फर्जी गुरु अशोक खरात जेल में, 100+ शिकायतें दर्ज
फर्जी गुरु अशोक खरात को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, 100+ महिलाओं ने लगाए शोषण के आरोप
नासिक की एक अदालत ने स्वयंभू 'गॉडमैन' अशोक खरात को 14 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। सत्र न्यायाधीश बी. एन. इचपुरानी की अदालत में पेश किए गए खरात के खिलाफ अब तक 10 FIR दर्ज हो चुकी हैं और 100 से अधिक महिलाओं की शिकायतें आई हैं। यह मामला धर्म के नाम पर महिलाओं के शोषण का एक गंभीर उदाहरण है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, खरात पर कई महिलाओं ने यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है जो पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

छापेमारी में मिले चौंकाने वाले सबूत
पुलिस की छापेमारी के दौरान खरात के ठिकानों से कई अहम सबूत बरामद हुए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि छापे में एक यांत्रिक सांप भी मिला है, जिसका इस्तेमाल करके खरात अपने भक्तों को धोखा देता था। यह सांप संभवतः उसके तथाकथित 'चमत्कार' का हिस्सा था, जिससे वह लोगों को अपने जाल में फंसाता था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस यांत्रिक सांप के अलावा भी कई ऐसे सामान मिले हैं जो इस बात को साबित करते हैं कि खरात धर्म के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी करता था। ये सभी सबूत अदालत में पेश किए जाएंगे।
SIT की जांच और महिलाओं की शिकायतें
| विवरण | संख्या |
| -------- | -------- | |
|---|---|---|
| दर्ज FIR | 10 | |
| कुल शिकायतें | 100+ | |
| न्यायिक हिरासत की अवधि | 14 दिन | |
| अगली तारीख | 14 अप्रैल |
SIT की जांच के अनुसार, अशोक खरात के खिलाफ आने वाली शिकायतों में एक समान पैटर्न दिखाई दे रहा है। अधिकतर पीड़ित महिलाओं का कहना है कि खरात उन्हें धार्मिक सत्संग और आध्यात्मिक उपचार के नाम पर अपने आश्रम में बुलाता था। वहां वह अकेले में उनका शोषण करता था।
जांच टीम के एक अधिकारी ने बताया, "हमें लगातार नई शिकायतें मिल रही हैं। कई महिलाएं अभी भी डर के कारण सामने आने से झिझक रही हैं। हम उन्हें भरोसा दिला रहे हैं कि उनकी सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाएगा।"
धर्म के नाम पर धोखाधड़ी का जाल
अशोक खरात का मामला भारत में बढ़ते फर्जी गुरुओं की समस्या को उजागर करता है। वह अपने आपको एक आध्यात्मिक गुरु के रूप में प्रस्तुत करता था और लोगों की धार्मिक भावनाओं का फायदा उठाता था। उसके आश्रम में नियमित रूप से सत्संग होते थे जहां सैकड़ों श्रद्धालु आते थे।
पुलिस की जांच से पता चला है कि खरात ने अपने तथाकथित 'चमत्कार' दिखाकर लोगों का विश्वास जीता था। यांत्रिक सांप का इस्तेमाल करके वह लोगों को यकीन दिलाता था कि उसके पास अलौकिक शक्तियां हैं। इसी विश्वास का फायदा उठाकर वह महिला भक्तों का शोषण करता था।
कानूनी कार्रवाई और आगे की राह
फिलहाल अशोक खरात नासिक की जेल में बंद है और 14 अप्रैल को उसे फिर से अदालत में पेश किया जाएगा। SIT की टीम लगातार नए सबूत जुटा रही है और पीड़ित महिलाओं के बयान दर्ज कर रही है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में सबूतों की मजबूती के कारण खरात के लिए जमानत मिलना मुश्किल होगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले की गहरी जांच कर रहे हैं और जल्द ही चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में हैं।
यह मामला समाज को एक महत्वपूर्ण सबक देता है कि धर्म और आध्यात्म के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी के खिलाफ सतर्क रहना जरूरी है। पीड़ित महिलाओं के हौसले की तारीफ करते हुए कहा जा सकता है कि उनकी हिम्मत से ही इस अपराधी का भंडाफोड़ हो सका है।




