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Thursday, 04 June 2026
विश्व

ईरान का कुवैत पर मिसाइल ड्रोन हमला

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Komal
संवाददाता
📅 03 June 2026, 5:45 AM ⏱ 1 मिनट 👁 879 views
ईरान का कुवैत पर मिसाइल ड्रोन हमला
📷 aarpaarkhabar.com

ईरान ने मध्य पूर्व क्षेत्र में एक बार फिर से तनाव बढ़ा दिया है। इस देश ने कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन से जबरदस्त हमले दागे हैं। हालांकि कुवैत की वायु सेना ने इन हमलों को काफी हद तक नाकाम कर दिया है, लेकिन इस घटना ने पूरे क्षेत्र में चिंता की लहर दौड़ा दी है। आसपास के देशों में भी सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है। बहरीन में भी सायरन बजाए गए और नागरिकों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

यह घटना काफी गंभीर है क्योंकि इससे पहले भी ईरान और अमेरिका के बीच तनाव की खबरें आ रही हैं। ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा किया है। कुवैत, बहरीन और यूएई समेत खाड़ी के देशों में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति है। ऐसे में ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन से हमले की खबर पूरे क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ा गई हैं।

कुवैत की वायु सेना ने हमलों को किया नाकाम

कुवैत की वायु सेना ने बेहद सतर्कता और तेजी से काम लिया। जैसे ही ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन दागे गए, कुवैत की रक्षा प्रणाली सक्रिय हो गई। वायु सेना के जवानों ने इन हमलों को रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई की। कई मिसाइलें और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया। इस तेजी के कारण जमीन पर कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

हालांकि, कुछ मिसाइलें जमीन पर भी गिरीं, लेकिन किसी प्रमुख ठिकाने को नुकसान नहीं पहुंचा। कुवैत के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है कि कुल मिलाकर 14 ड्रोन और कई मिसाइलें दागी गई थीं। इनमें से अधिकांश को रोक दिया गया। कुवैत की रक्षा मंत्रालय ने बयान दिया है कि यह हमला कायरतापूर्ण कार्रवाई है और इसकी कड़ी निंदा की जाती है।

बहरीन समेत अन्य देशों में सुरक्षा अलर्ट

ईरान के हमलों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में भय का माहौल बन गया है। बहरीन में सायरन बजाए गए और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया। अमेरिका के सहयोगी देशों ने तुरंत अपनी सुरक्षा व्यवस्था को तेज कर दिया है। संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और कतर जैसे देशों में भी चेतावनी दी गई है कि आसमान से कोई भी खतरे की वस्तु गिर सकती है।

खाड़ी के देशों की वायु सेनाएं भी अलर्ट पर आ गई हैं। विमानन प्राधिकरणों ने निर्देश दिए हैं कि कुछ समय के लिए उड़ान भरने पर प्रतिबंध लगाया जाए। यह कदम सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का सिलसिला

यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच चलने वाले तनाव का एक हिस्सा है। पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच कई सैन्य झड़पें भी हुई हैं। अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य अधिकारियों को मार गिराया है, जिसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की है।

ईरान का कहना है कि वह अमेरिकी हस्तक्षेप को रोकने के लिए अपनी सैन्य शक्ति का प्रयोग कर रहा है। दूसरी ओर, अमेरिका ईरान को क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने वाला बताता है। संयुक्त राष्ट्र ने भी इस परिस्थिति पर चिंता व्यक्त की है और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति को गंभीरता से ले रहा है। अमेरिका, यूरोपीय संघ और अन्य देशों ने ईरान के इन हमलों की निंदा की है। वहीं, ईरान के समर्थक देशों ने कहा है कि यह अमेरिकी आक्रमण के खिलाफ जायज प्रतिक्रिया है।

खाड़ी क्षेत्र व्यापार, तेल उत्पादन और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस तरह की सैन्य कार्रवाई से पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। तेल की कीमतें बढ़ने का डर भी बना रहता है जब ऐसी घटनाएं होती हैं।

इस समय सभी का ध्यान इस क्षेत्र पर केंद्रित है और सभी देश अपनी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। आने वाले दिनों में क्या होगा, यह देखना बाकी है। लेकिन साफ है कि यह क्षेत्र एक बार फिर से संकट की ओर बढ़ रहा है।