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Monday, 15 June 2026
विश्व

IND W vs PAK W: हरमनप्रीत-फातिमा हाथ मिलाना विवाद

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Komal
संवाददाता
📅 15 June 2026, 7:46 AM ⏱ 1 मिनट 👁 1.1K views
IND W vs PAK W: हरमनप्रीत-फातिमा हाथ मिलाना विवाद
📷 aarpaarkhabar.com

महिला टी20 विश्व कप 2026 की एक बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय महिला टीम का सामना पाकिस्तान से हुआ। इस मैच में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 170 रन का स्कोर बनाया। लेकिन मैच के दौरान एक ऐसी घटना हुई जो क्रिकेट जगत में तूफान ला गई। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना के बीच मैच से पहले हाथ न मिलाना एक बार फिर से विवाद का विषय बन गया है।

इस घटना के बाद से सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे सही मानते हैं तो कुछ इसे गलत बता रहे हैं। क्रिकेट विश्लेषकों का भी अलग-अलग मत है। आइए इस पूरे प्रसंग को विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि आखिर ऐसा क्यों होता है।

भारत-पाकिस्तान क्रिकेट में तनाव और हाथ मिलाना

भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच सिर्फ खेल नहीं होते। ये दोनों देशों के बीच राजनीतिक संबंधों का प्रतिबिंब भी होते हैं। पिछले कुछ सालों में कई बार ऐसी घटनाएं देखने को मिली हैं जहां खिलाड़ियों ने एक-दूसरे के साथ हाथ मिलाने से परहेज किया है। यह नीति मुख्य रूप से राजनीतिक तनाव के कारण अपनाई जाती है।

2019 के विश्व कप में भारतीय कप्तान विराट कोहली और पाकिस्तानी कप्तान सरफराज अहमद के बीच हाथ न मिलाने की घटना सामने आई थी। उसके बाद 2022 के एशिया कप में भी भारतीय और पाकिस्तानी खिलाड़ियों के बीच यही परिस्थिति देखी गई। ऐसा लगता है कि यह एक अनौपचारिक नीति बन गई है जिसका पालन भारतीय दल करता है।

हरमनप्रीत कौर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हैं और वह इस भूमिका को बेहद जिम्मेदारी से निभाती हैं। जब वह किसी मैच से पहले या बाद में किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी के साथ हाथ नहीं मिलाती हैं, तो यह एक संदेश देता है। यह संदेश राजनीतिक है और खेल से परे जाता है। फातिमा सना भी पाकिस्तानी महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हैं और उन्हें भी इस स्थिति का सामना करना पड़ता है।

नो हैंडशेक पॉलिसी: नियम या परंपरा?

क्रिकेट में हाथ मिलाना एक परंपरागत अभिवादन है। यह खेल भावना का प्रतीक माना जाता है। जब दो खिलाड़ियों के बीच हाथ न मिले, तो यह सिर्फ एक व्यक्तिगत मामला नहीं रह जाता। यह पूरी टीम और पूरे देश का प्रतिनिधित्व करता है। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने इस बारे में कोई स्पष्ट नियम नहीं बनाया है कि खिलाड़ियों को मैच से पहले या बाद में हाथ मिलाना अनिवार्य है या नहीं।

हालांकि, आईसीसी का सामान्य सिद्धांत है कि खेल भावना को बनाए रखना चाहिए। हाथ मिलाना इसी भावना का एक हिस्सा है। लेकिन जब दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव होता है, तो खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ जाता है। उन्हें लगता है कि अगर वह हाथ मिलाते हैं तो घर में उनकी आलोचना होगी। इसलिए कई बार वह इस परंपरा को नजरअंदाज कर देते हैं।

भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) ने कभी भी अपने खिलाड़ियों को इस बारे में कोई सख्त निर्देश नहीं दिया है। लेकिन मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया ऐसी होती है कि खिलाड़ी अपने आप को अलग-थलग महसूस करते हैं। यह एक जटिल परिस्थिति है जो क्रिकेट और राजनीति के मेल से बनती है।

विश्वकप में महिला क्रिकेटर्स की भूमिका

महिला क्रिकेटर्स को पिछले कुछ सालों में काफी महत्व मिला है। महिला टी20 विश्व कप अब एक बड़ा आयोजन बन गया है। लाखों दर्शक इसे देखते हैं और महिला खिलाड़ियां भी अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारी को समझती हैं। हरमनप्रीत कौर एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट को नई ऊंचाई दी है।

जब हरमनप्रीत किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी के साथ हाथ न मिलाती हैं, तो यह एक मजबूत संदेश देता है। लेकिन साथ ही यह भी देखना जरूरी है कि ऐसा करने से क्या फायदा होता है। क्या इससे भारत की क्रिकेट टीम मजबूत होती है? या यह सिर्फ एक राजनीतिक कदम है? यह सवाल हर कोई पूछ रहा है।

महिला क्रिकेटर्स को पुरुष क्रिकेटर्स की तुलना में कम ध्यान मिलता है। ऐसे में अगर वह ऐसे कदम उठाती हैं जो विवादास्पद हों, तो यह उनकी खेल की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। दर्शक उन्हें एक खिलाड़ी के रूप में देखते हैं, न कि एक राजनीतिक प्रतीक के रूप में।

यह विश्वकप मुकाबला एक शानदार खेल था। भारतीय महिला टीम ने शानदार बैटिंग की और मजबूत स्कोर बनाया। इसके बाद पाकिस्तान की टीम को 171 रन का लक्ष्य दिया गया। लेकिन इस सब के बीच हाथ न मिलाने की घटना ही मुख्य चर्चा का विषय बन गई। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि खेल की भावना से परे जाकर किसी मैच को याद रखा जाता है।

अंत में, यह कहा जा सकता है कि क्रिकेट को राजनीति से दूर रखना चाहिए। खिलाड़ियों को मैदान पर केवल खेल पर ध्यान देना चाहिए। हाथ मिलाना एक छोटी सी बात हो सकती है, लेकिन इसका प्रतीकात्मक महत्व बहुत अधिक है। भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट रिश्ते को बेहतर बनाने का एक माध्यम हो सकता है, न कि तनाव का कारण।