अमेरिका में बिजली बिल कितना आता है महीने में
अमेरिका में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए बिजली का बिल एक महत्वपूर्ण खर्च का विषय है। अमेरिका के फीनिक्स शहर में रहने वाली एक भारतीय महिला ने अपने अनुभव साझा किए हैं जो न केवल दिलचस्प हैं बल्कि उन लोगों के लिए मार्गदर्शक भी साबित हो सकते हैं जो विदेश जाने का सोच रहे हैं या पहले ही वहां चले गए हैं। उनके 3,000 स्क्वायर फीट के घर में सेंट्रल एयर कंडीशनिंग, हीटिंग सिस्टम और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल के बावजूद उनका बिजली बिल मौसम के अनुसार लगातार बदलता रहता है। यह बात भारत के घरों में बिजली की खपत से पूरी तरह अलग है।
भारत में जहां बिजली बिल को लेकर अक्सर लोग चिंतित रहते हैं और बिजली की कटौती भी होती है, वहीं अमेरिका में बिजली की आपूर्ति निरंतर होती है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि बिल कम आता है। बल्कि अमेरिका में घरों के आकार बड़े होते हैं और एयर कंडीशनिंग तथा हीटिंग सिस्टम की निरंतर जरूरत होती है, जिससे बिजली की खपत अधिक होती है।
फीनिक्स एक ऐसा शहर है जहां गर्मी बहुत अधिक होती है। यहां का तापमान गर्मियों में 110-115 डिग्री फॉरेनहाइट तक पहुंच जाता है। ऐसे में सेंट्रल एयर कंडीशनिंग सिस्टम का उपयोग न केवल आरामदायक होता है बल्कि आवश्यक भी हो जाता है। यह सिस्टम पूरे घर को ठंडा रखने के लिए लगातार काम करता है, जिससे बिजली की खपत में भारी वृद्धि होती है।
अमेरिका में बिजली के दाम
अमेरिका में बिजली के दाम राज्य दर राज्य अलग-अलग होते हैं। कुछ राज्यों में बिजली अपेक्षाकृत सस्ती होती है तो कुछ में महंगी। अरिजोना में भी बिजली के दाम औसत दर पर हैं। लेकिन जब गर्मी के महीनों में एयर कंडीशनिंग का लगातार उपयोग होता है, तो बिजली का बिल काफी अधिक आता है। उस भारतीय महिला के अनुसार, गर्मियों में उनका बिजली बिल 200-300 डॉलर प्रति माह तक पहुंच जाता है। यह राशि भारतीय मुद्रा में लगभग 16,000 से 25,000 रुपये होती है।
दूसरी ओर, सर्दियों में जब हीटिंग सिस्टम की जरूरत होती है, तब भी बिजली का बिल बढ़ता है, लेकिन आमतौर पर गर्मियों की तुलना में कम रहता है। इसका कारण यह है कि हीटिंग में बिजली की खपत एयर कंडीशनिंग के मुकाबले कम होती है। बसंत और पतझड़ के मौसम में जब न तो अधिक गर्मी होती है और न ही ठंड, तब बिजली का बिल सबसे कम आता है।
घर के उपकरणों की भूमिका
3,000 स्क्वायर फीट का घर काफी बड़ा होता है। ऐसे बड़े घर में आमतौर पर कई कमरे, बाथरूम, किचन और अन्य कमरे होते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी घरों में आजकल स्मार्ट होम सिस्टम, इलेक्ट्रिक वाटर हीटर, डिशवाशर, वाशिंग मशीन, ड्रायर, रेफ्रिजरेटर, माइक्रोवेव और अन्य कई उपकरण होते हैं। ये सभी उपकरण बिजली की खपत में वृद्धि करते हैं।
उस महिला के अनुसार, उनके घर में सभी आधुनिक उपकरण हैं जो दैनिक जीवन के लिए आवश्यक हैं। इनका नियमित उपयोग बिजली का बिल बढ़ाता है। लेकिन अमेरिका में बिजली इतनी मंहगी नहीं होती कि लोग इन उपकरणों का उपयोग करने से बचें। इसलिए, अधिकांश अमेरिकी घरों में ये सभी उपकरण आम हैं।
बिजली बचाने के तरीके
जहां अमेरिका में बिजली की आपूर्ति निरंतर होती है, वहीं बिजली को बचाने की सचेतता भी बढ़ रही है। पर्यावरण संरक्षण के कारण लोग अब अधिक से अधिक ऊर्जा-कुशल उपकरण खरीद रहे हैं। ये उपकरण थोड़े महंगे होते हैं, लेकिन लंबे समय में बिजली की बचत करते हैं।
उस महिला ने भी अपने घर में कई ऊर्जा-कुशल उपकरण लगवाए हैं और प्रोग्रामेबल थर्मोस्टेट का उपयोग करती हैं। इससे उनके बिजली के बिल में कुछ कमी आई है, लेकिन अमेरिकी जलवायु के कारण बिल अभी भी काफी अधिक रहता है।
अंत में, कहा जा सकता है कि अमेरिका में बिजली का बिल मौसम, घर के आकार, उपकरणों के प्रकार और ऊर्जा-कुशलता पर निर्भर करता है। भारत से अमेरिका जाने वाले लोगों को इन सभी बातों को ध्यान में रखना चाहिए और अपने बजट की योजना बनाते समय बिजली के बिल को शामिल करना चाहिए। यह जीवन यापन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।




