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Thursday, 20 August 2026
समाचार

दिल्ली में सीएनजी सिलिंडरों में खतरनाक जुगाड़ और लापरवाही

दिल्ली में सीएनजी सिलिंडरों में जुगाड़ और ओवरफिलिंग से खतरा। टेस्टिंग में लापरवाही से बढ़ रहे हादसे। विशेषज्ञों की चेतावनी।

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Komal
संवाददाता
📅 20 August 2026, 5:46 AM ⏱ 1 मिनट 👁 1.1K views
दिल्ली में सीएनजी सिलिंडरों में खतरनाक जुगाड़ और लापरवाही
📷 aarpaarkhabar.com

दिल्ली में सीएनजी सिलिंडरों से जुड़े खतरनाक जुगाड़ और लापरवाही की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाल के दिनों में सीएनजी पंपों पर हुए विस्फोटों ने आम नागरिकों के बीच गंभीर चिंता का विषय बन गया है। विशेषज्ञों के अनुसार इन हादसों के पीछे खराब सिलिंडर, ओवरफिलिंग और सुरक्षा नियमों की खुली अनदेखी प्रमुख कारण हैं।

दिल्ली के विभिन्न सीएनजी पंपों पर किए गए छापेमारी अभियानों में अधिकारियों को ऐसे कई ख़तरनाक उदाहरण मिले हैं जहां सिलिंडरों में तकनीकी खामियां पाई गईं। इन सिलिंडरों को लापरवाही से हैंडल किया जा रहा है और बहुत ही कम जांच के साथ इनका इस्तेमाल किया जा रहा है। यह स्थिति न केवल सीएनजी सवारियों के लिए बल्कि सड़कों पर चलने वाले आम लोगों के लिए भी अत्यंत खतरनाक साबित हो सकती है।

सीएनजी सिलिंडरों में जुगाड़ की समस्या

दिल्ली के कई सीएनजी पंपों पर असली सिलिंडरों की बजाय नकली और खराब क्वालिटी के सिलिंडर का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये सिलिंडर न तो सरकारी मानकों को पूरा करते हैं और न ही किसी मान्यता प्राप्त एजेंसी द्वारा परीक्षित होते हैं। कई मामलों में तो चालक दल ने सिलिंडरों में ताप और दबाव से संबंधित सुरक्षा वाल्व को ही हटा दिया है। ये वाल्व सीधे तौर पर विस्फोट से बचाव के लिए लगाए जाते हैं।

अधिकारियों के अनुसार कुछ सीएनजी पंपों पर सिलिंडरों को अनुचित तरीके से संभाला जाता है। उन्हें गर्मी के स्रोतों के पास रखा जाता है, जो उनके आंतरिक दबाव को बढ़ाता है। कई बार तो इन सिलिंडरों की वेल्डिंग भी सही तरीके से नहीं की गई होती है। बाहर से देखने में ये सिलिंडर सामान्य दिखते हैं लेकिन अंदर से ये पूरी तरह खतरनाक होते हैं।

मेकेनिकों और दुकानदारों द्वारा किए गए जुगाड़ से न केवल सिलिंडर की क्षमता घटती है बल्कि उसका जीवनकाल भी कम हो जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक़ एक सही सीएनजी सिलिंडर की वैलिडिटी पांच साल होती है, लेकिन खराब सिलिंडर किसी भी समय फट सकते हैं।

ओवरफिलिंग और टेस्टिंग में लापरवाही

सीएनजी सिलिंडरों में ओवरफिलिंग की समस्या दिल्ली में एक आम बात हो गई है। पंपों के संचालकों का मानना है कि अधिक गैस भरने से वे ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। लेकिन इस लालच में वे सीएनजी यात्रियों की जान को खतरे में डाल रहे हैं। जब सिलिंडर में निर्धारित मात्रा से अधिक गैस भरी जाती है तो आंतरिक दबाव अस्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है।

प्रत्येक सीएनजी सिलिंडर में एक निश्चित दबाव सीमा होती है। जब यह सीमा पार हो जाती है तो सिलिंडर विस्फोट का शिकार हो सकता है। दिल्ली में हुए कई विस्फोटों की जांच में यह पाया गया है कि सिलिंडरों में ओवरफिलिंग की गई थी। कई मामलों में तो सिलिंडर में सामान्य मात्रा से सवा गुना अधिक गैस पाई गई है।

टेस्टिंग की प्रक्रिया में भी भारी लापरवाही देखी जा रही है। सरकार के नियमों के अनुसार हर सीएनजी सिलिंडर को प्रत्येक तीन साल में हाइड्रोस्टेटिक टेस्ट के लिए भेजना चाहिए। लेकिन दिल्ली में अधिकतर सिलिंडर इस टेस्ट से नहीं गुजरते। कुछ पंपों पर तो ऐसे सिलिंडर इस्तेमाल किए जा रहे हैं जिनकी टेस्टिंग अवधि पांच साल पहले समाप्त हो गई थी।

सुरक्षा नियमों की खुली अनदेखी और सरकारी कार्रवाई

दिल्ली प्रशासन द्वारा सीएनजी सिलिंडरों की सुरक्षा के लिए जो नियम बनाए गए हैं उनकी अनदेखी का सिलसिला जारी है। सीएनजी पंपों के सुरक्षा अधिकारी अक्सर अपना काम ठीक से नहीं करते। यदि कोई सिलिंडर खराब स्थिति में हो तो उसे पंप से निकाल दिया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है।

अधिकारियों ने कहा है कि वे नियमित रूप से पंपों पर छापेमारी कर रहे हैं और खराब सिलिंडरों को जब्त किया जा रहा है। लेकिन समस्या यह है कि पंपों की संख्या इतनी अधिक है कि सभी का निरीक्षण करना मुश्किल हो गया है। साथ ही, अधिकारियों की कमी भी इस समस्या को बढ़ा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सीएनजी पंपों पर कड़ी निगरानी के साथ-साथ सीएनजी चालकों को भी सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए। उन्हें नियमित रूप से अपने सिलिंडरों की जांच करनी चाहिए और खराब सिलिंडरों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। सरकार को इस दिशा में कड़े कानून बनाने चाहिए और उनका सख्ती से पालन कराना चाहिए।

दिल्ली में सीएनजी सिलिंडरों से जुड़ी यह समस्या अब गंभीर हो गई है। हर दिन के समाचारों में कहीं न कहीं किसी सीएनजी पंप पर विस्फोट की खबर सुनने को मिल रही है। यह समय जनहित के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग करता है। सरकार, प्रशासन और सीएनजी पंप संचालकों को मिलकर इस समस्या से निपटना होगा। नहीं तो आने वाले दिनों में हादसों की संख्या में भारी वृद्धि हो सकती है।