ईरान ने होर्मुज में चार जहाजों पर की गोलीबारी
होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी सेना की ओर से चार जहाजों पर की गई गोलीबारी से पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। ईरान की सेना ने इस घटना के बाद दुश्मन के एक विमान को गिराने का दावा भी किया है। यह घटना उस समय सामने आई है जब पूरा इलाका पहले से ही गहरे संकट में जूझ रहा है।
पश्चिम एशिया के हालात बेहद खतरनाक हो गए हैं। गाजा में सैन्य अभियान तेज हो गया है। इस्राइल और ईरान के बीच की तल्खी लगातार बढ़ रही है। लेबनान में हिंसा फिर से सिर उठाने लगी है। अमेरिका भी इस इलाके में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है। ऐसे में पूरे क्षेत्र का तनाव कई गुना बढ़ गया है। हर कुछ घंटे में कोई न कोई नई घटना सामने आ रही है जो विश्व राजनीति को प्रभावित कर रही है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में गोलीबारी की घटना
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील इलाकों में से एक है। यहां से दुनिया का अधिकांश तेल निर्यात होता है। इसी वजह से इस इलाके में किसी भी तरह की हिंसा वैश्विक आर्थिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। ईरानी सेना ने इस बार चार जहाजों पर गोलीबारी करके यह संदेश दे दिया है कि वह इस इलाके में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए रखने के लिए तैयार है।
ईरान के सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि यह गोलीबारी एक सैन्य अभ्यास का हिस्सा थी। लेकिन इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता जताई जा रही है। जहाजों पर की गई गोलीबारी से समुद्री व्यापार पर सीधा असर पड़ता है। हर देश अब अपने जहाजों की सुरक्षा के बारे में ज्यादा सतर्क हो गया है। इस घटना के बाद कई देशों की शिपिंग कंपनियों ने होर्मुज से गुजरने वाले रास्ते को बदल दिया है।
ईरान के विमान गिराने का दावा
ईरानी सेना के प्रवक्ता ने यह भी दावा किया है कि उन्होंने दुश्मन का एक विमान गिरा दिया है। इस बयान को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय सतर्क हो गया है। अगर यह दावा सच है तो यह सीधा इशारा है कि मुकाबले की तीव्रता बढ़ रही है। विमान गिराना एक बहुत बड़ी सैन्य कार्रवाई है। इससे पता चलता है कि अब सीधी नजदीकी लड़ाई का खतरा बढ़ गया है।
ईरान की ओर से यह बयान आने के बाद अमेरिका और इस्राइल सतर्क हो गए हैं। दोनों देश इस घटना की पुष्टि करने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा है कि वह इस खबर की सत्यता जांच रहा है। ऐसी स्थिति में पूरा पश्चिम एशिया एक बड़ी घटना के लिए तैयार प्रतीत हो रहा है।
पश्चिम एशिया में बढ़ता संकट
गाजा में इस्राइली सेना का अभियान चल रहा है। इसमें भारी नुकसान हो रहा है। आम लोग भी मारे जा रहे हैं। यह स्थिति ईरान को और भी आक्रामक बना गई है। लेबनान में भी हिजबुल्लाह और इस्राइल के बीच झड़पें बढ़ रही हैं। यमन के हूथी विद्रोहियों ने भी अरब सागर में जहाजों पर हमले कर रहे हैं।
अमेरिका इस सब के बीच अपनी सैन्य शक्ति बढ़ा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस इलाके में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाने का आदेश दिया है। अमेरिकी जहाज और विमान सेना इस क्षेत्र में तैनात हो गई है। ऐसे में आशंका है कि बड़ा संकट हो सकता है।
तेल की कीमतों में भी उतार चढ़ाव देखा जा रहा है। वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है। व्यापारियों को लगता है कि होर्मुज से तेल की आपूर्ति में बाधा आ सकती है। इसलिए तेल की कीमतें बढ़ने लगी हैं।
ईरान की ओर से होर्मुज में सैन्य कार्रवाई का यह कदम एक स्पष्ट संदेश है। ईरान अपने क्षेत्र में किसी भी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा। उसके पास दुश्मन से मुकाबला करने के लिए पर्याप्त सैन्य क्षमता है। होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और वह इसे पूरी तरह नियंत्रित रखना चाहता है।
आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया में और भी घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय राजनीति बदल सकती है। सैन्य जवाबों का सिलसिला शुरू हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र समेत कई अंतरराष्ट्रीय संगठन इस स्थिति को सुधारने के लिए प्रयास कर रहे हैं। लेकिन हालात नियंत्रण से बाहर जाते नजर आ रहे हैं।
यह समय बेहद संवेदनशील है। दुनिया के सभी देश इस स्थिति को लेकर गंभीर हैं। अगर पश्चिम एशिया में कोई बड़ी घटना हो जाए तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। इसलिए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की जा रही है। लेकिन जिस तरह से हालात बिगड़ रहे हैं, उससे लगता है कि स्थिति में जल्दी कोई सुधार नहीं आएगा।




