बीजेपी पार्षद पर आवारा पशु का हमला, सिर में गंभीर चोट
पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाके में एक भयानक घटना सामने आई है। यहां के बीजेपी पार्षद शशि चंदना पर आवारा जानवर ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हादसे में पार्षद के सिर में गंभीर चोट आई है। घटना 24 जून को मंदिर से लौटते समय घटी। फिलहाल शशि चंदना का इलाज निर्माण विहार के एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा है। यह घटना दिल्ली में आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या को लेकर एक बार फिर सवालिया निशान लगाती है।
मंडावली वार्ड के पार्षद शशि चंदना को जब मंदिर से घर लौटते समय एक आवारा जानवर ने अचानक हमला कर दिया तो यह घटना बेहद भयावह हो गई। पार्षद सड़क पर गिर गए और उन्हें गंभीर सिर की चोट आई। मौके पर ही उन्हें प्राथमिक चिकित्सा दी गई और फिर तुरंत निर्माण विहार के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि पार्षद की हालत गंभीर है और वे कुछ दिन तक अस्पताल में रहेंगे।
यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं है बल्कि दिल्ली के विभिन्न इलाकों में आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या का एक ज्वलंत उदाहरण है। पिछले कुछ महीनों में दिल्ली के कई इलाकों से आवारा जानवरों के हमले की खबरें आई हैं। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, आवारा पशुओं से संबंधित शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। खासकर सुबह और शाम के समय जब लोग सड़कों पर अधिक संख्या में निकलते हैं, तब आवारा जानवरों के हमले की घटनाएं अधिक होती हैं।
मंडावली इलाके में आवारा पशुओं की समस्या
मंडावली वार्ड पूर्वी दिल्ली का एक बेहद आबाद इलाका है। यहां लाखों लोग रहते हैं और यह इलाका व्यापार का एक बड़ा केंद्र भी है। लेकिन पिछले साल के बाद से इसी इलाके में आवारा पशुओं की समस्या बहुत बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह-शाम जब लोग घूमने के लिए निकलते हैं तो आवारा जानवर उन्हें परेशान करते हैं। बच्चों को अकेले खेलने भी नहीं दिया जा सकता क्योंकि इन आवारा पशुओं का डर रहता है।
मंडावली वार्ड के निवासियों के अनुसार, नगर निगम ने इस समस्या को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए विशेष दलों का गठन तो किया गया है लेकिन उनकी कार्यप्रणाली बहुत सुस्त है। सप्ताह में कुछ ही बार ऐसे दलों को भेजा जाता है और वह भी केवल शिकायत पर आते हैं। इसके कारण आवारा पशुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
आवारा पशुओं से बचाव के तरीके
दिल्ली की सरकार और नगर निगम आवारा पशुओं की समस्या को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न उपाय कर रहे हैं। इसमें आवारा पशुओं को पकड़ना, उन्हें शेल्टर में रखना और उनका इलाज करना शामिल है। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, इस समस्या के समाधान के लिए सिर्फ सरकारी कदमों से काम नहीं होगा। जनता को भी जागरूक होना होगा और वे आवारा पशुओं को खाना खिलाने से बचें।
अक्सर देखा जाता है कि दिल्ली के विभिन्न इलाकों में लोग आवारा कुत्तों और बिल्लियों को खाना देते हैं। इससे ये जानवर इन इलाकों में स्थायी रूप से रहने लगते हैं और उनकी संख्या बढ़ती रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लोग इन जानवरों को खाना देना कम कर दें तो ये जानवर दूसरे इलाकों में चले जाएंगे। इसके साथ ही, सरकार को भी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाना चाहिए और अधिक संख्या में आवारा पशु पकड़ने वाली दलें नियुक्त करनी चाहिए।
पार्षद के स्वास्थ्य और सुरक्षा के उपाय
बीजेपी पार्षद शशि चंदना पर हुए इस हमले के बाद, स्थानीय प्रशासन ने मंडावली इलाके में पुलिस की गश्त को बढ़ा दिया है। पुलिस अब आवारा पशुओं को नियंत्रित करने के लिए विशेष अभियान चला रहा है। नगर निगम के अधिकारियों ने भी इस बात की गंभीरता को स्वीकार किया है और कहा है कि वे इस समस्या को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने के लिए काम करेंगे।
पार्षद के स्वास्थ्य की जांच के लिए एक्स-रे और सीटी स्कैन किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, सिर की चोट गंभीर है लेकिन जान का खतरा नहीं है। उन्हें कुछ दिनों में छुट्टी मिल सकती है। इस बीच, बीजेपी और स्थानीय प्रशासन दोनों ही आवारा पशुओं की समस्या को हल करने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प ले रहे हैं।
आखिरकार, यह घटना दिल्ली प्रशासन के लिए एक अलर्ट सिग्नल है। आवारा पशुओं की समस्या को अब और टाला नहीं जा सकता। शहर के हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। नगर निगम, पुलिस और जनता सभी को मिलकर इस समस्या को हल करना होगा ताकि दिल्ली के सभी इलाकों में एक सुरक्षित और स्वास्थ्यकर वातावरण बना रहे।




