🔴 ब्रेकिंग
TMC ऑफिस पर ताला: ममता के खिलाफ ऋतब्रत का विद्रोह|पुरानी झाड़ू हटाएं और बढ़ाएं बैंक बैलेंस|दिग्विजय सिंह राम मंदिर चंदा वापस लेंगे कोर्ट में|वैभव सूर्यवंशी का न्यू चैप्टर पोस्ट डेब्यू या सरप्राइज|शोहरत की कीमत: आलिया की ट्रोलिंग पर महेश भट्ट|उत्तर-पश्चिम भारत में तेज बारिश, मॉनसून अपडेट|मानसून में राजस्थान की 5 सबसे खूबसूरत जगहें|फ्रांस ने अमेरिका को दिया स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी गिफ्ट|राम मंदिर ट्रस्ट की छह जुलाई बैठक, इस्तीफों पर विचार|खामेनेई के जनाजे में राष्ट्रपति का दर्द भरा रोना|TMC ऑफिस पर ताला: ममता के खिलाफ ऋतब्रत का विद्रोह|पुरानी झाड़ू हटाएं और बढ़ाएं बैंक बैलेंस|दिग्विजय सिंह राम मंदिर चंदा वापस लेंगे कोर्ट में|वैभव सूर्यवंशी का न्यू चैप्टर पोस्ट डेब्यू या सरप्राइज|शोहरत की कीमत: आलिया की ट्रोलिंग पर महेश भट्ट|उत्तर-पश्चिम भारत में तेज बारिश, मॉनसून अपडेट|मानसून में राजस्थान की 5 सबसे खूबसूरत जगहें|फ्रांस ने अमेरिका को दिया स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी गिफ्ट|राम मंदिर ट्रस्ट की छह जुलाई बैठक, इस्तीफों पर विचार|खामेनेई के जनाजे में राष्ट्रपति का दर्द भरा रोना|
Sunday, 05 July 2026
समाचार

दिल्ली-NCR में CNG महंगी, पेट्रोल-डीजल के बाद झटका

author
Komal
संवाददाता
📅 26 May 2026, 7:31 AM ⏱ 1 मिनट 👁 845 views
दिल्ली-NCR में CNG महंगी, पेट्रोल-डीजल के बाद झटका
📷 aarpaarkhabar.com

दिल्ली-NCR में महंगाई का डबल अटैक, पेट्रोल-डीजल के बाद महंगी हुई CNG

देश की राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के क्षेत्रों में ईंधन की चौतरफा मार से आम जनता बेहद परेशान हो गई है। पेट्रोल और डीजल के दामों में भारी इजाफे के बाद अब दिल्ली-NCR में सीएनजी (CNG) की कीमतों में भी दो रुपये प्रति किलोग्राम का बड़ा इजाफा कर दिया गया है। यह खबर आम लोगों के लिए और भी चिंताजनक साबित हुई है क्योंकि सीएनजी को सस्ता और सुलभ ईंधन माना जाता था।

इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में सीएनजी की कीमत काफी अधिक हो गई है। जो लोग अपनी आजीविका के लिए टैक्सी, ऑटो और अन्य वाहनों पर निर्भर हैं, उनके लिए यह खबर बिल्कुल सदमे जैसी है। सीएनजी की कीमत में यह वृद्धि सीधे तौर पर आवागमन सेवाओं की कीमतों को भी प्रभावित करेगी। ऑटो चालक और टैक्सी वाले अपने किराये में बढ़ोतरी करने के लिए मजबूर हो जाएंगे, जिससे आम आदमी को और भी ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

दिल्ली-NCR में रहने वाले लाखों लोग अपनी दैनिक यात्रा के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैं। बसें, ऑटो रिक्शा और टैक्सी जैसी सेवाएं मुख्य रूप से सीएनजी से चलती हैं। सीएनजी की कीमत में इस तरह की अचानक वृद्धि से इन सेवाओं की कीमतों में भी वृद्धि होगी। यह आम लोगों की जेब पर सीधा असर डालेगा और उनके लिए आना-जाना और भी महंगा हो जाएगा।

महंगाई की मार से कमर झुकी आम जनता

पिछले कुछ महीनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सीएनजी की कीमत में यह बढ़ोतरी इसी श्रृंखला का एक हिस्सा है। वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण भारत में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं। लेकिन आम लोगों के लिए यह कोई बहाना नहीं है। उन्हें तो सिर्फ यह पता है कि उनके पास के पेट्रोल पंप पर हर दिन कीमत बढ़ रही है।

दिल्ली-NCR का आर्थिक ढांचा बिजनेस, परिवहन और सेवा क्षेत्र पर निर्भर है। ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से इन सभी क्षेत्रों में काम करने वाले लोग सीधे प्रभावित होते हैं। छोटे व्यापारी, ड्राइवर, दैनिक मजदूर और अन्य आम लोग सबसे ज्यादा महंगाई की मार झेल रहे हैं। जब सीएनजी की कीमत बढ़ती है, तो परिवहन सेवाओं की कीमत भी बढ़ जाती है, जिससे व्यावसायिक खर्च में इजाफा होता है।

कई ऑटो चालकों और टैक्सी ड्राइवरों ने अपने अनुभवों को साझा किया है। उन्होंने बताया कि सीएनजी की कीमत में हर महीने बढ़ोतरी हो रही है, जिससे उनका मुनाफा कम हो जाता है। वे अपने किराये में बढ़ोतरी करना भी नहीं चाहते हैं क्योंकि यात्रियों की पहले से कम संख्या आ रही है। यह एक दुष्चक्र है जिसमें सभी को नुकसान हो रहा है।

ईंधन संकट से जूझ रहा दिल्ली-NCR क्षेत्र

सीएनजी की बढ़ती कीमतें शहर के परिवहन नेटवर्क को भी प्रभावित कर रही हैं। दिल्ली में हजारों छोटी कारें, ऑटो रिक्शा और बसें हैं जो सीएनजी पर चलती हैं। इन सभी के संचालन में सीएनजी का बड़ा योगदान है। जब इसकी कीमत बढ़ती है, तो परिवहन सेवाएं भी महंगी हो जाती हैं।

हालांकि, सरकार की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि सीएनजी अभी भी पेट्रोल और डीजल की तुलना में सस्ता विकल्प है। लेकिन अगर कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो निकट भविष्य में सीएनजी की सस्तता का यह लाभ खत्म हो जाएगा। कई विश्लेषकों का मानना है कि सरकार को ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए और प्रयास करने चाहिए।

दिल्ली-NCR के निवासियों की एकमात्र उम्मीद यह है कि वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें कम हों और इसका असर भारतीय बाजार में भी दिखे। अभी के लिए, आम जनता को केवल अपने खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है और जहां संभव हो, परिवहन के विकल्प बदलने की कोशिश करनी पड़ रही है। लेकिन यह समाधान दीर्घकालीन नहीं है। सरकार को इस समस्या का स्थायी समाधान खोजना होगा ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।