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Saturday, 03 October 2026
अपराध

शादीशुदा शख्स ने प्रेमिका की हत्या कर शव बक्से में भरा

author
Komal
संवाददाता
📅 28 April 2026, 6:47 AM ⏱ 1 मिनट 👁 947 views
शादीशुदा शख्स ने प्रेमिका की हत्या कर शव बक्से में भरा
📷 aarpaarkhabar.com

कौशांबी जिले में हाईवे के किनारे एक बक्से में महिला की लाश मिलने के मामले में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस सनसनीखेज मामले में मुख्य आरोपी हर्ष खियानी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उसने पूछताछ के दौरान बताया कि उसने अपनी दूसरी पत्नी मोनी वर्मा की हत्या की थी। यह हत्या इसलिए की गई क्योंकि मोनी वर्मा उसे घर ले जाकर साथ रहने के लिए लगातार दबाव बना रही थी। यह मामला न केवल अपराध की दृष्टि से गंभीर है, बल्कि रिश्तों की जटिलताओं और हिंसा के खतरनाक परिणामों का भी उदाहरण है।

पूरे प्रकरण में यह बात सामने आई है कि आरोपी हर्ष खियानी पहले से ही एक परिवार था। वह एक शादीशुदा व्यक्ति था, लेकिन उसका मोनी वर्मा के साथ अवैध संबंध था। मोनी वर्मा इस बात को लेकर परेशान थी कि हर्ष उसे घर ले जाकर अपने साथ रहने का वादा नहीं कर रहा था। इसी विवाद के कारण दोनों के बीच तकरार और झगड़े होते रहते थे। हर्ष खियानी इस दबाव से तंग आ गया और उसने सबसे गंभीर कदम उठा दिया।

हत्या की खतरनाक घटना

पुलिस की जांच से पता चला है कि हर्ष खियानी ने मोनी वर्मा को किसी शांत जगह पर बुलाया। वहां उसने मोनी का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। यह अत्यंत निर्मम तरीके से की गई हत्या थी। हत्या के बाद आरोपी को शव से छुटकारा पाना था, इसलिए उसने अपने साथी यश गुप्ता की मदद ली। दोनों ने मिलकर मोनी के शव को एक बक्से में भर दिया और उसे हाईवे के किनारे फेंक दिया। यह सोचते हुए कि उनका यह अपराध कभी उजागर नहीं होगा, लेकिन पुलिस की सतर्कता के कारण यह योजना असफल हो गई।

जब बक्से में मृत महिला की लाश मिली, तो स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव की पहचान की प्रक्रिया शुरू की। शव की पहचान की जांच के माध्यम से पुलिस को पता चला कि यह मोनी वर्मा का शव है। तुरंत पुलिस ने अपनी जांच की शुरुआत की और हर्ष खियानी के खिलाफ सूचना दर्ज की। मोनी के परिवार से भी पुलिस ने सीधे बातचीत की और उसके आचरण और संबंधों के बारे में जानकारी एकत्र की।

पुलिस की कुशल जांच और गिरफ्तारी

कौशांबी पुलिस ने इस मामले में बेहद सतर्कता से काम लिया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और साक्षियों की गवाही के आधार पर हर्ष खियानी को ट्रैक किया। जल्द ही पुलिस को हर्ष खियानी का ठिकाना पता चल गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान हर्ष खियानी ने पूरा सच बता दिया। उसने बताया कि कैसे मोनी वर्मा लगातार उसे परेशान कर रही थी और अपने साथ रहने का दबाव बना रही थी। इसी गुस्से में आकर उसने यह जघन्य अपराध किया।

पुलिस ने यश गुप्ता को भी गिरफ्तार किया, जो हर्ष का सहयोगी था। यश गुप्ता ने भी अपनी भूमिका स्वीकार की। वह जानता था कि हर्ष ने मोनी की हत्या की है, फिर भी उसने शव को बक्से में भरने और हाईवे पर फेंकने में मदद की। यह साक्ष्य साथी की अपराध में भागीदारी को साबित करते हैं। पुलिस ने दोनों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए जेल भेज दिया है।

अपराध और सामाजिक चिंता

यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। अवैध संबंधों से उपजने वाले विवाद और तनाव कितने खतरनाक परिणाम दे सकते हैं, इसका यह एक भीषण उदाहरण है। जब रिश्तों में ईमानदारी और सत्यनिष्ठा नहीं होती, तो हिंसा का रास्ता अपने आप खुल जाता है। मोनी वर्मा की हत्या केवल एक अपराध नहीं है, यह एक परिवार का टूटना है, एक जीवन का अंत है।

हर्ष खियानी की यह करतूत दिखाती है कि कैसे एक आदमी अपने स्वार्थ के लिए किसी और की जान ले सकता है। यह मामला महिला सुरक्षा के मुद्दे को भी उजागर करता है। अगर समाज में महिलाओं के साथ सम्मान का व्यवहार किया जाए और उन्हें यह समझाया जाए कि वह किसी के खिलौने नहीं हैं, तो ऐसे अपराध में कमी आ सकती है। कौशांबी पुलिस की इस कुशल जांच के लिए सराहना की जानी चाहिए कि उन्होंने अपराधियों को न्याय के कटघरे में खड़ा किया है।