अमेरिका नागरिकता फीस में भारी बढ़ोतरी करने जा रहा है
अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने एक ऐसा फैसला किया है जो लाखों भारतीयों की जेब को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाला है। विभाग ने नागरिकता लेने की प्रक्रिया में फीस में भारी बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव के अनुसार फीस में 75 से 80 फीसदी तक का इजाफा किया जा सकता है। साथ ही, फीस माफी और कम फीस वाले विकल्प को हटाने की भी बात कही जा रही है।
यह खबर खासकर भारतीय प्रवासियों के लिए एक चिंता का विषय है क्योंकि अमेरिका में नागरिकता लेने वाले लोगों में भारतीय दूसरे स्थान पर हैं। हर साल हजारों भारतीय अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन करते हैं और यह फीस में बढ़ोतरी उनके लिए काफी महंगी साबित हो सकती है।
अमेरिका का नया नियम क्या है?
अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने न्यूकरण (नागरिकता) की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव लाने की घोषणा की है। इस नए प्रस्ताव के तहत नागरिकता की फीस में कम से कम 75 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी। कुछ विशेषज्ञों के अनुसार यह बढ़ोतरी 80 फीसदी तक भी जा सकती है।
वर्तमान में अमेरिका में नागरिकता के लिए आवेदन करते समय आवेदकों को 640 डॉलर फीस देनी पड़ती है। इस फीस में यदि 75-80 फीसदी की बढ़ोतरी होती है, तो यह 1,120 से 1,152 डॉलर के आसपास हो सकती है। यह राशि भारतीय मुद्रा में लगभग 93,000 से 96,000 रुपये के बराबर है।
इसके अलावा, होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट फीस माफी (फी वेवर) की सुविधा को भी समाप्त करने पर विचार कर रहा है। वर्तमान में जो लोग आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं, वे फीस माफी के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस सुविधा को हटाने से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
भारतीयों पर कितना असर पड़ेगा?
अमेरिका में भारतीय प्रवासियों की संख्या काफी बड़ी है। अमेरिकी सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अमेरिकी नागरिकता लेने वाले लोगों में मेक्सिकन नागरिकों के बाद दूसरे स्थान पर आते हैं। हर साल लगभग 50,000 से 70,000 भारतीय अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन करते हैं।
इस फीस बढ़ोतरी का सीधा असर इन लाखों भारतीयों पर पड़ेगा। विशेषकर वे भारतीय जो अमेरिका में कम आय वाली नौकरियां करते हैं, उन्हें यह फीस अदा करना काफी मुश्किल हो जाएगा। परिवार के सदस्यों को अलग-अलग नागरिकता के लिए आवेदन करना पड़ता है, जिससे कुल खर्च में काफी इजाफा हो जाएगा।
उदाहरण के लिए, यदि एक भारतीय परिवार में पति-पत्नी और दो बच्चे हैं, तो चारों को अलग-अलग नागरिकता के लिए आवेदन करना होगा। वर्तमान में यह खर्च लगभग 2,560 डॉलर है, लेकिन नई फीस के तहत यह 4,480 से 4,608 डॉलर तक पहुंच सकता है। यह भारतीय रुपये में 3,70,000 से 3,84,000 रुपये के बराबर है, जो एक मध्यम वर्गीय परिवार के लिए काफी भारी है।
इसके अलावा, बहुत से भारतीय विद्यार्थी अमेरिका में पढ़ाई के बाद काम करते हैं और फिर नागरिकता लेते हैं। ये विद्यार्थी या नए कर्मचारी ज्यादा पैसे खर्च नहीं कर सकते, इसलिए उनके लिए भी यह बहुत बड़ी बाधा होगी।
यह फैसला क्यों लिया गया है?
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इस फीस बढ़ोतरी से नागरिकता और इमिग्रेशन सेवा को बेहतर बनाया जा सकेगा। सरकार का तर्क है कि बढ़ी हुई फीस से इमिग्रेशन डिपार्टमेंट को ज्यादा फंड मिलेगा, जिससे आवेदनों की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा सकेगा।
हालांकि, इमिग्रेशन सुधार के समर्थकों का मानना है कि यह फीस बढ़ोतरी असल में गरीब और मध्यम वर्गीय लोगों को अमेरिकी नागरिकता लेने से रोकने के लिए एक तरीका है। वे यह भी कहते हैं कि इस तरह की नीति भारतीय और अन्य देशों के आप्रवासियों के विरुद्ध भेदभाव है।
वर्तमान में अमेरिकी सरकार इस प्रस्ताव पर सार्वजनिक टिप्पणी मांग रही है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर हो गया, तो यह अगले साल तक लागू हो सकता है। भारतीय समुदाय के नेता और विभिन्न संगठन इस प्रस्ताव के खिलाफ आवाज उठाने के लिए तैयार हैं। अमेरिका में भारतीय सामुदायिक संगठन इस मामले पर अमेरिकी सरकार को ज्ञापन भी दे सकते हैं।
यह फीस में बढ़ोतरी हजारों भारतीयों के सपनों को प्रभावित करने वाली है। अमेरिकी नागरिकता लेने की आकांक्षा रखने वाले भारतीयों को अब इस बड़े आर्थिक बोझ के लिए तैयार रहना पड़ेगा। इस प्रस्ताव के अंतिम निर्णय का इंतजार अभी जारी है, लेकिन भारतीय समुदाय पहले से ही इसके नकारात्मक प्रभावों को लेकर चिंतित है।




