🔴 ब्रेकिंग
यश की फिल्म टॉक्सिक को UK में 18+ रेटिंग|दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग का सुरक्षा घेरा हटाया गया|नैफेड ई-कॉमर्स: छह शहरों में स्टोर खुलेंगे|उत्तराखंड में जंगल की आग के अलर्ट, सिर्फ 12.5% सही|US ग्रीन कार्ड: सरकारी मदद लेने वालों का आवेदन खारिज|रिंकू सिंह को मुसलमान घर में मधुकरी देने वाली घटना|यूपी पर लो प्रेशर एरिया: बारिश-आंधी का अलर्ट|भारतीय कपल की सलाह: विदेश न जाएं, यहीं बनाएं करियर|CM विजय और अमित शाह की चेन्नई में मुलाकात|MP स्कूल घोटाला: छात्र की हरकत से छात्राओं को पेशाब|यश की फिल्म टॉक्सिक को UK में 18+ रेटिंग|दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग का सुरक्षा घेरा हटाया गया|नैफेड ई-कॉमर्स: छह शहरों में स्टोर खुलेंगे|उत्तराखंड में जंगल की आग के अलर्ट, सिर्फ 12.5% सही|US ग्रीन कार्ड: सरकारी मदद लेने वालों का आवेदन खारिज|रिंकू सिंह को मुसलमान घर में मधुकरी देने वाली घटना|यूपी पर लो प्रेशर एरिया: बारिश-आंधी का अलर्ट|भारतीय कपल की सलाह: विदेश न जाएं, यहीं बनाएं करियर|CM विजय और अमित शाह की चेन्नई में मुलाकात|MP स्कूल घोटाला: छात्र की हरकत से छात्राओं को पेशाब|
Thursday, 20 August 2026
राजनीति

US ग्रीन कार्ड: सरकारी मदद लेने वालों का आवेदन खारिज

अमेरिका में ग्रीन कार्ड के लिए नए नियम लागू हो रहे हैं। सरकारी सहायता लेने वालों का आवेदन खारिज हो सकता है। भारतीय प्रवासियों के लिए चिंताजनक स्थिति।

author
Komal
संवाददाता
📅 20 August 2026, 7:45 AM ⏱ 1 मिनट 👁 647 views
US ग्रीन कार्ड: सरकारी मदद लेने वालों का आवेदन खारिज
📷 aarpaarkhabar.com

अमेरिका में रहने का सपना देखने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए बुरी खबर आई है। अमेरिकी सरकार ने ग्रीन कार्ड पाने की शर्तों को कड़ा करने का फैसला किया है। ट्रंप प्रशासन द्वारा लागू किए जाने वाले नए नियम 18 सितंबर से प्रभावी होंगे। इन नियमों के तहत जो भी व्यक्ति मेडिकेड, फूड स्टैंप या कोई अन्य सरकारी सहायता ले रहा है, उसका ग्रीन कार्ड आवेदन खारिज किया जा सकता है।

यह फैसला विशेष रूप से उन भारतीय प्रवासियों को प्रभावित करेगा जो आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। अमेरिका में प्रवासियों के लिए यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला है। सार्वजनिक बोझ की परिभाषा में विस्तार किया गया है, जिससे अधिक लोग इसके दायरे में आ सकते हैं। सरकार अब आवेदकों की उम्र, स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक हालात को भी ध्यान में रखेगी।

नए नियमों का विस्तृत विवरण

ट्रंप प्रशासन ने सार्वजनिक बोझ की परिभाषा को पूरी तरह बदल दिया है। पहले इसमें केवल कुछ विशेष लाभों को शामिल किया जाता था, लेकिन अब इसका दायरा बहुत बढ़ा दिया गया है। अब सरकार यह देखेगी कि क्या कोई व्यक्ति किसी भी सरकारी कार्यक्रम से लाभ ले रहा है या नहीं।

मेडिकेड और फूड स्टैंप जैसे कार्यक्रमों के तहत मिलने वाली सहायता अब ग्रीन कार्ड आवेदन के विरुद्ध कारक मानी जाएगी। इसके अलावा आवेदकों की आर्थिक स्थिति की गहन जांच की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति गरीबी रेखा के पास है या भविष्य में सरकारी सहायता की संभावना है, तो उसका आवेदन नकारा जा सकता है।

