का समर्थक रहा है। मेजर बराक का यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि भारतीय सेना में महिलाएं न केवल अपने कर्तव्यों को पूरा करती हैं, बल्कि समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।

मेजर अभिलाषा बराक का यह पुरस्कार भारतीय समाज के लिए भी एक प्रेरणा है। यह दिखाता है कि महिलाएं किसी भी चुनौती का सामना कर सकती हैं और किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। लेबनान में उनके द्वारा किए गए कार्यों ने न केवल वहां की महिलाओं के जीवन में सुधार किया है, बल्कि भारत की छवि को भी एक दायित्वशील राष्ट्र के रूप में दुनिया के सामने प्रस्तुत किया है। मेजर बराक के प्रयासों के लिए पूरा भारत उन्हें सलाम करता है और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता है।