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Thursday, 05 November 2026
समाचार

अमरनाथ यात्रा: जम्मू से पहला जत्था रवाना

author
Komal
संवाददाता
📅 03 July 2026, 5:46 AM ⏱ 1 मिनट 👁 569 views
अमरनाथ यात्रा: जम्मू से पहला जत्था रवाना
📷 aarpaarkhabar.com

जम्मू। भगवान शिव के सबसे पवित्र और रहस्यमय धाम अमरनाथ की यात्रा शुरू हो गई है। इस बार जम्मू से निकला पहला जत्था पवित्र अमरेश्वर गुफा की ओर अपनी यात्रा शुरू कर चुका है। करीब 259 वाहनों में सवार हजारों श्रद्धालु शुक्रवार की शाम पहलगाम और बालटाल आधार शिविर पर पहुंच गए हैं। शुक्रवार की सुबह ये सभी भक्त अन्य श्रद्धालुओं के साथ पवित्र गुफा की ओर रवाना हो जाएंगे और महादेव के अद्भुत और दिव्य दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

अमरनाथ यात्रा हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है। यह यात्रा न केवल एक धार्मिक कार्य है, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव भी है जो जीवन को बदल देता है। इस बार भी श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है। उन्होंने अपने घरों को छोड़कर कश्मीर की पहाड़ियों की ओर यात्रा की है ताकि वे महादेव के पवित्र धाम में उनके दर्शन कर सकें।

जम्मू से निकला पहला जत्था

यह पहला जत्था जम्मू से शुक्रवार को रवाना हुआ था। इसमें विभिन्न आयु वर्ग के श्रद्धालु शामिल हैं। बुजुर्ग, नवजवान और बच्चे सभी ने महादेव के दर्शन के लिए इस कठिन यात्रा पर निकलने का साहस किया है। यात्रा के दौरान कई श्रद्धालु भजन गाते हुए और "हर हर महादेव" का जाप करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। उनका आध्यात्मिक माहौल और भक्तिभाव देखते ही बनता है।

यह यात्रा आसान नहीं है। कश्मीर की ऊंची पहाड़ियों पर चलना, पतली हवा में सांस लेना और कठोर जलवायु सहना पड़ता है। लेकिन श्रद्धालुओं का विश्वास और समर्पण इन सभी कठिनाइयों को भूल जाता है। वे जानते हैं कि महादेव उनके साथ हैं और वे उन्हें सुरक्षित रखेंगे।

पहलगाम और बालटाल में पहुंचे श्रद्धालु

पहलगाम और बालटाल ये दोनों ही अमरनाथ यात्रा के मुख्य आधार शिविर हैं। शुक्रवार की शाम को जो श्रद्धालु ये आधार शिविर पहुंचे, वे सभी रात भर यहीं ठहरेंगे। उन्हें आराम करने का मौका दिया जाएगा ताकि वे अपनी ताकत को फिर से इकट्ठा कर सकें। शनिवार की सुबह ये सभी श्रद्धालु पवित्र गुफा की ओर अपनी यात्रा जारी रखेंगे।

आधार शिविरों पर स्वयंसेवकों की टीम तैनात है जो श्रद्धालुओं की सेवा में लगी है। उन्हें पानी, भोजन और चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। सरकार और विभिन्न संगठनों ने यह सुनिश्चित किया है कि यात्रा के दौरान कोई कठिनाई न हो।

बालटाल से यात्रा अधिक कठिन है क्योंकि यह रास्ता छोटा तो है लेकिन अधिक खड़ा और चट्टानी है। वहीं पहलगाम का रास्ता लंबा है लेकिन अपेक्षाकृत आसान माना जाता है। श्रद्धालु अपनी योग्यता और शारीरिक क्षमता के अनुसार रास्ता चुनते हैं।

महादेव के दर्शन की तैयारी

अमरनाथ गुफा में महादेव का स्वरूप बर्फ के शिवलिंग के रूप में प्रकट होता है। यह एक अद्भुत और चमत्कारिक बात है जो लाखों लोगों को आकर्षित करती है। माना जाता है कि इस गुफा में महादेव ने देवी पार्वती को अमरता का रहस्य बताया था, इसीलिए इसे अमरनाथ कहा जाता है।

श्रद्धालु इस पवित्र धाम में पहुंचकर महादेव को प्रणाम करते हैं और अपनी मनौतियां मांगते हैं। वे अपने और अपने परिवार के लिए आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। कई लोग तो अपनी पूरी जिंदगी का इंतजार इसी दिन के लिए करते हैं। उनके लिए यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं बल्कि जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।

शुक्रवार की सुबह जब ये श्रद्धालु पवित्र गुफा की ओर अपनी यात्रा शुरू करेंगे, तो उनके कदमों में महादेव के प्रति अपार भक्ति और श्रद्धा होगी। उनका यह सफर न केवल भौगोलिक होगा बल्कि आध्यात्मिक भी होगा। हर कदम पर वे महादेव के करीब पहुंचेंगे और महसूस करेंगे कि वह उनके साथ हैं, उन्हें देख रहे हैं और उनकी रक्षा कर रहे हैं।

इस वर्ष अमरनाथ यात्रा सफल और सुरक्षित हो इसके लिए सभी श्रद्धालु महादेव से प्रार्थना कर रहे हैं। वे एक दूसरे का साहस बढ़ा रहे हैं और इस कठिन लेकिन पवित्र यात्रा को पूरा करने का संकल्प ले रहे हैं। महादेव की कृपा से सभी श्रद्धालु सुरक्षित रहें, यह हम सभी की कामना है।