यह नियम विशेष रूप से निम्न आय वर्ग के लोगों को प्रभावित करेगा। अमेरिका में आकर बसने वाले कई प्रवासी शुरुआती दिनों में सरकारी मदद लेते हैं। वे अपने पैरों पर खड़े होने तक सामाजिक कार्यक्रमों का सहारा लेते हैं। नए नियमों में यह सब कुछ नकारात्मक कारक माना जाएगा।

भारतीय प्रवासियों पर प्रभाव

भारत से अमेरिका आने वाले प्रवासियों में से कई ऐसे हैं जो पहले कुछ समय के लिए सरकारी मदद पर निर्भर रहते हैं। विशेष रूप से वे लोग जो छोटे शहरों से आते हैं और अपने कौशल को अमेरिकी बाजार में सिद्ध करने की कोशिश करते हैं। इन नए नियमों से उनके ग्रीन कार्ड पाने की संभावनाएं कम हो जाएंगी।

भारतीय समुदाय के विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला भारतीयों के लिए विशेष रूप से कठिन है। भारत से आने वाले लोग आमतौर पर उच्च शिक्षित होते हैं और अच्छी नौकरियां पाते हैं। लेकिन कुछ परिस्थितियों में वे भी सरकारी मदद ले सकते हैं। यह नीति उन्हें निरुत्साहित करेगी।

आर्थिक संकट, बेरोजगारी या किसी अन्य कारण से यदि कोई व्यक्ति अस्थायी रूप से सरकारी सहायता लेता है, तो उसके ग्रीन कार्ड आवेदन को खारिज किया जा सकता है। यह भारतीय प्रवासियों की स्थिति को और कठिन बना देगा। भारतीय सरकार और प्रवासी कल्याण संगठनों ने इस मामले पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

कई भारतीय परिवार जो अमेरिका में बस रहे हैं, वे अब बेहद चिंतित हैं। उन्हें डर है कि नए नियमों के कारण उनके ग्रीन कार्ड आवेदन को खारिज किया जा सकता है। प्रवासी वकीलों ने सलाह दी है कि लोग नई नीति की पूरी जानकारी प्राप्त करें।

आने वाले समय में क्या हो सकता है

विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति अमेरिका में प्रवासन के रुझान को बदल देगी। अनेक भारतीय पेशेवर जो अमेरिका में जाने की योजना बना रहे थे, वे अब दोबारा सोच सकते हैं। जो लोग पहले से वहां हैं, वे भी अपनी योजनाओं में बदलाव कर सकते हैं।

क्या नए नियम भारतीय प्रवासियों के लिए संभव है कि वे ग्रीन कार्ड के बिना ही रहें? यह भी एक सवाल है जो उठ रहा है। ग्रीन कार्ड के बिना अमेरिका में दीर्घकालीन निवास और काम करना बहुत कठिन है। इससे भारतीय प्रवासी समुदाय में असंतोष बढ़ेगा।

अमेरिकी कांग्रेस में भी इस नीति पर विरोध हो रहा है। कई सांसद और प्रवासी अधिकार कार्यकर्ता इसे विभेदकारी बता रहे हैं। वे कहते हैं कि यह नीति प्रवासियों के विरुद्ध भेदभाव को बढ़ावा देगी। हालांकि, ट्रंप प्रशासन अपने निर्णय पर दृढ़ है।

भारत सरकार ने भी इस मामले में चिंता व्यक्त की है और अमेरिकी सरकार से इस बारे में बातचीत शुरू की है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह भारतीय प्रवासियों के हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। लेकिन अभी तक कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।

इन नए नियमों के कारण अनेक भारतीय परिवार अपनी भविष्य की योजनाओं को फिर से तैयार कर रहे हैं। कुछ लोग अन्य देशों में प्रवास करने के बारे में सोच रहे हैं। कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों में भारतीय प्रवासियों की रुचि बढ़ रही है।

18 सितंबर का दिन भारतीय प्रवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन होगा। उस दिन से ये नियम लागू हो जाएंगे और अमेरिका में ग्रीन कार्ड पाना और भी कठिन हो जाएगा। भारतीय समुदाय को अपनी रणनीति बदलनी होगी और नई कानूनी सलाह लेनी होगी। आने वाले महीनों में इस मुद्दे पर और अधिक विकास होने की संभावना है।