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Saturday, 04 July 2026
समाचार

जयति भाटिया ने TV सेट की गंदगी का किया खुलासा

author
Komal
संवाददाता
📅 03 July 2026, 6:16 AM ⏱ 1 मिनट 👁 707 views
जयति भाटिया ने TV सेट की गंदगी का किया खुलासा
📷 aarpaarkhabar.com

मशहूर सीनियर एक्ट्रेस जयति भाटिया ने हाल ही में एक साक्षात्कार में भारतीय टीवी इंडस्ट्री के शुरुआती दिनों को याद किया है। इस बातचीत में उन्होंने अपने करियर से जुड़ी कई दिलचस्प और महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। जयति भाटिया ने खुलकर बताया कि किस तरह से उन्हें सेट पर जाने से डर लगता था और सेट पर कितनी गंदगी होती थी। उनके इन खुलासों से साफ पता चलता है कि टीवी इंडस्ट्री के शुरुआती दौर में कितनी कठिन परिस्थितियों में काम किया जाता था।

जयति भाटिया के अनुसार साल 2008-09 के दौरान टेलीविजन इंडस्ट्री में एक बहुत बड़ी हड़ताल हुई थी। यह हड़ताल इंडस्ट्री के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई। इस हड़ताल के बाद ही टीवी इंडस्ट्री में कई सकारात्मक बदलाव आए। एक्ट्रेस के अनुसार इसी हड़ताल के बाद काम करने की परिस्थितियों में भी सुधार देखने को मिला। उन्होंने कहा कि इस हड़ताल ने इंडस्ट्री के कामगारों के लिए एक नई उम्मीद जगाई थी।

टीवी सेट की गंदगी और काम की कठिन परिस्थितियां

जयति भाटिया ने अपने साक्षात्कार में विस्तार से बताया कि शुरुआती दिनों में टीवी सेट पर काम करना कितना मुश्किल था। उन्होंने कहा कि सेट पर इतनी गंदगी होती थी कि उन्हें सेट पर जाने से पहले ही डर लगने लगता था। सेट्स बहुत ही खराब हालत में होते थे और साफ-सफाई की व्यवस्था लगभग न के बराबर होती थी। एक्ट्रेस के अनुसार कभी-कभी तो सेट इतने गंदे होते थे कि वहां बैठना भी मुश्किल हो जाता था।

यह सिर्फ गंदगी का मामला नहीं था, बल्कि सेट पर काम करने की सुविधाएं भी बिल्कुल न के बराबर थीं। एक्ट्रेस ने बताया कि सेट पर पीने के पानी की भी उचित व्यवस्था नहीं होती थी। शौचालय की स्थिति तो और भी बदतर थी। महिला कलाकारों के लिए तो स्थिति और भी खराब थी क्योंकि उन्हें सेट पर साफ-सुथरे कमरे भी नहीं दिए जाते थे। जयति भाटिया ने कहा कि उस समय तो टीवी इंडस्ट्री में इंसानों जैसा व्यवहार भी नहीं होता था।

काम की शर्तें भी बेहद कठोर थीं। एक्ट्रेस के अनुसार कई बार तो शूटिंग 14-15 घंटे तक चलती थी। इतने लंबे समय तक काम करने के बाद भी सही तरीके से आराम करने की कोई व्यवस्था नहीं थी। न ही सही खाना दिया जाता था और न ही कोई मेडिकल सुविधा होती थी। यह सब कुछ मिलाकर एक बेहद ही दयनीय परिस्थिति बनाता था जिसमें काम करना किसी चुनौती से कम नहीं था।

2008-09 की ऐतिहासिक हड़ताल और बदलाव

जयति भाटिया के अनुसार साल 2008-09 में हुई हड़ताल टीवी इंडस्ट्री के लिए एक मोड़ साबित हुई। इस हड़ताल में एक्ट्रेस और अन्य कलाकारों ने सामूहिक रूप से अपनी मांगें रखीं। मुख्य मांग यह थी कि कलाकारों को मानवीय परिस्थितियों में काम करने दिया जाए। सेट्स को साफ-सुथरा रखा जाए और कार्य की अवधि को उचित सीमा तक रखा जाए।

इस हड़ताल की मजबूती यह थी कि इंडस्ट्री के लगभग सभी कलाकारों ने इसमें हिस्सा लिया। यह हड़ताल कई हफ्तों तक चली और टीवी प्रोडक्शन पूरी तरह से रुक गई। इस दबाव के आगे प्रोडक्शन हाउसेस को झुकना पड़ा। अंततः प्रबंधन को कलाकारों की मांगें माननी पड़ीं।

हड़ताल के बाद के सकारात्मक बदलाव

जयति भाटिया ने बताया कि इस हड़ताल के बाद टीवी इंडस्ट्री में कई सकारात्मक बदलाव आए। सबसे पहले तो सेट्स की साफ-सफाई पर ध्यान दिया जाने लगा। एक्ट्रेस के अनुसार हड़ताल के बाद सेट पर बेहतर सुविधाएं दी जाने लगीं। महिला कलाकारों के लिए अलग और साफ ड्रेसिंग रूम बने। शूटिंग की अवधि भी कम की गई। एक्ट्रेस के अनुसार अब 12 घंटे की शूटिंग के बाद 10 घंटे का ब्रेक दिया जाने लगा।

पानी और खाने की व्यवस्था भी बेहतर हुई। एक्ट्रेस ने कहा कि अब सेट पर पीने का साफ पानी उपलब्ध होता है। खाने के लिए भी उचित व्यवस्था है। इसके अलावा कलाकारों के लिए मेडिकल सुविधा भी रखी जाने लगी। जयति भाटिया के अनुसार यह हड़ताल इंडस्ट्री के कामगारों के लिए एक बड़ी जीत थी।

यह साक्षात्कार बताता है कि कैसे सामूहिक प्रयासों से बदलाव संभव है। जयति भाटिया का यह खुलासा न केवल टीवी इंडस्ट्री के इतिहास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ी को भी प्रेरित करता है कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ें। आज भी जब हम किसी एक्ट्रेस को सेट पर सुरक्षित और आरामदायक परिस्थितियों में काम करते देखते हैं, तो यह सब कुछ उन्हीं कलाकारों के संघर्ष का फल है जो साल 2008-09 में सड़कों पर उतरे थे।