अक्षय तृतीया 2026: पूजा और सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त
आज यानी 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया का महान पर्व मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म और संस्कृति में इस दिन को सबसे शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है। अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती। यह पूरा दिन ही शुभ और मंगलकारी माना जाता है।
अक्षय तृतीया वैशाख महीने के कृष्ण पक्ष की तीसरी तारीख को मनाई जाती है। इसी दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था और इसी दिन महाभारत की रचना भी शुरू हुई थी। धार्मिक ग्रंथों में भी इस दिन का विशेष महत्व बताया गया है। कहा जाता है कि इस दिन जो भी शुभ काम किया जाता है, वह सदा के लिए शुभ फल देता है।
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना क्यों शुभ है
अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। भारतीय संस्कृति में सोने को समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सोना खरीदने से घर में सुख, समृद्धि और धन-दौलत का आगमन होता है, ऐसी मान्यता है।
लोग इस दिन अपनी क्षमता के अनुसार सोना खरीदते हैं। कोई जेवर खरीदता है, तो कोई सोने की सिक्के या बिस्कुट खरीदता है। इस दिन सोना खरीदने को एक निवेश माना जाता है जो आर्थिक और आध्यात्मिक दोनों लाभ देता है। घर की महिलाएं इस दिन नए जेवर खरीदना पसंद करती हैं क्योंकि यह एक शुभ और मंगलकारी काम माना जाता है।
इस बार अक्षय तृतीया पर सोने की कीमत में भी ध्यान रखना चाहिए। बाजार में सोने की कीमत समय के साथ बदलती रहती है, लेकिन इस दिन सोना खरीदना अपने आप में एक पवित्र कार्य माना जाता है। कई परिवार इसी दिन को अपने सोने की खरीद के लिए प्रतीक्षा करते हैं।
अक्षय तृतीया पर पूजा की विधि और महत्व
अक्षय तृतीया के दिन पूजा-पाठ करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों की पूजा की जाती है। कुछ स्थानों पर भगवान परशुराम की पूजा भी की जाती है क्योंकि उनका जन्म इसी दिन हुआ था। सूर्योदय के समय स्नान करके पूजा करना सबसे शुभ माना जाता है।
पूजा के समय घी के दीपक जलाए जाते हैं और भगवान को फूल, फल और मिठाई का भोग लगाया जाता है। घर में तुलसी के पौधे की भी पूजा की जाती है। कई परिवार इस दिन व्रत भी रखते हैं। व्रत के दौरान सात्विक भोजन किया जाता है और पूरा दिन भगवान का ध्यान किया जाता है।
इस दिन दान-पुण्य भी किया जाता है। गरीबों को खाना खिलाना, कपड़े देना और दक्षिणा देना इस दिन का महत्वपूर्ण अंग है। माना जाता है कि अक्षय तृतीया पर किया गया दान कभी खत्म नहीं होता और सदा के लिए फल देता है।
अक्षय तृतीया पर व्यापार और नए काम शुरू करना
अक्षय तृतीया को नए व्यापार और नए कार्य शुरू करने के लिए भी सबसे शुभ दिन माना जाता है। कई व्यापारी इसी दिन अपनी दुकान या कार्यालय खोलते हैं। नई परियोजनाओं की शुरुआत भी इसी दिन की जाती है। बिल्डरों और निर्माण कंपनियों के लिए भी यह दिन शुभ माना जाता है।
इस दिन किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने के लिए किसी विशेष मुहूर्त की जरूरत नहीं होती। पूरे दिन का हर पल शुभ माना जाता है। इसलिए विद्यार्थी भी अपनी परीक्षा की तैयारी शुरू कर सकते हैं, खेल के खिलाड़ी अपने प्रशिक्षण की शुरुआत कर सकते हैं और नई शिक्षा शुरू कर सकते हैं।
लोग इस दिन अपने घरों में खरीदारी भी करते हैं। नए बर्तन, नए कपड़े और नए उपकरण खरीदना इस दिन शुभ माना जाता है। घर की सफाई और रंगाई-पुताई भी इस दिन की जा सकती है। विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए भी तिथि तय की जाती है।
अक्षय तृतीया की परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है। यह दिन हमें सिखाता है कि जीवन में शुभता, सकारात्मकता और कर्म का महत्व क्या है। इस दिन को सार्थक बनाने के लिए हमें पूजा-पाठ करना चाहिए, दान-पुण्य करना चाहिए और अपने बड़ों का आशीर्वाद लेना चाहिए।
अत: आज अक्षय तृतीया के इस शुभ अवसर पर सभी को चाहिए कि वे अपने परिवार के साथ पूजा करें, सोना खरीदें, दान-पुण्य करें और नए कार्य की शुरुआत करें। यह दिन आपके जीवन में खुशियां, समृद्धि और सफलता लाएगा।




