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Thursday, 04 June 2026
समाचार

गर्मी और लू का अलर्ट, मौसम विभाग की चेतावनी

author
Komal
संवाददाता
📅 17 April 2026, 7:30 AM ⏱ 1 मिनट 👁 383 views
गर्मी और लू का अलर्ट, मौसम विभाग की चेतावनी
📷 aarpaarkhabar.com

देश भर में इस समय मौसम ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। भीषण गर्मी और उमस की दोहरी मार से लोग परेशान हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी इस स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आने वाला है। देश के विभिन्न राज्यों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर चला गया है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

भारतीय मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए पीला और नारंगी अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मौसम बेहद गंभीर है और लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। गर्मी के कारण बिजली की मांग में भी भारी इजाफा देखा जा रहा है। कई इलाकों में तो बिजली की कटौती भी बढ़ा दी गई है।

गर्मी में राहत के संकेत नहीं

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले कम से कम दस दिनों में तापमान में कोई खास कमी नहीं आने वाली है। उत्तर भारत के राज्यों में तो स्थिति और भी गंभीर है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में तापमान लगातार बढ़ रहा है। कई शहरों में तो रात का तापमान भी 30 डिग्री से ऊपर रह गया है, जिससे लोगों को रात में भी ठीक से नींद नहीं आ पा रही है।

राजस्थान और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में तो हालात और भी खराब हैं। यहां का तापमान 46-47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। लू की तेज गति से लोगों की बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी लोगों को घर में रहने की सलाह दे रहे हैं। बुजुर्ग और बच्चों के लिए तो यह मौसम बेहद खतरनाक साबित हो रहा है।

नमी ने बढ़ाई परेशानी

जहां उत्तर और मध्य भारत में सूखी गर्मी है, वहीं पूर्वी भारत के राज्यों में भारी नमी है। इस नमी और गर्मी के संयोग से तापमान और भी ज्यादा महसूस होता है। पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओड़िशा में नमी का स्तर 70 से 80 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इससे लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही है।

नमी की वजह से पसीना आसानी से सूखता नहीं है, जिससे शरीर पर चकत्ते और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर लोगों को त्वचा संबंधी समस्याओं के बारे में सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। इसके अलावा, नमी के कारण बैक्टीरिया और वायरस भी जल्दी फैल रहे हैं, जिससे संक्रमण के मामले भी बढ़ रहे हैं।

सरकार ने दिए सुझाव

मौसम विभाग और स्वास्थ्य मंत्रालय ने जनता को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। सबसे पहली सलाह यह है कि दिन के 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। इस समय लू सबसे तेज होती है। अगर किसी को बाहर जाना ही पड़े तो सफेद कपड़े पहनें, धूप में टोपी या छाता लगाएं और चेहरे को कपड़े से ढकें।

पानी का खूब सेवन करें। दिन में कम से कम दो-तीन लीटर पानी पीना चाहिए। तरल पदार्थ जैसे नारियल पानी, छाछ, जूस और स्पोर्ट्स ड्रिंक भी ले सकते हैं। खाने में हल्के और पौष्टिक भोजन खाएं। तीखा, मसालेदार और ज्यादा तेल वाला खाना खाने से बचें।

बिजली की बचत भी जरूरी है। एयर कंडीशनर को 25 डिग्री से कम तापमान पर न रखें। अगर संभव हो तो कूलर का इस्तेमाल करें। पंखा चलाएं और खिड़कियों को खुला रखें। सोते समय भी ठीक से हवा का संचार जरूरी है।

बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ख्याल रखें। उन्हें हर घंटे पानी पिलाएं। अगर किसी को लू लग जाए तो तुरंत किसी ठंडे कमरे में ले जाएं, पानी से उसके शरीर को पोंछें और डॉक्टर को दिखाएं। चक्कर आना, सिर दर्द, उल्टी या बेहोशी के संकेत दिखें तो तुरंत एम्बुलेंस बुलाएं।

मौसम विभाग का कहना है कि मई के अंत या जून की शुरुआत में मानसून की बारिश की संभावना है। यह बारिश इस भीषण गर्मी से राहत दिलाएगी। लेकिन तब तक लोगों को सावधानी से रहना होगा। सरकारी और निजी स्तर पर भी कई केंद्र खोले गए हैं जहां गर्मी से बचने के लिए लोग जा सकते हैं। स्कूलों और कॉलेजों की छुट्टियां भी बढ़ा दी गई हैं।

इस गंभीर मौसम में अपना और अपने परिवार का ख्याल रखना सबका कर्तव्य है। सरकारी निर्देशों का पालन करें और एक-दूसरे की मदद करें। बुजुर्ग और जरूरतमंद लोगों को पानी और भोजन उपलब्ध कराएं। एक साथ मिलकर हम इस कठिन समय से बाहर आ सकते हैं।