दिल्ली में रातें गर्म! 14 साल का रिकॉर्ड टूटा
दिल्ली की वादियों में यह बार गर्मी ने एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया है जो पिछले चौदह सालों में कभी नहीं बना था। दिन की तपिश अब रात के अंधेरे में भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है। शहर की रातें अब तंदूर की तरह गर्म हो गई हैं और लोग पसीने में नहाते हुए जागते रह जाते हैं। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में रात का तापमान अब जो स्तर पर पहुंच गया है वह वाकई चिंताजनक है।
इस साल की गर्मी में कुछ अलग ही बात है। पिछली गर्मियों में जहां दिन में तापमान 48-49 डिग्री तक जाता था, वहीं रात में कम से कम 25-26 डिग्री का तापमान रहता था। लेकिन इस बार का चित्र पूरी तरह बदला हुआ है। रातें भी दिन जितनी ही गर्म बनी हुई हैं। मेट्रो स्टेशन, पार्कों और सड़कों पर रात भर लोग अपनी नींद पूरी करने की कोशिश में बैठे दिखाई देते हैं।
जनता के लिए यह स्थिति बेहद परेशान करने वाली साबित हुई है। बुजुर्ग, बच्चे और पहले से कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों के लिए यह गर्मी जानलेवा साबित हो रही है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ी हुई है। डॉक्टरों का मानना है कि रातों की गर्मी दिन की गर्मी से भी ज्यादा नुकसानदेह हो सकती है क्योंकि शरीर को रात में ठंडक की जरूरत होती है। जब शरीर को आराम नहीं मिलता तो रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है।
दिल्ली में तापमान रिकॉर्ड तोड़ने की घटनाएं
मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में जून के दूसरे सप्ताह में ही रातों का तापमान 35-36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। यह तापमान साल 2010 के बाद पहली बार रिकॉर्ड किया गया है। आमतौर पर जून में दिल्ली की रातें 25-27 डिग्री के आसपास होती हैं, लेकिन इस बार सब कुछ ही अलग रहा।
शहर के विभिन्न इलाकों में रातों का तापमान अलग-अलग रहा है। नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ एस्टेट इलाके में तो तापमान 37 डिग्री तक पहुंचा। पालम एयरपोर्ट के पास भी रात का तापमान 36 डिग्री से अधिक रहा। दिल्ली के दक्षिणी और पूर्वी इलाकों में स्थिति थोड़ी बेहतर रही, लेकिन वहां भी रात का तापमान 33-34 डिग्री रहा।
क्या इस गर्मी के पीछे का कारण क्या है? विशेषज्ञों का मानना है कि अल नीनो वेदर पैटर्न और जलवायु परिवर्तन दोनों ही इसके लिए जिम्मेदार हैं। साथ ही, शहरी इलाकों में कंक्रीट और सीमेंट की अधिकता के कारण भी तापमान में वृद्धि हुई है। पेड़ों की कटाई और ग्रीन स्पेस में कमी भी इसका एक प्रमुख कारण है।
आने वाले दिनों में राहत के संकेत
खुशखबरी यह है कि मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। जून के अंत तक दिल्ली में मानसून की बारिश शुरू हो सकती है। जब बारिश होगी तो तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को कुछ राहत मिल सकेगी। फिलहाल, मौसम विभाग इस बात की सलाह दे रहा है कि लोग दिन के समय घर के बाहर निकलने से बचें।
अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी दिल्ली को प्रभावित कर सकता है जो तापमान को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, बारिश की कोई निश्चित तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन संकेत अच्छे हैं।
लोगों की दैनंदिन परेशानियां और सरकारी कदम
इस गर्मी के कारण दिल्ली के आम नागरिकों की जिंदगी बेहद मुश्किल हो गई है। ऑफिसों में काम करने वाले कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी गिरी हुई है। स्कूल-कॉलेजों में पढ़ाई प्रभावित हुई है और परीक्षाएं भी स्थगित करनी पड़ी हैं। मजदूरों के लिए तो यह गर्मी जान का खतरा बन गई है।
दिल्ली सरकार ने कुछ कदम उठाए हैं। कूलिंग सेंटर खोले गए हैं। पानी की व्यवस्था में बढ़ोतरी की गई है। हीट एक्शन प्लान को लागू किया गया है। कुछ सरकारी कार्यालयों की कामकाजी घंटों में भी बदलाव किया गया है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालीन समाधान के लिए शहरीकरण पर नियंत्रण और ग्रीन स्पेस बढ़ाने की जरूरत है।
दिल्ली की यह गर्मी एक बड़ा संकेत है कि हमें अपनी जीवनशैली और विकास के तरीकों को बदलना होगा। पेड़-पौधों को लगाना होगा, कंक्रीट के जंगल को कम करना होगा। तब तक, लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए, खुद को हाइड्रेटेड रखना चाहिए और जहां तक संभव हो रात को ठंडी जगह पर सोना चाहिए।




