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Wednesday, 19 August 2026
विश्व

ईरान ने UAE को दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें

ईरान ने UAE के निशाने पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। एक मिसाइल क्षेत्रीय जल में गिरी, दूसरी बाहर। रक्षा मंत्रालय ने की पुष्टि।

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Komal
संवाददाता
📅 19 August 2026, 5:46 AM ⏱ 1 मिनट 👁 430 views
ईरान ने UAE को दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें
📷 aarpaarkhabar.com

यूएई के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को एक चौंकाने वाली खबर सामने की है कि देश की एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान से यूएई की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया है। यह घटना मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताओं का एक महत्वपूर्ण संकेत है।

यूएई के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि पहली बैलिस्टिक मिसाइल देश के क्षेत्रीय जल से बाहर गिरी, जबकि दूसरी मिसाइल क्षेत्रीय जल के भीतर जा गिरी। इसके बाद यूएई ने अपनी सुरक्षा को लेकर सर्वोच्च सतर्कता जारी कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, अभी तक किसी तरह की कोई मानवीय क्षति या संपत्ति को नुकसान की खबर नहीं मिली है, लेकिन जांच जारी है।

ईरान की मिसाइल योजना का खतरनाक इरादा

यह घटना ईरान द्वारा की गई एक गंभीर सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है। विश्लेषकों के अनुसार, ईरान ने लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर मध्य पूर्व क्षेत्र में अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करने की कोशिश की है। यूएई में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ध्यान में रखते हुए, विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह कार्रवाई एक व्यापक रणनीतिक संदेश हो सकती है।

ईरान की इस कार्रवाई से पहले इस क्षेत्र में कई महीनों से तनाव बना हुआ है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने ईरान को लेकर विभिन्न प्रतिबंधों की बात की है, जिसके चलते ईरान ने अपनी आक्रामक नीति को अपनाया है। बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का यह कदम निश्चित रूप से खतरनाक है और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा माना जा रहा है।

यूएई की सरकार ने इस घटना के बाद तुरंत अपनी डिफेंस प्रोटोकॉल को सक्रिय कर दिया है। देश के सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा को और भी सख्त कर दिया गया है। विमान सेना और वायु रक्षा प्रणाली को भी पूर्ण तैयारी में रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति का सामना किया जा सके।

यूएई और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया

यूएई ने इस गंभीर घटना को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से इस संबंध में कार्रवाई करने का आह्वान किया है। यूएई के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि देश अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार है।

अमेरिका ने भी इस घटना पर अपनी चिंता जताई है और यूएई के साथ अपनी एकजुटता प्रकट की है। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा है कि ईरान की यह कार्रवाई अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान को इस तरह की कार्रवाई से बचने की चेतावनी भी दी है।

यूरोपीय संघ के देशों ने भी इस घटना की निंदा की है और कहा है कि बैलिस्टिक मिसाइलें दागना एक खतरनाक कदम है। ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने संयुक्त रूप से ईरान से इस तरह की कार्रवाई को तुरंत रोकने का आह्वान किया है।

भारत समेत अन्य देशों की प्रतिक्रिया

भारत ने भी मध्य पूर्व में इस बढ़ते हुए तनाव को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि शांति और स्थिरता के लिए सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए। भारत ने इस क्षेत्र में सभी देशों से संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान करने की अपील की है।

मध्य पूर्व के अन्य देशों ने भी यूएई के साथ अपनी एकजुटता दिखाई है। सऊदी अरब, कुवैत और कतर ने ईरान की इस आक्रामक नीति की कड़ी आलोचना की है। इस्राइल ने भी इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि मध्य पूर्व में स्थिरता बनाए रखना सभी देशों की जिम्मेदारी है।

यूएई के रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश अपनी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से सतर्क है और किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार है। देश की एयर डिफेंस सिस्टम की दक्षता और तेजी से काम करने की क्षमता को इसी घटना से प्रमाणित माना जा रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस घटना के परिणाम और गंभीर हो सकते हैं। मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से न केवल क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित हो रही है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। तेल की कीमतें बढ़ने का खतरा भी बढ़ गया है।

यूएई सरकार इस समय पूरी दुनिया के साथ संवाद कर रही है और इस मुद्दे पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई करने का प्रयास कर रही है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी इस मुद्दे पर चर्चा करने की बात कही जा रही है। उम्मीद है कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय मिलकर इस क्षेत्र में शांति स्थापित करने में सफल होगा।