🔴 ब्रेकिंग
रुबीना दिलैक की प्रेग्नेंसी में दोस्तों ने तोड़ा भरोसा|इस्लामाबाद वार्ता में कंफ्यूजन, वेंस जाएंगे या नहीं|दही को खट्टा होने से बचाएं – सरल घरेलू तरीका|मुरादाबाद में पति-पत्नी की निर्मम हत्या, पड़ोसी गिरफ्तार|FBI निदेशक काश पटेल ने द अटलांटिक पर मानहानि मुकदमा दायर किया|सूरत रेलवे स्टेशन पर थार कार हादसा, दीवार क्षतिग्रस्त|पानी टंकी खोदाई में कब्रिस्तान को नुकसान|सारा अली खान का बोल्ड अवतार, रिवीलिंग ड्रेस में स्टनिंग पोज|मणिपुर में 5.2 तीव्रता का भूकंप, कामजोंग में झटके|गर्मी की लहर से बचाव: 45°C तापमान और सावधानियां|रुबीना दिलैक की प्रेग्नेंसी में दोस्तों ने तोड़ा भरोसा|इस्लामाबाद वार्ता में कंफ्यूजन, वेंस जाएंगे या नहीं|दही को खट्टा होने से बचाएं – सरल घरेलू तरीका|मुरादाबाद में पति-पत्नी की निर्मम हत्या, पड़ोसी गिरफ्तार|FBI निदेशक काश पटेल ने द अटलांटिक पर मानहानि मुकदमा दायर किया|सूरत रेलवे स्टेशन पर थार कार हादसा, दीवार क्षतिग्रस्त|पानी टंकी खोदाई में कब्रिस्तान को नुकसान|सारा अली खान का बोल्ड अवतार, रिवीलिंग ड्रेस में स्टनिंग पोज|मणिपुर में 5.2 तीव्रता का भूकंप, कामजोंग में झटके|गर्मी की लहर से बचाव: 45°C तापमान और सावधानियां|
Wednesday, 22 April 2026
व्यापार

घर पर मल्टीग्रेन आटा बनाने की आसान विधि

author
Komal
संवाददाता
📅 12 April 2026, 7:31 AM ⏱ 1 मिनट 👁 448 views
घर पर मल्टीग्रेन आटा बनाने की आसान विधि
📷 aarpaarkhabar.com

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई अपने परिवार के लिए स्वास्थ्यकर खाना बनाना चाहता है। पोषण से भरपूर खाना खाना हर व्यक्ति की इच्छा होती है, लेकिन बाजार में मिलने वाले प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता को लेकर अक्सर संशय रहता है। ऐसे में घर पर ही मल्टीग्रेन आटा बनाना एक शानदार विकल्प साबित हो सकता है।

मल्टीग्रेन आटा विभिन्न अनाजों, दालों और बीजों को मिलाकर तैयार किया जाता है। इसमें गेहूं, जौ, मक्का, चना, मूंगफली और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर सामग्रियां शामिल होती हैं। यह आटा न केवल स्वास्थ्यकर होता है, बल्कि इसका स्वाद भी साधारण गेहूं के आटे से कहीं बेहतर होता है।

मल्टीग्रेन आटा के फायदे

मल्टीग्रेन आटा खाने के असंख्य लाभ हैं। सबसे पहली बात यह है कि इसमें विभिन्न तरह के अनाज और दालें होती हैं, जिससे यह संपूर्ण पोषण प्रदान करता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और खनिज की मात्रा साधारण आटे की तुलना में कहीं अधिक होती है।

इस आटे को खाने से पाचन शक्ति में सुधार होता है क्योंकि इसमें उच्च मात्रा में फाइबर होता है। डायबिटीज के रोगियों के लिए भी मल्टीग्रेन आटा बहुत फायदेमंद माना जाता है क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। बच्चों के विकास के लिए भी यह आटा बेहद उपयोगी है क्योंकि इसमें सभी जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं।

