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Wednesday, 22 July 2026
धर्म

ज्येष्ठ का आखिरी बड़ा मंगल: शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

author
Komal
संवाददाता
📅 23 June 2026, 7:01 AM ⏱ 1 मिनट 👁 934 views
ज्येष्ठ का आखिरी बड़ा मंगल: शुभ मुहूर्त और पूजन विधि
📷 aarpaarkhabar.com

ज्येष्ठ मास के आखिरी बड़े मंगल का दिन आने वाला है और यह साल का सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस दिन को हिंदू धर्म में विशेष महत्व दिया जाता है क्योंकि इस दिन भगवान हनुमान जी को प्रसन्न करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं। अगर आपने इस साल अब तक किसी भी बड़े मंगल का व्रत नहीं रखा है, तो इस अंतिम बड़े मंगल पर श्रद्धा और विधि-विधान के साथ हनुमान जी की पूजा जरूर करें।

बड़े मंगल का दिन मंगलवार को आता है और यह दिन विशेषकर बसंत ऋतु और ग्रीष्म ऋतु में अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास का हर मंगलवार महत्वपूर्ण होता है, लेकिन महीने का अंतिम मंगलवार सबसे ज्यादा शुभ फल देता है। इस दिन हनुमान जी को अर्पित किए गए फूल, दीप और प्रसाद से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

ज्येष्ठ के बड़े मंगल का महत्व और लाभ

हनुमान चालीसा में कहा गया है कि हनुमान जी की पूजा करने से सभी प्रकार की बाधाएं दूर हो जाती हैं। बड़े मंगल के दिन हनुमान जी को समर्पित पूजा करने का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। इस दिन व्रत रखने वाले भक्तों को निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:

सबसे पहली बात यह है कि बड़े मंगल पर किया जाने वाला व्रत शरीर में शक्ति और ऊर्जा का संचार करता है। दूसरा, इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से मन में सकारात्मकता आती है और नकारात्मक विचार दूर हो जाते हैं। तीसरा, व्रत रखने से आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति मिलती है। चौथा, इस दिन की गई पूजा से पारिवारिक सुख और शांति में वृद्धि होती है।

व्यावहारिक दृष्टिकोण से देखें तो बड़े मंगल पर किया जाने वाला व्रत न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। व्रत के दौरान शरीर का विषहरण होता है और आंतरिक शुद्धि मिलती है। साथ ही, पूजा के समय मंत्रों का जाप मस्तिष्क को शांत करता है और ध्यान को केंद्रित करने में मदद करता है।

शुभ मुहूर्त और पूजा का समय

ज्येष्ठ मास के इस बड़े मंगल पर पूजा करने के लिए सही मुहूर्त का चयन करना अत्यंत आवश्यक है। आमतौर पर प्रातःकाल सूर्योदय के समय से लेकर दोपहर तक का समय पूजा के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। हालांकि, आप अपने स्थानीय पंडित या ज्योतिषी से सटीक समय जान सकते हैं।

पूजा का समय निर्धारित करने के लिए आप अपने इलाके के मंदिर में संपर्क कर सकते हैं। आमतौर पर बड़े मंगल पर सूर्य को अर्ध्य देने का समय बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके बाद हनुमान मंदिर में या अपने घर में हनुमान जी की मूर्ति के सामने दीप जलाकर पूजा की जाती है। पूजा के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करना विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।

सही पूजन विधि और व्रत का तरीका

बड़े मंगल पर पूजा करने के लिए सबसे पहले नहा-धोकर घर को स्वच्छ कर लें। इसके बाद पूजा के लिए आवश्यक सामग्री जैसे फूल, धूप, दीप, मेवे और फल इकट्ठा करें। हनुमान जी की मूर्ति को पवित्र जल से धोएं और फिर गुलाब के फूलों से सजाएं।

पूजा शुरू करते समय पहले गणेश जी को प्रणाम करें क्योंकि वे सभी पूजाओं के आरंभ में पूजे जाते हैं। इसके बाद हनुमान जी को पुष्प अर्पित करें और उनके नाम का जाप करें। पूजा के दौरान सिंदूर का विशेष महत्व है। हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करने से वे विशेष रूप से प्रसन्न होते हैं।

व्रत रखने के लिए आप फल, दूध, दही और खीर का सेवन कर सकते हैं। कुछ लोग केवल दूध और फलों पर ही पूरे दिन व्रत रखते हैं। व्रत के दौरान नमक, प्याज और लहसुन का उपयोग नहीं करना चाहिए। शाम के समय आरती करके व्रत को खोला जाता है और प्रसाद को ग्रहण किया जाता है।

इस बड़े मंगल पर यदि आप पूरे दिन हनुमान जी का नाम स्मरण करते हैं और भक्ति भाव से पूजा करते हैं, तो निश्चित रूप से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी। हनुमान जी की कृपा से आपके जीवन में खुशियां और समृद्धि आएगी।