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Tuesday, 21 April 2026
मौसम

उत्तर भारत में लू का कहर; पश्चिमी और मध्य भारत में अलर्ट

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Komal
संवाददाता
📅 15 April 2026, 6:30 AM ⏱ 1 मिनट 👁 497 views
उत्तर भारत में लू का कहर; पश्चिमी और मध्य भारत में अलर्ट
📷 aarpaarkhabar.com

उत्तर भारत में गर्मी के बढ़ते प्रकोप ने लोगों की परेशानी को बढ़ा दिया है। देश के विभिन्न हिस्सों में तापमान में भारी इजाफा देखा जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने पश्चिमी, पूर्वी और मध्य भारत के अधिकतर हिस्सों में लू का अलर्ट जारी किया है। इस गर्मी की चपेट में पूरा देश आ गया है और लोगों को घर से बाहर निकलते समय अत्यंत सावधानी बरतनी चाहिए।

इस वर्ष की गर्मी अपने तीखे तेवर दिखा रही है। जिन शहरों में आमतौर पर मई-जून में लू की घटनाएं होती हैं, वहां अप्रैल में ही तापमान चरम सीमा को छू गया है। दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में तापमान चालीस डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। कुछ क्षेत्रों में तो बयालीस से तेतालीस डिग्री तक का तापमान दर्ज किया गया है।

उत्तर भारत में गर्मी की विकराल स्थिति

उत्तर भारत के विभिन्न शहरों में तापमान में अभूतपूर्व वृद्धि देखी जा रही है। दिल्ली में तापमान सामान्य से काफी ऊपर जा गया है। राजस्थान के कई जिलों में तो स्कूलों के लिए ग्रीष्मकालीन छुट्टियां पहले ही घोषित कर दी गई हैं। उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। लोग घरों से बाहर निकलना टालने लगे हैं क्योंकि बाहर निकलना ही असंभव हो गया है।

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले सप्ताह में इस गर्मी में और भी तेजी आने वाली है। किसानों के लिए यह स्थिति बेहद गंभीर है क्योंकि खेतों में काम करना अत्यंत कठिन हो गया है। पशुपालकों को भी अपने जानवरों की देखभाल के लिए रात को ही काम करना पड़ रहा है।

स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी चेतावनियां

लू के इस अलर्ट के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को कई जरूरी सलाह दी हैं। बुजुर्ग व्यक्तियों, बच्चों और कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। लू लगने से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनना चाहिए। बाहर निकलते समय छाता, टोपी और धूप का चश्मा अवश्य लगाना चाहिए। दोपहर के बारह बजे से लेकर चार बजे तक घर में ही रहना सबसे सुरक्षित है।

स्कूलों और कार्यालयों में एयर कंडीशनिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। श्रमिकों को काम के दौरान नियमित अंतराल पर आराम करने दिया जाए। निर्माण कार्यों को सुबह के समय ही पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए। कमजोर तबकों को पीने के पानी की समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए।

मौसम विभाग की भविष्यवाणी और आगामी दिनों की स्थिति

भारतीय मौसम विभाग ने अपने आधुनिक उपकरणों के माध्यम से अगले सप्ताह की मौसम संबंधी जानकारी दी है। अप्रैल के मध्य से अंत तक और फिर मई की शुरुआत में इस गर्मी में और भी बढ़ोतरी होने की संभावना है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ेगा।

मई के महीने में पूरे देश में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है। इसलिए सरकारी एजेंसियों को अभी से तैयारी कर लेनी चाहिए। गर्मी में होने वाली बीमारियों के प्रबंधन के लिए अस्पतालों में अतिरिक्त स्टॉफ और दवाइयों की व्यवस्था करनी चाहिए।

बिजली की मांग इस गर्मी में रिकॉर्ड स्तर को छू सकती है। इसलिए बिजली विभागों को पहले से ही अतिरिक्त बिजली उत्पादन और आपूर्ति के लिए तैयारी करनी चाहिए। जल संरक्षण को लेकर भी सख्त कदम उठाने चाहिए क्योंकि इस गर्मी में जल की मांग में भी भारी इजाफा होगा।

नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने परिवार के सभी सदस्यों को इस गर्मी से बचाने के लिए जरूरी सावधानियां बरतें। बाहर से आने के बाद तुरंत ठंडे पानी से नहा लें। गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या के लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सामूहिक स्तर पर भी समाज के कमजोर वर्गों की मदद करनी चाहिए।

यह समय बहुत ही चुनौतीपूर्ण है लेकिन सतर्कता और सामूहिक प्रयासों से हम इस संकट को कम किया जा सकता है। सभी को अपनी और दूसरों की जिम्मेदारी समझनी होगी।