प्रयागराज न्यूरोसर्जन पर बैड टच का आरोप, FIR दर्ज
प्रयागराज के प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन पर लगे गंभीर आरोप, पुलिस ने दर्ज की FIR
प्रयागराज शहर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जिसने मेडिकल क्षेत्र में हलचल मचा दी है। शहर के प्रतिष्ठित न्यूरोसर्जन डॉक्टर कार्तिकेय शर्मा पर एक युवती ने गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि डॉक्टर ने इलाज के दौरान उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और छेड़छाड़ की।
यह मामला प्रयागराज के सिविल लाइंस इलाके में स्थित क्लाइव रोड के एक प्रतिष्ठित क्लिनिक का है। पुलिस ने युवती की शिकायत के आधार पर डॉक्टर के खिलाफ छेड़छाड़ और अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। वहीं दूसरी तरफ, डॉक्टर कार्तिकेय शर्मा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

पीड़िता के गंभीर आरोप
युवती के अनुसार, वह अपने भाई के साथ न्यूरोसर्जन के क्लिनिक गई थी। उसका कहना है कि डॉक्टर ने उसे केबिन में बुलाया और दरवाजा लॉक कर दिया। इसके बाद जांच के बहाने उससे कपड़े उतरवाने की कोशिश की और अभद्र व्यवहार किया।
पीड़िता का आरोप है कि डॉक्टर ने मेडिकल चेकअप का बहाना बनाकर उसके साथ गलत व्यवहार किया। जब उसने विरोध किया तो डॉक्टर ने उसे धमकी भी दी। इस पूरी घटना से परेशान होकर युवती ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
घटना के दौरान क्लिनिक में मौजूद अन्य मरीजों ने भी हंगामा देखा। युवती ने क्लिनिक में ही जोर-जोर से चिल्लाकर अपनी परेशानी बताई, जिससे वहां का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस की तत्काल कार्रवाई
प्रयागराज पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की है। युवती की शिकायत के आधार पर डॉक्टर कार्तिकेय शर्मा के खिलाफ छेड़छाड़ की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं।
स्थानीय थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़िता के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। पुलिस ने क्लिनिक से सीसीटीवी फुटेज भी मांगा है ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके।
इस मामले में पुलिस महिला सुरक्षा के नियमों के तहत विशेष सावधानी बरत रही है। महिला पुलिस अधिकारी भी इस केस की जांच में शामिल हैं ताकि पीड़िता को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो।
डॉक्टर का पक्ष और बचाव
दूसरी तरफ, डॉक्टर कार्तिकेय शर्मा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि ये सभी आरोप बेबुनियाद और झूठे हैं। डॉक्टर का दावा है कि वह एक प्रतिष्ठित न्यूरोसर्जन हैं और उन्होंने कभी भी किसी मरीज के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया है।
डॉक्टर शर्मा के वकील ने मीडिया को बताया कि उनके क्लाइंट पर लगे आरोप पूरी तरह से गलत हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर के पास वर्षों का अनुभव है और वह हमेशा मेडिकल एथिक्स का पालन करते हैं। वकील ने यह भी कहा कि वे इस मामले में अपना पक्ष अदालत में रखेंगे।
डॉक्टर के सहयोगियों और कुछ पुराने मरीजों ने भी उनके चरित्र की वकालत की है। उनका कहना है कि डॉक्टर शर्मा एक अच्छे इंसान हैं और ऐसा कुछ भी नहीं कर सकते।
मेडिकल समुदाय में बढ़ती चिंताएं
इस घटना ने स्थानीय मेडिकल समुदाय में भी चिंता की लहर दौड़ा दी है। कई डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी घटनाएं पूरे मेडिकल प्रोफेशन की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। साथ ही, यह भी सवाल उठ रहा है कि क्लिनिकों में मरीजों की सुरक्षा के लिए क्या पर्याप्त इंतजाम हैं?
स्थानीय मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि वे इस मामले की गहराई से जांच का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर आरोप सच साबित होते हैं तो वे उचित कार्रवाई करेंगे।
इस घटना के बाद महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने भी आवाज उठाई है। उनका कहना है कि मेडिकल क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा के लिए और सख्त नियम बनाने चाहिए। साथ ही, सभी क्लिनिकों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होना चाहिए।
फिलहाल यह मामला कानूनी प्रक्रिया के दायरे में है और पुलिस जांच जारी है। इस केस का नतीजा न सिर्फ संबंधित व्यक्तियों के लिए बल्कि पूरे मेडिकल समुदाय के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा।




