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Sunday, 07 June 2026
राजनीति

सोना-चांदी पर कस्टम ड्यूटी बढ़ी, विदेश से आयात होगा महंगा

author
Komal
संवाददाता
📅 13 May 2026, 7:01 AM ⏱ 1 मिनट 👁 643 views
सोना-चांदी पर कस्टम ड्यूटी बढ़ी, विदेश से आयात होगा महंगा
📷 aarpaarkhabar.com

देश की केंद्र सरकार ने सोना, चांदी और अन्य कीमती धातुओं पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने का महत्वपूर्ण फैसला ले लिया है। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोना न खरीदने की अपील के बाद उठाया गया है। इस फैसले से विदेश से सोना-चांदी मंगवाना काफी महंगा हो जाएगा और देश में इन कीमती धातुओं की कीमतें भी प्रभावित होंगी।

सरकार का यह कदम देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और विदेशी मुद्रा के बहिर्गमन को रोकने के लिए उठाया गया है। भारत में सदियों से सोना खरीदने की परंपरा रही है और यह परंपरा आज भी मजबूत है। हर त्योहार और शादी-ब्याह के मौसम में लोग सोना खरीदते हैं। लेकिन इसकी वजह से देश का विदेशी मुद्रा भंडार कम होता रहा है।

कस्टम ड्यूटी में कितनी हुई बढ़ोतरी

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने सोना-चांदी और अन्य कीमती धातुओं पर कस्टम ड्यूटी में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की है। पहले जहां सोने पर 10.75 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी लगती थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी तरह चांदी पर भी पहले जहां 6.3 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है।

अन्य कीमती धातुओं जैसे प्लेटिनम और पैलेडियम पर भी कस्टम ड्यूटी बढ़ाई गई है। इन धातुओं पर पहले 10.75 प्रतिशत ड्यूटी लगती थी, जिसे बढ़ाकर अब 15 प्रतिशत कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी सभी तरह के आभूषणों और कीमती सामानों पर लागू होगी।

गोल्ड स्मिथ और आभूषण व्यापारियों के लिए यह फैसला बेहद महत्वपूर्ण है। उन्हें अब विदेश से सोना-चांदी मंगवाते समय अधिक खर्च करना पड़ेगा। इससे आभूषणों की कीमतें भी बढ़ेंगी और आम जनता को सोना खरीदना और भी महंगा हो जाएगा।

पीएम मोदी की अपील की पृष्ठभूमि

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से सोना न खरीदने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि जो लोग सोना खरीदते हैं, वे देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करते हैं। सोना खरीदना देश के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है क्योंकि इससे विदेशी मुद्रा का भारी नुकसान होता है।

भारत में हर साल बड़ी मात्रा में विदेश से सोना मंगवाया जाता है। भारतीय परिवारों के पास करीब 25,000 टन से भी ज्यादा सोना जमा है। यह सोना बैंकों में खाते में नहीं रहता, बल्कि घरों में तिजोरियों में रखा रहता है। सरकार चाहती है कि लोग सोना खरीदने की बजाय अपने पैसे बैंकों में जमा करें या अन्य निवेश में लगाएं।

पीएम मोदी का यह कदम स्वर्ण आयात को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कोशिश है। कस्टम ड्यूटी बढ़ाने से सोने की कीमत बढ़ेगी और लोग सोना खरीदने से बचेंगे। इससे विदेशी मुद्रा का संरक्षण भी हो सकेगा।

अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव

इस फैसले का देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ने वाला है। एक तरफ तो यह विदेशी मुद्रा संरक्षण में मदद करेगा, लेकिन दूसरी तरफ सोने और चांदी से जुड़े व्यापार में मंदी आ सकती है।

आभूषण बनाने वाले कारीगरों और गोल्डस्मिथों को पहले से ही कोविड-19 महामारी के कारण काफी मुश्किलें आई हैं। कस्टम ड्यूटी बढ़ने से उनका काम और भी मुश्किल हो जाएगा। खुदरा बाजार में सोने की बिक्री में कमी आएगी क्योंकि महंगाई की वजह से लोग सोना खरीदने से बचेंगे।

लेकिन दूसरी तरफ, इस नीति से डिजिटल सोना खरीदने का चलन बढ़ेगा। ई-गोल्ड और गोल्ड बॉन्ड की मांग बढ़ेगी। बैंकों में सोना जमा करवाने की योजनाएं भी लोकप्रिय हो सकती हैं। सरकार के सोवरेन गोल्ड बॉन्ड में भी निवेश बढ़ने की उम्मीद है।

कस्टम ड्यूटी बढ़ाने का मतलब है कि अब आयातित सोना ज्यादा महंगा होगा। इससे स्वर्ण आयात में कमी आएगी और विदेशी मुद्रा बचेगी। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए यह एक आवश्यक कदम था।

अंत में, कह सकते हैं कि सरकार का यह फैसला देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। हालांकि इससे सोना खरीदने वाले लोगों को कुछ समय के लिए परेशानी हो सकती है, लेकिन दीर्घकालीन रूप से यह देश के लिए फायदेमंद साबित होगा। लोगों को इस नीति के पीछे की सार्थकता को समझना चाहिए और सरकार के इस कदम का स्वागत करना चाहिए।