दिल्ली में सीजन का सबसे गर्म दिन, जानें गर्मी का पूर्वानुमास
दिल्ली की राजधानी में बसंत के मौसम को अलविदा कहते ही गर्मी के तेवर दिखने लगे हैं। हाल ही में मंगलवार को दिल्ली में इस सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया है। सूरज की तपती धूप ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया है। मौसम विभाग की ताजी रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले दिनों में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जाएगा। लोगों को इस भीषण गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त तैयारी करनी होगी।
दिल्ली की मेट्रोपॉलिटन मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में पारे का चढ़ना शुरू हो गया है। गत मंगलवार को जहां तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के ऊपर चला गया, वहीं न्यूनतम तापमान 20 डिग्री के आसपास रहा। आने वाले हफ्तों में इस गर्मी का दायरा और भी बढ़ने वाला है। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो अप्रैल के मध्य से लेकर मई के अंत तक दिल्ली में भीषण गर्मी का दौर चलने वाला है।
दिल्ली में बढ़ता तापमान और जनजीवन पर असर
दिल्ली की सड़कों पर चलने वाले लोग पहले से ही गर्मी से परेशान नजर आने लगे हैं। दोपहर के समय बाहर निकलना सामान्य लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। तापमान में हर दिन बढ़ोतरी के साथ बिजली की खपत में भी असाधारण वृद्धि देखी जा रही है। गर्मी के इस मौसम में वृद्ध और बीमार लोगों के लिए स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
प्रशासनिक स्तर पर भी गर्मी को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए जनता को सलाह दे रहा है। बुजुर्ग, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विशेष रूप से घर में रहने की सिफारिश की गई है। समाज के सभी वर्गों को पर्याप्त जल का सेवन करने और हल्के रंगों के कपड़े पहनने की सलाह दी जा रही है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमास और आने वाले दिन
भारतीय मौसम विभाग की सर्वश्रेष, प्रमाणिक रिपोर्ट के अनुसार, 15 अप्रैल को दिल्ली में अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान 19 से 21 डिग्री सेल्सियस के दायरे में रहेगा। इसके साथ ही आसमान ज्यादातर साफ रहेगा जिससे सूरज की प्रत्यक्ष किरणें पृथ्वी पर सीधे गिरेंगी।
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक दिल्ली का तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। ऐसा पिछले कई वर्षों में देखा गया है कि मई के दूसरे सप्ताह में गर्मी अपने चरम पर पहुंचती है। इस बार भी वही पैटर्न दिखाई दे रहा है। हवाएं भी गर्म चल रही हैं जो गर्मी को और भी बढ़ा रही हैं।
गर्मी से बचाव के उपाय और सावधानियां
इस भीषण गर्मी से बचने के लिए जनता को कई सावधानियां बरतनी चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण है दिन भर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी का सेवन करना। नल का सीधा पानी न पिएं बल्कि उबला हुआ ठंडा पानी पिएं। घर से बाहर निकलते समय हमेशा छतरी, टोपी या हल्के रंग की चादर ले जाएं।
दिन के 12 बजे से 3 बजे तक की धूप से बिल्कुल भी बाहर न निकलें। यह समय सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। खट्टे फल, दही, लस्सी, नारियल पानी और तरबूज का सेवन करें। भारी और तैलीय खाना खाने से परहेज करें। सुबह और शाम की सैर करें लेकिन दोपहर में नहीं।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सही तरीके से उपयोग करें। एयर कंडीशनर का तापमान 24-25 डिग्री से कम न रखें क्योंकि इससे बाहर का अंतर ज्यादा हो जाता है और कोल्ड-कफ का खतरा बढ़ता है। घर को हवादार रखें और सोते समय खिड़की खुली रखें। हीट स्ट्रोक की स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
दिल्ली की नगर निकाय और स्वास्थ्य विभाग भी गर्मी की तैयारी में लगे हुए हैं। खुली जगहों पर पानी के टैंकर लगाए जा रहे हैं। विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि गर्मियों में कक्षाएं सुबह ही समाप्त कर दी जाएं। कई शहरी इलाकों में रात की कक्षाएं भी लगाई जा रही हैं।
यह भी ध्यान रखना चाहिए कि बाहर से आने के बाद तुरंत ठंडे पानी में न नहाएं। शरीर को हल्का-फुल्का पानी से धोएं और फिर सामान्य तापमान का पानी इस्तेमाल करें। खेल-कूद और व्यायाम की गतिविधियां सुबह जल्दी या शाम को करें। अपने बच्चों को गर्मी से बचाव के लिए उचित कपड़े पहनाएं और उन्हें सनस्क्रीन लगवाएं।
दिल्ली की राजधानी के लिए आने वाली यह गर्मी एक बड़ी चुनौती है। लेकिन सही सावधानियां बरतकर और मौसम विभाग की सलाह को मानकर हम इस मुश्किल दौर से सुरक्षित रह सकते हैं। सभी को अपने स्वास्थ्य का खयाल रखना चाहिए और दूसरों की भी मदद करनी चाहिए। खासकर गरीब और बेघर लोगों के लिए कुछ राहत की व्यवस्था करनी चाहिए क्योंकि उन्हें गर्मी से बचाव के साधन नहीं होते। सरकार को भी इस दिशा में विशेष ध्यान देना चाहिए।