मल्टीग्रेन आटा खाने से वजन नियंत्रण में भी मदद मिलती है। इसमें मौजूद फाइबर लंबे समय तक पेट को भरा रखता है, जिससे बार-बार खाने की इच्छा नहीं होती। इसके अलावा, यह आटा हड्डियों को मजबूत बनाने, कोलेस्ट्रॉल कम करने और ह्रदय रोग से बचाव के लिए भी जाना जाता है।

घर पर मल्टीग्रेन आटा बनाने की सामग्री

घर पर मल्टीग्रेन आटा बनाने के लिए आपको कुछ बुनियादी सामग्रियों की आवश्यकता होगी। सबसे पहले आपको एक किलो गेहूं लेना होगा क्योंकि यही इस आटे का मुख्य आधार होता है। इसके अलावा आप दो सौ ग्राम जौ, डेढ़ सौ ग्राम चना, एक सौ ग्राम बाजरा, सत्तर ग्राम मक्का के दाने, पचास ग्राम मूंगफली, पचास ग्राम तिल और पचास ग्राम अलसी के बीज ले सकते हैं।

इसके अलावा आप अपनी पसंद के अनुसार अन्य सामग्रियां भी शामिल कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, आप मेथी के दाने, सूरजमुखी के बीज या कद्दू के बीज भी मिला सकते हैं। हर परिवार की जरूरत और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए आप अपने अनुसार सामग्री का अनुपात तय कर सकते हैं।

घर पर मल्टीग्रेन आटा बनाने की आसान विधि

मल्टीग्रेन आटा बनाने की प्रक्रिया बहुत ही सरल है। सबसे पहले आप जो भी अनाज और बीज इस्तेमाल करना चाहते हैं, उन्हें अलग-अलग रोस्ट करें। इसके लिए आप एक कड़ाही में तेल या बिना तेल के आंच पर इन्हें भून सकते हैं। भूनने से इनका स्वाद और सुगंध दोनों बेहतर हो जाते हैं।

भूनने के बाद जब सभी सामग्रियां ठंडी हो जाएं, तो उन्हें एक कपड़े पर फैलाकर साफ करें। इससे कोई भी गंदगी हट जाएगी। अब इन सभी सामग्रियों को एक साथ किसी बड़े बर्तन में मिलाएं और अच्छे से मिलाएं ताकि सभी चीजें समान रूप से मिल जाएं।

अब इस मिश्रण को अपने नजदीकी आटा चक्की में ले जाएं। आटा चक्की वाले को बताएं कि इसे महीन आटे के रूप में पीसना है। कुछ आटा चक्कियां आपको थोड़ा अतिरिक्त चार्ज कर सकती हैं क्योंकि इसमें विभिन्न सामग्रियां होती हैं, लेकिन यह खर्च स्वास्थ्य के नाम पर सार्थक है।

आटा तैयार होने के बाद इसे किसी एयरटाइट डिब्बे में रखें। इस आटे को किसी ठंडे और सूखे स्थान पर संरक्षित करना चाहिए। सही तरीके से रखा गया मल्टीग्रेन आटा करीब दो से तीन महीने तक खराब नहीं होता।

इस आटे को आप अपनी रोजाना की रोटी, पूरी, पराठे और अन्य व्यंजनों में इस्तेमाल कर सकते हैं। शुरुआत में आप सामान्य गेहूं के आटे में थोड़ा-थोड़ा मल्टीग्रेन आटा मिलाकर शुरू कर सकते हैं, फिर धीरे-धीरे इसकी मात्रा बढ़ा सकते हैं।

घर पर बने मल्टीग्रेन आटे का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप इसमें क्या-क्या मिला रहे हैं, इसका पूरा नियंत्रण आपके पास होता है। बाजार में बिकने वाले आटे में कभी-कभी मिलावट की संभावना भी होती है, लेकिन घर पर बना आटा पूरी तरह विश्वसनीय और शुद्ध होता है। तो आज ही शुरू करें और अपने परिवार के स्वास्थ्य में सुधार लाएं।