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Saturday, 04 July 2026
समाचार

हमास की 16 किमी टेरर टनल को इजरायल ने सीमेंट से भरा

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Komal
संवाददाता
📅 01 July 2026, 6:45 AM ⏱ 1 मिनट 👁 425 views
हमास की 16 किमी टेरर टनल को इजरायल ने सीमेंट से भरा
📷 aarpaarkhabar.com

गाजा पट्टी में इजरायली सेना की कार्रवाई अब एक नए चरण में प्रवेश कर गई है। इजरायली सेना ने हमास के विशाल भूमिगत टेरर टनल नेटवर्क को नष्ट करने के लिए एक बड़ी सैन्य अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में इजरायली सेना ने 16 किलोमीटर लंबी एक विशाल सुरंग को हजारों टन कंक्रीट और सीमेंट से पूरी तरह सील कर दिया है। यह कदम हमास के सैन्य ढांचे को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हमास की ये सुरंगें न केवल सैन्य महत्व की थीं, बल्कि संगठन के नियंत्रण और कमांड केंद्र के रूप में भी काम करती थीं। इन सुरंगों के जरिए हमास आतंकवादी कार्यवाहियां संचालित करता था और अपने सदस्यों को छुपाने का कार्य भी करता था। यह भूमिगत नेटवर्क अत्यंत जटिल था और इसमें करीब 80 कमरे थे जहां विभिन्न प्रकार की गतिविधियां चलती थीं।

हमास का भूमिगत साम्राज्य

हमास ने वर्षों से गाजा के भूमिगत क्षेत्र में एक विशाल टनल नेटवर्क विकसित किया था। इस नेटवर्क का विस्तार इतना अधिक था कि यह नागरिक इलाकों से भी जुड़ा हुआ था। सबसे चिंताजनक बात यह थी कि ये सुरंगें स्कूलों, मस्जिदों और अस्पतालों जैसी संवेदनशील जगहों से सीधे जुड़ी हुई थीं। इसका मतलब यह था कि हमास नागरिकों को ढाल के रूप में इस्तेमाल करते हुए अपनी सैन्य गतिविधियां संचालित कर रहा था।

इन सुरंगों की मोटाई और निर्माण ऐसा था कि सामान्य हथियारों से उन्हें नष्ट करना मुश्किल था। हमास ने कई सालों में लाखों डॉलर खर्च करके इस भूमिगत नेटवर्क को बेहद मजबूत बनाया था। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुरंगों में पानी, बिजली, संचार के साधन और भोजन के भंडार भी मौजूद थे। इसका मतलब यह था कि हमास के सदस्य महीनों तक इन सुरंगों में छिपे रह सकते थे।

इजरायली सेना की सीमेंट रणनीति

इजरायली सेना ने इन सुरंगों को नष्ट करने के लिए पारंपरिक हथियारों के बजाय एक नई रणनीति अपनाई है। वह हजारों टन कंक्रीट और सीमेंट का इस्तेमाल करके इन सुरंगों को पूरी तरह सील कर दे रही है। इस तकनीक का फायदा यह है कि इससे सुरंग के अंदर मौजूद किसी भी व्यक्ति या सामग्री को भविष्य में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

जो 16 किलोमीटर लंबी सुरंग सील की गई है, उसमें लगभग 80 कमरे थे। इन कमरों में से कुछ हथियारों के गोदाम थे, तो कुछ सोने के लिए बनाए गए थे। कुछ कमरों में संचार उपकरण रखे गए थे जहां से हमास के नेतृत्व अपने सदस्यों को निर्देश देते थे। इजरायली सेना का अनुमान है कि इस सुरंग में कम से कम 100 करोड़ डॉलर का निवेश किया गया था।

सामरिक महत्व और भविष्य की चुनौतियां

इस कार्रवाई का सामरिक महत्व बहुत अधिक है। हमास का कमांड और कंट्रोल सेंटर इन सुरंगों में ही स्थित था, जहां से वह अपने सभी सैन्य कार्यवाहियों को निदेशित करता था। इस सुरंग को सील करने से हमास की कमांड स्ट्रक्चर को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि गाजा में अभी भी कई और सुरंगें हो सकती हैं।

इजरायली सेना का अनुमान है कि गाजा के भूमिगत क्षेत्र में कुल मिलाकर 500 किलोमीटर से भी अधिक सुरंगें हो सकती हैं। इस बड़ी संख्या के कारण सभी सुरंगों को तुरंत सील करना संभव नहीं है। लेकिन इजरायली सेना अपनी इस कार्रवाई को धीरे-धीरे आगे बढ़ाती जा रही है। हर दिन इजरायली सैनिकों की टीमें नई सुरंगें खोजने और उन्हें नष्ट करने का काम कर रही है।

इस पूरी कार्रवाई में नागरिक प्रभावित हो रहे हैं। गाजा की जनता इन सुरंगों के कारण भारी परेशानी में है क्योंकि इन सुरंगों के आसपास का क्षेत्र धराशायी हो गया है। कई घर, स्कूल और अस्पताल पूरी तरह तबाह हो गए हैं। इजरायली सेना का तर्क है कि हमास ने नागरिक क्षेत्रों में सुरंगें बनाकर एक गलत कदम उठाया है और नागरिकों को खतरे में डाला है। लेकिन मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि इस कार्रवाई में नागरिकों को नुकसान से बचाया जाना चाहिए।

कुल मिलाकर, इजरायली सेना की यह कार्रवाई हमास के सैन्य ढांचे को कमजोर करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। लेकिन इसके परिणाम अभी लंबे समय तक दिखाई देते रहेंगे।