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Wednesday, 22 April 2026
व्यापार

अक्षय तृतीया 2026 – 19 या 20 अप्रैल, सही तारीख

author
Komal
संवाददाता
📅 12 April 2026, 7:15 AM ⏱ 1 मिनट 👁 363 views
अक्षय तृतीया 2026 – 19 या 20 अप्रैल, सही तारीख
📷 aarpaarkhabar.com

अक्षय तृतीया हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र दिनों में से एक माना जाता है। इस दिन को सोना खरीदने, नई शुरुआत करने और महत्वपूर्ण कार्यों को शुरू करने के लिए सबसे शुभ माना जाता है। लेकिन 2026 में अक्षय तृतीया को लेकर काफी सवाल उठ रहे हैं कि यह 19 अप्रैल को है या 20 अप्रैल को। इसी सवाल का जवाब देने के लिए हमने प्रसिद्ध ज्योतिषविद श्रीपति त्रिपाठी से संपर्क किया और उन्होंने पंचांग के अनुसार विस्तार से समझाया।

श्रीपति त्रिपाठी के अनुसार, पंचांग में तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 45 मिनट से शुरू होती है और यह 20 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 49 मिनट तक रहती है। यह महत्वपूर्ण जानकारी सभी को समझने की जरूरत है क्योंकि इससे लोगों में यह संशय बना हुआ है कि आखिरकार अक्षय तृतीया किस दिन को मनाई जाएगी। दोनों दिनों को इस तिथि के स्पर्श करने के कारण ही जनमानस में काफी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है।

शास्त्रों में उदयकालिक तिथि का महत्व

हिंदू धर्म के प्राचीन शास्त्रों में अक्षय तृतीया के निर्धारण के लिए उदयकालिक तिथि को विशेष महत्व दिया गया है। उदयकालिक तिथि का अर्थ है कि जिस दिन सूर्योदय के समय तृतीया तिथि सक्रिय रहती है, वही दिन अक्षय तृतीया माना जाता है। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण नियम है जिसे हजारों वर्षों से पालन किया जा रहा है।

2026 में 19 अप्रैल को सूर्योदय के समय तृतीया तिथि पहले से ही सक्रिय रहेगी क्योंकि यह तिथि 10 बजकर 45 मिनट से शुरू हो रही है। इसका मतलब यह है कि 19 अप्रैल को ही सूर्योदय से पहले तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी। इसीलिए शास्त्रों के अनुसार 19 अप्रैल 2026 को ही अक्षय तृतीया माना जाएगा। श्रीपति त्रिपाठी ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि पंचांग और शास्त्रों के नियमों को ध्यान में रखते हुए 19 अप्रैल को ही अक्षय तृतीया की तारीख तय की गई है।

अक्षय तृतीया का धार्मिक महत्व और परंपरा

अक्षय तृतीया को 'अक्षय' कहा जाता है क्योंकि इस दिन को किए गए सभी कार्य और दान कभी खत्म नहीं होते। इस दिन किया गया कोई भी पुण्य, व्रत या दान अमर माना जाता है। कहा जाता है कि इसी दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था और यह दिन महाभारत काल में भी बेहद महत्वपूर्ण था। द्रौपदी को इसी दिन भगवान कृष्ण ने अक्षय अन्न का वरदान दिया था।

यह दिन व्यापारियों और किसानों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। परंपरागत रूप से इसी दिन को सोना और चांदी खरीदने के लिए सबसे शुभ माना जाता है। देश भर में इस दिन को लोग नई शुरुआत करते हैं, नए व्यापार की शुरुआत करते हैं और महत्वपूर्ण निर्माण कार्य शुरू करते हैं। हजारों लोग इसी दिन दान-पुण्य करते हैं और मंदिरों में पूजा अर्चना करते हैं।

सही तारीख तय करने की प्रक्रिया

पंचांग एक प्राचीन वैदिक प्रणाली है जिसके माध्यम से चंद्रमा की गति के आधार पर तारीखें तय की जाती हैं। चंद्र मास के आधार पर हिंदू कैलेंडर बनाया गया है और इसमें विभिन्न तिथियों का वर्णन किया गया है। तृतीया तिथि चंद्र मास की तीसरी तिथि होती है। जब तक चंद्रमा और सूर्य के बीच का कोण पूरी तरह से 60 डिग्री न हो जाए, तब तक तृतीया तिथि समाप्त नहीं होती।

2026 में यह विशेष स्थिति 20 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 49 मिनट तक रहेगी। लेकिन चूंकि उदयकालिक तिथि का नियम है, इसलिए 19 अप्रैल को सूर्योदय पर ही तृतीया तिथि मौजूद रहेगी और यही दिन अक्षय तृतीया माना जाएगा।

श्रीपति त्रिपाठी जैसे प्रसिद्ध ज्योतिषविदों के अनुसार यह तय किया गया है कि 19 अप्रैल 2026 को ही सभी को अक्षय तृतीया मनानी चाहिए। इस दिन को त्योहार के रूप में मनाया जाएगा और सभी शुभ कार्य इसी दिन किए जाएंगे। हालांकि, बहुत से क्षेत्रों में स्थानीय परंपराओं और पंचांग के अनुसार अलग-अलग तारीखें भी हो सकती हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर 19 अप्रैल को ही अक्षय तृतीया मानी जाएगी।

लोगों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि अगर वे इसी दिन को सोना खरीदना चाहते हैं या कोई महत्वपूर्ण कार्य करना चाहते हैं, तो 19 अप्रैल को ही करें। पंचांग के अनुसार यही सही तारीख है और शास्त्रों के नियमों को मानते हुए भी यही उचित दिन माना गया है। अपनी सभी शुभ योजनाओं को इसी दिन पूरा करें और अक्षय तृतीया का पूरा लाभ उठाएं।