दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बस में आग, सात की मौत
राजस्थान के दौसा जिले में बुधवार सुबह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ। हरिद्वार से इंदौर जा रही श्रद्धालुओं की स्लीपर बस एक ट्रक से जोरदार टकराव के बाद आग की चपेट में आ गई। इस दुर्घटना में सात यात्रियों की मौत हो गई, जिनमें से पांच व्यक्ति आग में जिंदा जल गए। बस में कुल 37 यात्री सवार थे। घटना के बाद से दोनों ओर की सड़क पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई है। प्रशासन और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचकर सभी घायलों का इलाज करवा रहे हैं।
दुर्घटना की वजहें और परिस्थितियां
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह भयानक हादसा तब हुआ जब बस अचानक ट्रक से टकरा गई। घटनास्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ट्रक की रफ्तार अधिक थी और बस ड्राइवर को इसकी कोई खबर नहीं रही। टकराव इतना जोरदार था कि बस का आगे का हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो गया। टकराव के तुरंत बाद बस के इंजन से आग निकलने लगी, जो कुछ ही पलों में पूरी बस को लपेट में ले लिया। बस में सवार लोगों को आग से बचने के लिए तड़ातड़ी में खिड़कियों से कूदना पड़ा।
पुलिस के मुताबिक, जो पांच यात्री जिंदा जल गए, उन्हें शायद आग से निकलने का समय नहीं मिला। वह बस के पिछले हिस्से में बैठे थे, जहां आग बहुत तेजी से फैल गई। कुछ यात्रियों का कहना है कि बस की खिड़कियां आंशिक रूप से बंद थीं, जिससे लोगों को निकलने में मुश्किल का सामना करना पड़ा। बचाव दल को बस से जलने वाले पांच शवों को निकालने में काफी समय लगा क्योंकि आग इतनी तेज थी कि शव पहचानना तक मुश्किल हो गया।
घायलों को दिया गया प्राथमिक उपचार
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और दमकल दल घटनास्थल पर पहुंच गए। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने करीब आधे घंटे तक आग बुझाने में मशक्कत की। बस में से 30 यात्री किसी न किसी रूप में घायल निकले गए। इनमें से 15 को दौसा के जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। बाकी घायलों को आस-पास के गांव के स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज दिया जा रहा है। अधिकांश घायलों को जलने की चोटें आई हैं। कुछ लोगों को गंभीर अवस्था में रखा गया है और उन्हें इंदौर के एक बड़े अस्पताल में भेजने की तैयारी की जा रही है।
डॉक्टरों के अनुसार, कुछ यात्रियों को 40 से 60 प्रतिशत तक जलने की चोटें आई हैं। इन्हें विशेषज्ञ बर्न सेंटर पर भेजा जाएगा। जो दो लोग अभी पूरी तरह चेतना में नहीं आए हैं, उन्हें ICU में रखा गया है। बताया गया है कि आने वाले 48 घंटे काफी महत्वपूर्ण होंगे। अस्पताल के प्रशासन ने सभी घायलों को सर्वश्रेष्ठ इलाज देने की बात कही है।
प्रशासन की कार्रवाई और जांच
दौसा के जिला प्रशासन ने घटना की अंतरिम रिपोर्ट तैयार कर दी है। पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है और उसके विरुद्ध लापरवाही से हत्या का मामला दर्ज किया गया है। बस ऑपरेटर कंपनी के विरुद्ध भी यह देखने के लिए कार्रवाई की जा रही है कि क्या बस का रखरखाव सही तरीके से किया जा रहा था। प्रारंभिक रिपोर्ट से पता चलता है कि बस का मेकेनिक्स संदिग्ध था और उसके ब्रेक सही तरीके से काम नहीं कर रहे थे।
जिला कलेक्टर ने कहा है कि इस दुर्घटना की पूरी जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों को सजा दिलवाई जाएगी। उन्होंने सभी बस ऑपरेटरों से कहा है कि वह नियमित रूप से अपने वाहनों की जांच करवाएं और चालकों को ट्रेनिंग दें। हरिद्वार से इंदौर जा रहे श्रद्धालु समूह के अन्य सदस्यों को भी मनोवैज्ञानिक सहायता दी जा रही है। दुर्घटना स्थल पर राहत कार्य सुचारू रूप से चल रहे हैं और सभी जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाई जा रही है।




